HPV संक्रमण से कैंसर का खतरा, वैक्सीन क्यों मानी जाती है जरूरी ढाल

HPV संक्रमण से कैंसर का खतरा, वैक्सीन क्यों मानी जाती है जरूरी ढाल

HPV वैक्सीन ह्यूमन पैपिलोमा वायरस के खतरनाक प्रकारों से बचाव कर सर्वाइकल सहित कई कैंसर के जोखिम को कम करती है। विशेषज्ञों के अनुसार किशोरावस्था में टीकाकरण सबसे प्रभावी रहता है और यह लड़कियों के साथ लड़कों के लिए भी जरूरी प्रिवेंटिव सुरक्षा प्रदान करता है।

HPV Vaccine Protection: ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से होने वाले संक्रमण और उससे जुड़े कैंसर के बढ़ते खतरे को देखते हुए डॉक्टर समय पर टीकाकरण की सलाह दे रहे हैं। यह वैक्सीन खासतौर पर किशोर उम्र के लड़के और लड़कियों के लिए सुझाई जाती है, ताकि संक्रमण से पहले ही शरीर में सुरक्षा विकसित हो सके। विशेषज्ञों के मुताबिक, सर्वाइकल, गले और अन्य संबंधित कैंसर से बचाव के लिए HPV वैक्सीन प्रभावी मानी जाती है। सही उम्र और डोज के लिए चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी है, ताकि भविष्य के स्वास्थ्य जोखिम को कम किया जा सके।

HPV वैक्सीन क्यों है जरूरी?

HPV यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस एक सामान्य संक्रमण है, लेकिन इसके कुछ स्ट्रेन कैंसर का कारण बन सकते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि संक्रमण होने के बाद इलाज से बेहतर है पहले से बचाव किया जाए। HPV वैक्सीन इसी सोच पर आधारित है।

यह वैक्सीन शरीर में ऐसी प्रतिरक्षा विकसित करती है, जिससे वायरस के खतरनाक प्रकार नुकसान नहीं पहुंचा पाते। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए इसे किशोरावस्था में लगवाना ज्यादा प्रभावी माना जाता है, क्योंकि इस उम्र में शरीर बेहतर इम्यून रिस्पॉन्स विकसित करता है।

किन कैंसर से मिलता है बचाव?

HPV वैक्सीन सबसे अधिक सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए जानी जाती है। भारत समेत दुनिया भर में महिलाओं में यह एक आम कैंसर है, जिसका मुख्य कारण HPV संक्रमण के कुछ विशेष प्रकार होते हैं।

इसके अलावा यह गले, एनस और प्राइवेट पार्ट्स से जुड़े कुछ अन्य कैंसर के खतरे को भी कम करने में मदद करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर टीकाकरण कराने से भविष्य में कैंसर की संभावना को काफी हद तक घटाया जा सकता है।

किसे और कब लगवानी चाहिए वैक्सीन?

डॉ. घोटेकर के मुताबिक, HPV वैक्सीन लड़कियों और महिलाओं के साथ साथ लड़कों और पुरुषों के लिए भी फायदेमंद है। जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर है या जिनमें संक्रमण का जोखिम ज्यादा है, उनके लिए यह और भी जरूरी हो जाती है।

आमतौर पर टीनएज में वैक्सीन लगवाना सबसे प्रभावी माना जाता है। हालांकि, कुछ मामलों में अधिक उम्र में भी डॉक्टर की सलाह से डोज दी जा सकती है। सही उम्र, डोज और शेड्यूल के लिए विशेषज्ञ से परामर्श जरूरी है।

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