Hindustan Zinc के Q3 नतीजों में नेट मुनाफा 46% बढ़कर 3,916 करोड़ रुपये हुआ। चांदी और अन्य धातुओं की बढ़ी आमदनी से शेयर 52-वीक हाई पर पहुंचा। ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस 720-770 रुपये तक बढ़ाया।
Hindustan Zinc: मेटल सेक्टर की दिग्गज कंपनी हिंदुस्तान जिंक (Hindustan Zinc) के शेयर मंगलवार, 20 जनवरी को बाजार में गिरावट के बावजूद शुरुआती कारोबार में 2 प्रतिशत तक चढ़ गए। यह तेजी कंपनी के दिसंबर तिमाही के शानदार नतीजों के बाद देखने को मिली।
वेदांत की इस कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में अब तक का सबसे अधिक तिमाही मुनाफा दर्ज किया। इसके पीछे मुख्य कारण चांदी से होने वाली कमाई में तेजी, मेटल की कीमतों में मजबूती और कंपनी की पिछले पांच वर्षों में सबसे प्रतिस्पर्धी और कम लागत वाली संरचना रही।
Q3 नतीजे: राजस्व और मुनाफे में भारी बढ़त
हिंदुस्तान जिंक का नेट मुनाफा सालाना आधार पर 46 प्रतिशत बढ़कर 3,916 करोड़ रुपये हो गया। परिचालन से होने वाली आमदनी में 27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह रिकॉर्ड 10,980 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। पहली बार कंपनी का राजस्व 10,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया।
एबिटा में भी 34 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह 6,087 करोड़ रुपये रहा। खास बात यह है कि चांदी से होने वाली कमाई सालाना आधार पर 83 प्रतिशत बढ़कर 2,676 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इस तिमाही में चांदी का हिस्सा कुल मुनाफे में 44 प्रतिशत रहा, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं जस्ता, सीसा और अन्य धातुओं से आमदनी 16 प्रतिशत बढ़कर 7,932 करोड़ रुपये रही। कुल मिलाकर कंपनी का राजस्व 10,608 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की तुलना में 28 प्रतिशत ज्यादा है।
ब्रोकरेज की राय: Hindustan Zinc पर मोतीलाल ओसवाल
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने हिंदुस्तान जिंक पर अपनी न्यूट्रल रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, ब्रोकरेज ने स्टॉक का टारगेट प्राइस 670 रुपये से बढ़ाकर 720 रुपये कर दिया है। इसका मतलब है कि शेयर मौजूदा लेवल से 10 प्रतिशत और चढ़ सकता है।
ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी ने तीसरी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया है और हाल ही में घोषित विस्तार योजनाएं लंबे समय के लक्ष्य, यानी उत्पादन क्षमता को दोगुना करने, के अनुरूप हैं। इससे आगे की कमाई को लेकर स्पष्टता बढ़ती है। हालांकि, ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि शॉर्ट-टर्म में मुनाफे की बढ़त सीमित रह सकती है और आगे की तेजी काफी हद तक London Metal Exchange में मेटल्स की कीमतों पर निर्भर करेगी।
JM Financial Institutional का टारगेट प्राइस
जेएम फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशनल सिक्योरिटीज ने हिंदुस्तान जिंक पर खरीद की सलाह बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने स्टॉक का टारगेट प्राइस 600 रुपये से बढ़ाकर 770 रुपये कर दिया है। इसका मतलब है कि शेयर 16 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दे सकता है।
ब्रोकरेज हिंदुस्तान जिंक के लिए सकारात्मक बना हुआ है। इसके पीछे कंपनी की वैश्विक लागत स्ट्रक्चर में मजबूत स्थिति, उच्च गुणवत्ता वाली खुद की खदानें, पूरी तरह स्वामित्व वाली बिजली व्यवस्था, बड़े पैमाने पर ऑपरेशन और चांदी से बढ़ते योगदान जैसे कई कारण हैं।
एंटिक स्टॉक ब्रोक्रिंग की राय
एंटिक स्टॉक ब्रोक्रिंग ने हिंदुस्तान जिंक पर ‘Hold’ रेटिंग को बरकरार रखा है। हालांकि, ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस को 473 रुपये से बढ़ाकर 621 रुपये कर दिया है। इसका मतलब है कि निवेशक लंबी अवधि में स्थिर रिटर्न के लिए शेयर को होल्ड कर सकते हैं।
चांदी से बढ़ी कमाई का असर
कंपनी के तिमाही नतीजों में चांदी की हिस्सेदारी काफी अहम रही। वैश्विक कीमतों में तेजी और उत्पादन में वृद्धि के कारण चांदी से होने वाली कमाई सालाना आधार पर 83 प्रतिशत बढ़ी। इससे न सिर्फ मुनाफा बढ़ा, बल्कि स्टॉक की ताकत भी दिखाई दी। जस्ता, सीसा और अन्य धातुओं से होने वाली आमदनी भी 16 प्रतिशत बढ़कर 7,932 करोड़ रुपये रही।
हिंदुस्तान जिंक के लिए यह संकेत है कि भविष्य में चांदी और अन्य धातुओं की कीमतों और उत्पादन क्षमता के आधार पर मुनाफा और बढ़ सकता है।
ब्रोकरेज का भविष्य का अनुमान
ब्रोकरेज के मुताबिक, हिंदुस्तान जिंक की वैश्विक लागत स्ट्रक्चर, उच्च गुणवत्ता वाली खदानें और ऑपरेशन की क्षमता कंपनी को लंबे समय के लिए मजबूत बनाती हैं। टारगेट प्राइस में बढ़ोतरी और सकारात्मक रेटिंग से यह संकेत मिलता है कि स्टॉक में अभी और तेजी आ सकती है।
हालांकि, शॉर्ट टर्म में मुनाफे की वृद्धि सीमित रह सकती है और आगे की रैली London Metal Exchange में मेटल्स की कीमतों पर निर्भर करेगी।













