नीतीश कुमार से जुड़े Hijab Video पर राजनीति तेज हो गई है। उमर अब्दुल्ला, इल्तिजा मुफ्ती और सपा नेताओं ने इसे महिला गरिमा के खिलाफ बताते हुए मुख्यमंत्री के व्यवहार पर सवाल खड़े किए हैं।
New Delhi: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़ा एक वायरल वीडियो देशभर की राजनीति में हलचल मचा रहा है। इस वीडियो में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार एक महिला को नियुक्ति पत्र देते समय उसका हिजाब खींचते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आते ही विपक्षी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे असंवेदनशील तथा अस्वीकार्य बताया है। इस पूरे मामले पर जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का बयान भी सामने आया है, जिसने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
उमर अब्दुल्ला का नीतीश कुमार पर तीखा हमला
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस वायरल वीडियो को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को लंबे समय तक एक धर्मनिरपेक्ष नेता के रूप में देखा जाता रहा है, लेकिन अब उनका असली चेहरा सामने आ रहा है। उमर अब्दुल्ला ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि किसी महिला के धार्मिक पहनावे के साथ इस तरह का व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य है। उनका कहना था कि सार्वजनिक जीवन में बैठे नेताओं को विशेष जिम्मेदारी और संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।
जम्मू कश्मीर के पुराने घटनाक्रम का जिक्र
उमर अब्दुल्ला ने इस मौके पर जम्मू कश्मीर में चुनावों के दौरान हुई एक पुरानी घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय महबूबा मुफ्ती द्वारा एक महिला मतदाता का बुर्का हटवाने की घटना भी उतनी ही दुर्भाग्यपूर्ण थी। उन्होंने साफ कहा कि चाहे मामला कहीं का हो या किसी भी दल से जुड़ा हो, इस तरह की हरकतों को सही नहीं ठहराया जा सकता। उमर अब्दुल्ला के अनुसार, महिला की गरिमा और उसकी धार्मिक पहचान का सम्मान हर हाल में होना चाहिए।
वायरल हुआ वीडियो
यह वीडियो पटना में आयोजित एक सरकारी समारोह का बताया जा रहा है, जहां नए नियुक्त आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे थे। वीडियो में दिखता है कि जब एक महिला मंच पर आती है, तो नीतीश कुमार प्रमाण पत्र देते समय अचानक उसका हिजाब नीचे खींच देते हैं। इससे महिला का चेहरा और ठोड़ी दिखने लगती है। यह सब महिला के कुछ कहने से पहले ही हो जाता है।

इल्तिजा मुफ्ती की कड़ी प्रतिक्रिया
पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती ने भी इस वायरल वीडियो पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताया और नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाए। मीडिया से बात करते हुए इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि यह घटना मुस्लिम महिलाओं के प्रति घोर असंवेदनशीलता को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि किसी मुख्यमंत्री को यह समझ होनी चाहिए कि किसी मुस्लिम महिला के हिजाब को इस तरह छूने या हटाने का क्या अर्थ होता है। उनका कहना था कि सत्ता में होने का मतलब यह नहीं है कि किसी की व्यक्तिगत और धार्मिक सीमाओं को तोड़ा जाए।
मुस्लिम महिलाओं की गरिमा पर सवाल
इल्तिजा मुफ्ती ने यह भी कहा कि सिर्फ इसलिए कि कोई व्यक्ति राज्य का मुख्यमंत्री है, उसे किसी महिला के पर्दे को खींचने का कोई अधिकार नहीं मिल जाता। उन्होंने इस घटना को मुस्लिम महिलाओं की गरिमा के खिलाफ बताया और कहा कि इस तरह के व्यवहार से समाज में गलत संदेश जाता है। उनका मानना है कि ऐसे कृत्य अल्पसंख्यक समुदाय में डर और असुरक्षा की भावना को बढ़ाते हैं।
समाजवादी पार्टी नेताओं की चिंता
इस मामले पर समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस कृत्य को खेदजनक बताया और कहा कि यह बेहद दुखद है कि राज्य के सर्वोच्च पद पर बैठा व्यक्ति ऐसा व्यवहार करता हुआ दिखाई दे। उन्होंने मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता जताई, लेकिन साथ ही यह साफ किया कि किसी भी स्थिति में ऐसे आचरण को उचित नहीं ठहराया जा सकता।












