HCL Technologies के शेयरों में बुधवार को तेज गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों की संपत्ति पर बड़ा असर पड़ा। शुरुआती कारोबार में कंपनी के शेयर करीब 9% से ज्यादा टूट गए, जिससे बाजार में हलचल बढ़ गई।
बीजनेस न्यूज़: भारतीय आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी HCL Technologies के शेयरों में बुधवार को भारी गिरावट देखने को मिली। बाजार खुलते ही कंपनी के शेयर 9% से अधिक टूट गए, जिससे निवेशकों के साथ-साथ कंपनी के संस्थापक Shiv Nadar की संपत्ति पर भी बड़ा असर पड़ा। यह गिरावट कंपनी के हालिया तिमाही नतीजों के बाद आई, जो बाजार की उम्मीदों से कमजोर माने जा रहे हैं।
शेयर बाजार में तेज गिरावट: मिनटों में नुकसान
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर सुबह के कारोबार में HCL Technologies का शेयर लगभग 9.20% गिरकर ₹1,308.90 के स्तर पर पहुंच गया। इस तेज गिरावट के कारण कंपनी का मार्केट कैप घटकर लगभग ₹3.55 लाख करोड़ रह गया, जिससे निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ। कंपनी ने हाल ही में वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजे घोषित किए थे, जिनमें मिला-जुला प्रदर्शन देखने को मिला।
- शुद्ध लाभ (Net Profit): ₹4,488 करोड़ (4.2% YoY वृद्धि)
- पिछले वर्ष इसी अवधि में लाभ: ₹4,307 करोड़
हालांकि लाभ में हल्की बढ़ोतरी हुई, लेकिन बाजार की उम्मीदें इससे कहीं ज्यादा थीं। इसके साथ ही कंपनी ने बताया कि वैश्विक मांग का माहौल अस्थिर बना हुआ है, जिस पर टैरिफ और खर्च में कटौती का दबाव है।
राजस्व में बढ़ोतरी, लेकिन भविष्य की गाइडेंस कमजोर

HCL Technologies का ऑपरेशनल रेवेन्यू इस तिमाही में 12.34% बढ़कर ₹33,981 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले साल ₹30,246 करोड़ था। लेकिन कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 के लिए केवल 1% से 4% की ग्रोथ का अनुमान दिया है, जिसे निवेशकों ने कमजोर संकेत माना। इसी अनुमान ने बाजार में निराशा पैदा की और शेयरों में बिकवाली शुरू हो गई।
शिव नादर की संपत्ति में भारी गिरावट
इस गिरावट का सीधा असर Shiv Nadar की नेटवर्थ पर भी पड़ा। फोर्ब्स रियल टाइम बिलेनियर लिस्ट के अनुसार:
- उनकी कुल संपत्ति: लगभग $28.9 बिलियन (करीब ₹2.07 लाख करोड़)
- एक दिन में गिरावट: 6.64%
- कुल नुकसान: लगभग $2.1 बिलियन (करीब ₹27,000 करोड़)
इस गिरावट के बावजूद वे दुनिया के शीर्ष अमीर व्यक्तियों में शामिल हैं और वर्तमान में रैंकिंग में 84वें स्थान पर हैं। Shiv Nadar भारत के प्रमुख उद्योगपतियों में से एक हैं और उन्होंने HCL Technologies की स्थापना की थी। वे भारत के सबसे बड़े दानवीरों में भी गिने जाते हैं और शिक्षा व सामाजिक कार्यों में बड़े पैमाने पर योगदान देते हैं।








