हॉस्पिटलों पर छापेमारी की। टीमों ने रिकॉर्ड और सर्वर रूम की तलाशी ली। मामले में 20 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी का खुलासा होने की संभावना जताई गई है।
राजस्थान: आयकर विभाग ने सोमवार सुबह राजस्थान में पार्क ग्रुप के तीन हॉस्पिटलों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई जयपुर, झुंझुनूं और कोटपूतली-बहरोड़ स्थित अस्पतालों में की गई। तलाशी के दौरान अधिकारियों ने वित्तीय रिकॉर्ड और सर्वर रूम की जांच की। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्रवाई में 20 करोड़ रुपये से अधिक की संभावित टैक्स चोरी से जुड़े खुलासे होने की संभावना है। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
राजस्थान के तीन हॉस्पिटलों में आयकर विभाग की कार्रवाई
राजस्थान में आयकर विभाग की टीमों ने सोमवार सुबह पार्क ग्रुप के तीन हॉस्पिटलों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई जयपुर, झुंझुनूं और कोटपूतली-बहरोड़ में स्थित अस्पतालों में की गई। अधिकारियों की टीमों ने अस्पताल परिसरों में पहुंचकर संबंधित दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच शुरू की।
इस कार्रवाई का उद्देश्य अस्पतालों से जुड़े वित्तीय लेनदेन और आयकर संबंधी रिकॉर्ड की पड़ताल करना बताया जा रहा है। हालांकि, जांच के अंतिम नतीजे अभी सामने नहीं आए हैं।
रिकॉर्ड और सर्वर रूम की हुई तलाशी
छापेमारी के दौरान आयकर विभाग की टीमों ने अस्पतालों में मौजूद रिकॉर्ड की जांच के साथ सर्वर रूम की भी तलाशी ली। डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेजों की पड़ताल से लेनदेन से जुड़ी जानकारी जुटाने में मदद मिल सकती है।
सर्वर और दस्तावेजों की जांच के जरिए अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर सकते हैं कि अस्पतालों के वित्तीय रिकॉर्ड में किसी तरह की अनियमितता तो नहीं है। फिलहाल, जांच में सामने आए तथ्यों और विभाग की ओर से किसी आधिकारिक निष्कर्ष की विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
20 करोड़ रुपये से ज्यादा की टैक्स चोरी की आशंका
इस छापेमारी को लेकर 20 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी का खुलासा होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, यह आंकड़ा फिलहाल संभावित जांच परिणाम के तौर पर सामने आया है। आयकर विभाग की जांच पूरी होने और आधिकारिक जानकारी जारी होने के बाद ही टैक्स संबंधी किसी गड़बड़ी की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जयपुर, झुंझुनूं और कोटपूतली-बहरोड़ में एक साथ हुई इस कार्रवाई से पार्क ग्रुप के अस्पतालों से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड जांच के दायरे में आ गए हैं। फिलहाल विभाग की ओर से अंतिम निष्कर्ष या संभावित कर देनदारी को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है।












