हिमाचल कैबिनेट बैठक में पंचायत चुनाव अप्रैल से पहले कराने के संकेत मिले। धर्मशाला जिपलाइन परियोजना को मंजूरी दी गई, जबकि सरकारी भर्तियों, आपदा प्रबंधन और लंबित राजस्व मामलों के समाधान पर भी अहम फैसले लिए गए।
HP Cabinet: हिमाचल प्रदेश की राजनीति और प्रशासन से जुड़ा एक अहम दिन तब सामने आया जब शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में पंचायत चुनाव, सरकारी नौकरियों, राजस्व मामलों और पर्यटन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट के ये फैसले सीधे तौर पर ग्रामीण व्यवस्था, रोजगार और राज्य के विकास से जुड़े माने जा रहे हैं।
बैठक के बाद उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने फैसलों की जानकारी साझा की और बताया कि सरकार ने आने वाले महीनों को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक तैयारियों को तेज करने का निर्णय लिया है।
पंचायत चुनाव को लेकर स्पष्ट संकेत
कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा फोकस पंचायत चुनाव रहा। लंबे समय से पंचायत चुनाव की तारीखों को लेकर चल रही अटकलों के बीच सरकार ने संकेत दिए हैं कि ये चुनाव अप्रैल से पहले कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पंचायती राज मंत्री और संबंधित अधिकारियों को चुनाव की तैयारियां तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
सरकार का मानना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को समय पर पूरा करना जरूरी है ताकि ग्रामीण स्तर पर विकास कार्य प्रभावित न हों। इसी वजह से चुनाव की प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तेजी लाई जा रही है।
31 जनवरी के बाद पंचायतों की स्थिति
कैबिनेट बैठक में इस अहम मुद्दे पर भी चर्चा हुई कि 31 जनवरी के बाद पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने के बाद प्रशासनिक जिम्मेदारी किसके पास होगी। इस विषय पर विस्तार से विचार किया गया लेकिन फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
बैठक में पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाने के विकल्प पर भी चर्चा हुई। सरकार इस बात को लेकर सतर्क है कि किसी भी तरह का प्रशासनिक खालीपन न बने और ग्रामीण सेवाएं बाधित न हों। आने वाले दिनों में इस पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
धर्मशाला जिपलाइन परियोजना को मंजूरी

पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में हिमाचल कैबिनेट ने एक बड़ा कदम उठाया है। धर्मशाला में 7.14 करोड़ रुपये की लागत से जिपलाइन परियोजना को मंजूरी दी गई है। यह जिपलाइन करीब 4.3 किलोमीटर लंबी होगी और इसे राज्य की प्रमुख adventure tourism परियोजनाओं में शामिल किया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि इस परियोजना से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। धर्मशाला पहले ही एक प्रमुख पर्यटन स्थल है और जिपलाइन जैसी सुविधा इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद कर सकती है।
सरकारी नौकरियों पर अहम निर्णय
कैबिनेट बैठक में रोजगार से जुड़े फैसलों को भी प्राथमिकता दी गई। राज्य सरकार ने आबकारी विभाग में 11 Assistant Commissioner के पद भरने को मंजूरी दी है। इसके साथ ही आपदा प्रबंधन सेल में भी 11 पदों को भरने की स्वीकृति दी गई है।
इसके अलावा तहसीलदार के पदों पर भर्ती को हरी झंडी दी गई है। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से नर्सों के रिक्त पदों को भरने का भी फैसला लिया गया है। सरकार का कहना है कि इन भर्तियों से प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी और जनता को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूती
हिमाचल प्रदेश आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य माना जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने Disaster Management Cell में नई भर्तियों को मंजूरी दी है। सरकार का लक्ष्य है कि आपात स्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध रहे।
राज्य में भूस्खलन, बाढ़ और बादल फटने जैसी घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। ऐसे में आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है।
लंबित राजस्व मामलों के समाधान की पहल
राजस्व विभाग में लंबे समय से लंबित मामलों को निपटाने के लिए कैबिनेट ने एक अहम फैसला लिया है। सरकार ने रिटायर तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो और पटवारी की अस्थायी नियुक्ति करने का निर्णय लिया है।
इन अधिकारियों की तैनाती जिलों में की जाएगी ताकि पुराने मामलों का तेजी से निपटारा हो सके। कैबिनेट ने इस पूरी प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है। सरकार का मानना है कि इससे आम लोगों को राहत मिलेगी और जमीन से जुड़े विवादों का समाधान समय पर हो पाएगा।











