भारतीय हॉकी टीम ने पाकिस्तान को 5-3 से हराकर हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे राउंड में जगह पक्की कर ली है। पूल डी के आखिरी मुकाबले में मिली इस जीत के साथ भारत के तीन मैचों में 6 अंक हो गए।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय हॉकी टीम ने पाकिस्तान को 5-3 से हराकर हॉकी विश्व कप 2026 के दूसरे दौर में जगह बना ली है। हालांकि, इस शानदार जीत के बावजूद भारत के लिए सेमीफाइनल में पहुंचने की राह आसान नहीं होगी। टूर्नामेंट में लागू पॉइंट फॉरवर्ड नियम के कारण भारत को अगले दौर में अपने दोनों मुकाबले जीतने के साथ-साथ दूसरे मैचों के नतीजों पर भी निर्भर रहना पड़ सकता है।
भारत ने पूल डी में तीन मैचों में दो जीत हासिल कर कुल छह अंक जुटाए। इंग्लैंड ने तीनों मुकाबले जीतकर नौ अंक के साथ पूल में शीर्ष स्थान हासिल किया। अब दूसरे दौर में भारत और इंग्लैंड के साथ नीदरलैंड्स के शामिल होने की उम्मीद है। चौथी टीम का फैसला अर्जेंटीना और न्यूजीलैंड के मुकाबले से होगा।
क्या है पॉइंट फॉरवर्ड नियम?
हॉकी विश्व कप के मौजूदा प्रारूप में पहले दौर में एक ही पूल से आगे बढ़ने वाली टीमों के बीच खेले गए मुकाबले का परिणाम अगले चरण में भी महत्वपूर्ण रहता है। संबंधित मैच से मिले अंक दूसरे दौर की तालिका में आगे बढ़ जाते हैं। भारत की मुश्किल यहीं से बढ़ती है। पूल डी में इंग्लैंड ने भारत को 4-2 से हराया था। इस जीत के कारण इंग्लैंड को दूसरे दौर में तीन अंक का फायदा मिलेगा, जबकि भारत उस मुकाबले में हारने की वजह से शून्य अंक के साथ अगले चरण में पहुंचेगा।
दूसरे दौर में भारत और इंग्लैंड एक ही समूह में होंगे, लेकिन दोनों टीमों के बीच दोबारा मुकाबला नहीं होगा। इसलिए भारत के पास अंक हासिल करने के लिए सीमित मौके होंगे।
भारत को दोनों मैच जीतने होंगे

सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए भारत को दूसरे दौर में अपने दोनों मुकाबलों में जीत हासिल करनी होगी। लेकिन केवल दो जीत भी सेमीफाइनल की गारंटी नहीं देंगी। भारत को अन्य टीमों के मैचों के परिणाम और गोल अंतर पर भी नजर रखनी होगी। भारत की मौजूदा स्थिति को देखते हुए गोल अंतर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
टीम का गोल अंतर -2 है। ऐसे में करीबी जीत के बजाय बड़े अंतर से जीत हासिल करना भारत के लिए फायदेमंद हो सकता है। दूसरे दौर में हर गोल और हर अंक महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि टीमों की रैंकिंग अंक बराबर होने की स्थिति में गोल अंतर जैसे मानकों से तय हो सकती है।
नीदरलैंड्स से होगी सबसे बड़ी चुनौती
भारत के सामने दूसरे दौर में सबसे बड़ी चुनौती नीदरलैंड्स के रूप में हो सकती है। नीदरलैंड्स विश्व हॉकी की मजबूत टीमों में शामिल है और हाल के वर्षों में उसका प्रदर्शन लगातार प्रभावशाली रहा है। नीदरलैंड्स ने 2024 पेरिस ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता था। विश्व कप इतिहास में भी टीम का रिकॉर्ड मजबूत है। पिछले चार विश्व कप में नीदरलैंड्स दो बार फाइनल तक पहुंची और दो बार तीसरे स्थान पर रही है। टीम के नाम तीन विश्व कप खिताब भी हैं।
मौजूदा टूर्नामेंट में भी नीदरलैंड्स ने अर्जेंटीना और न्यूजीलैंड के खिलाफ प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। ऐसे में भारत के लिए इस टीम के खिलाफ मुकाबला सेमीफाइनल की राह में निर्णायक साबित हो सकता है।









