Hindustan Copper OFS: सरकार बेचेगी 6% तक हिस्सेदारी, शेयर 7% से ज्यादा टूटा

Hindustan Copper OFS: सरकार ने OFS के जरिए हिंदुस्तान कॉपर में 6% तक हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। ₹514 के फ्लोर प्राइस के बाद शेयर में 7% से ज्यादा की

सरकार की ओर से ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए हिंदुस्तान कॉपर में 6 फीसदी तक हिस्सेदारी बेचने के ऐलान का असर मंगलवार को कंपनी के शेयरों पर साफ दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में स्टॉक 6 फीसदी से ज्यादा टूट गया।

Hindustan Copper OFS: केंद्र सरकार हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड में ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए 6% तक हिस्सेदारी बेचने जा रही है। सरकार ने इसके लिए ₹514 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है। OFS की घोषणा के बाद कंपनी के शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली और शुरुआती कारोबार में स्टॉक 7% से अधिक टूट गया।

बिजनेस न्यूज़: सरकारी स्वामित्व वाली कॉपर उत्पादक कंपनी हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL) के शेयरों में मंगलवार को दबाव देखने को मिला। केंद्र सरकार ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी कम करने के लिए OFS की घोषणा की है। सरकार पहले चरण में 3% हिस्सेदारी बेचने की पेशकश करेगी। मांग अधिक रहने की स्थिति में अतिरिक्त 3% हिस्सेदारी बेचने के लिए ग्रीन-शू विकल्प का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस तरह सरकार कुल मिलाकर कंपनी की 6% तक हिस्सेदारी बाजार में उतार सकती है। OFS के लिए फ्लोर प्राइस ₹514 प्रति शेयर तय किया गया है।

OFS की खबर से शेयर में भारी गिरावट

हिस्सेदारी बिक्री की घोषणा के बाद हिंदुस्तान कॉपर के शेयर में निवेशकों की बिकवाली बढ़ गई। मंगलवार को शुरुआती कारोबार में स्टॉक 6% से ज्यादा गिरा, जबकि दोपहर करीब 12 बजे NSE पर यह ₹532.35 के आसपास कारोबार कर रहा था। इस स्तर पर शेयर में करीब 7.28% की गिरावट दर्ज की गई।इससे पहले सोमवार को हिंदुस्तान कॉपर का शेयर ₹574.15 पर बंद हुआ था। 

इस क्लोजिंग प्राइस की तुलना में ₹514 का OFS फ्लोर प्राइस करीब 10.5% कम है। डिस्काउंट पर सरकारी हिस्सेदारी की पेशकश को देखते हुए बाजार में शेयर की कीमत पर दबाव देखने को मिला।

सरकार पहले बेचेगी 3% हिस्सेदारी

डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) के मुताबिक, सरकार OFS के तहत शुरुआत में हिंदुस्तान कॉपर की 3% इक्विटी पेश करेगी। अगर निवेशकों की ओर से मांग निर्धारित हिस्सेदारी से अधिक रहती है, तो सरकार अतिरिक्त 3% हिस्सेदारी बेच सकती है। इस अतिरिक्त हिस्सेदारी को ग्रीन-शू ऑप्शन के तौर पर रखा गया है। इसका इस्तेमाल सरकार को बाजार की मांग के आधार पर बिक्री का आकार बढ़ाने की सुविधा देता है।

OFS में खुदरा निवेशकों के लिए कुल पेशकश का 10% हिस्सा आरक्षित रखा गया है। इसके अलावा योग्य कर्मचारियों के लिए 25,000 शेयर अलग से रिजर्व किए गए हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य संस्थागत निवेशकों के साथ-साथ छोटे निवेशकों और कंपनी के पात्र कर्मचारियों को भी OFS में भाग लेने का अवसर देना है।

कब होगी OFS की बोली?

हिंदुस्तान कॉपर OFS की बोली दो चरणों में होगी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक:

  • 26 अगस्त: रिटेल निवेशक और योग्य कर्मचारी बोली लगा सकेंगे
  • 26 अगस्त: पहले दिन की बिना आवंटित बोली को आगे बढ़ाने वाले पात्र नॉन-रिटेल निवेशक भी हिस्सा ले सकेंगे
  • 27 अगस्त: दोनों दिनों की बोलियों का सेटलमेंट

बिडिंग दोनों दिन सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक चलेगी। 26 अगस्त को क्लियरिंग हॉलिडे होने के कारण सेटलमेंट 27 अगस्त को किया जाएगा।सरकार की ओर से OFS के लिए MK Global Financial Services, DAM Capital Advisors और IDBI Capital Market Securities को ब्रोकर नियुक्त किया गया है। DAM Capital सेटलमेंट ब्रोकर की भूमिका निभाएगा। NSE को निर्धारित एक्सचेंज और NSE Clearing को क्लियरिंग कॉरपोरेशन बनाया गया है।

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