Himachal Weather: भारी बारिश और भूस्खलन से 149 सड़कें बंद, 6 जिलों में अलर्ट; बिजली-पानी प्रभावित

हिमाचल में भारी बारिश और भूस्खलन से 149 सड़कें बंद हैं। 60 ट्रांसफार्मर और 35 जलापूर्ति योजनाएं प्रभावित हैं, 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है।

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित है। प्रदेश में 149 सड़कें बंद हैं, बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित हुई है। कांगड़ा, चंबा, मंडी, कुल्लू, बिलासपुर और शिमला में भारी बारिश का अलर्ट है।

शिमला: हिमाचल प्रदेश में लगातार भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। पिछले 24 घंटों में मंडी, कांगड़ा और अन्य क्षेत्रों में तेज बारिश दर्ज की गई। भूस्खलन के कारण प्रदेश में 149 सड़कें बंद हैं, जबकि बिजली और पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। मौसम विभाग ने छह जिलों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है।

भारी बारिश और भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित

हिमाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश हुई है। मंडी में सबसे अधिक 111.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा कांगड़ा में 89 मिलीमीटर, सुंदरनगर में 71 मिलीमीटर, पालमपुर में 46.4 मिलीमीटर और पांवटा साहिब में 46.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।

शिमला समेत कई क्षेत्रों में रविवार सुबह भी भारी बारिश हुई। शिमला, सुंदरनगर और कांगड़ा के कई इलाकों में धुंध छाई रही। लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण सड़क यातायात प्रभावित हुआ है और कई स्थानों पर जलभराव के साथ घरों में पानी पहुंचने की स्थिति बनी है।

6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने रविवार को कई स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कांगड़ा, चंबा, मंडी, कुल्लू और बिलासपुर के साथ शिमला में भी भारी बारिश को लेकर अलर्ट है।

हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार 24 अगस्त से प्रदेश में बारिश की तीव्रता कम होने की संभावना है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी है। खराब मौसम के दौरान यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

149 सड़कें बंद, मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित

भारी बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में कुल 149 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। मंडी जिले में सबसे अधिक 86 सड़कें बंद पड़ी हैं। इसके अलावा कुल्लू में 31 और शिमला में 10 सड़कें बंद हैं।

संबंधित विभागों की ओर से बंद सड़कों को खोलने का काम किया जा रहा है। कई क्षेत्रों में बारिश का पानी जमा होने से आवाजाही प्रभावित हुई है। कुछ स्थानों पर घरों में भी पानी घुस गया है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बिजली और पेयजल योजनाएं भी प्रभावित

बारिश के कारण प्रदेश में 60 विद्युत ट्रांसफार्मर यानी DTR ठप हुए हैं। इनमें चंबा के 20 और मंडी के 25 ट्रांसफार्मर शामिल हैं। ट्रांसफार्मर खराब होने से कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है।

इसके अलावा प्रदेश में 35 जल आपूर्ति योजनाएं भी बाधित हुई हैं। इनमें अकेले हमीरपुर की 30 योजनाएं शामिल हैं। योजनाओं के प्रभावित होने से कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बाधित हुई है।

अब तक 1121.29 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन

प्रदेश में 30 जून से अब तक बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से 1121.29 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है। इस दौरान 90 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 376 मकानों को नुकसान पहुंचा है।

सड़कों और पुलों को हुए नुकसान के कारण लोक निर्माण विभाग को 836.72 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। वहीं जलशक्ति विभाग की पेयजल योजनाओं को हुए नुकसान का आंकड़ा 258.61 करोड़ रुपये आंका गया है।

लगातार बारिश के बीच प्रशासन और संबंधित विभाग बंद सड़कों को बहाल करने तथा बिजली और पेयजल आपूर्ति को सामान्य करने में जुटे हैं। लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की गई है।

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