हरियाणा राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग के आरोप में कांग्रेस ने चार विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। पार्टी ने उन्हें जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिया और अनुशासन कायम रखने का संदेश दिया।
Haryana: हरियाणा में हाल ही में संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस ने अपनी अनुशासनात्मक कार्रवाई तेज कर दी है। पार्टी ने चार विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिन्होंने पार्टी लाइन के खिलाफ वोटिंग की थी। इस नोटिस में इन नेताओं को जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिया गया है। कांग्रेस ने यह कदम अपने अनुशासन और चुनावी नीतियों को मजबूत करने के लिए उठाया है।
किन विधायकों को दिया गया नोटिस
पार्टी ने जिन चार विधायकों को नोटिस भेजा है, उनके नाम हैं:
- रेणुबाला
- शैली चौधरी
- मोहम्मद इलियास
- मोहम्मद इजराइल
इन चारों पर आरोप है कि उन्होंने सोमवार को हुए राज्यसभा चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार करमवीर सिंह बौद्ध के खिलाफ क्रॉस-वोटिंग की।
अमान्य वोटों पर भी होगी कार्रवाई
कांग्रेस ने यह भी साफ किया है कि जिन विधायकों के वोट अमान्य हुए थे, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अमान्य वोट की पहचान करना चुनौतीपूर्ण है, इसलिए इसके लिए पार्टी सीसीटीवी फुटेज और अन्य तरीकों का उपयोग करेगी। यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि कोई भी विधायक अनुशासन तोड़कर वोटिंग प्रक्रिया को प्रभावित न कर सके।
पार्टी ने पहले ही चार विधायकों के नाम उजागर किए थे

हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी महासचिव बी के हरिप्रसाद ने बुधवार को चार विधायकों के नाम सार्वजनिक किए थे। उन्होंने कहा कि पार्टी के अधिकृत एजेंटों, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और खुद हरिप्रसाद ने मतदान प्रक्रिया को देखा और उसमें क्रॉस-वोटिंग की पुष्टि की।
हरिप्रसाद ने बताया कि नारायणगढ़ से शैली चौधरी, साढौरा से रेणुबाला, पुन्हाना से मोहम्मद इलियास और हथीन से मोहम्मद इसराइल ने पार्टी लाइन के खिलाफ वोट किया। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी आलाकमान को इस घटनाक्रम की पूरी जानकारी दे दी गई है और जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
पांचवें विधायक का नाम सार्वजनिक नहीं
कांग्रेस ने पांचवें विधायक का नाम अभी सार्वजनिक नहीं किया है। हरिप्रसाद ने कहा कि पार्टी की अनुशासनात्मक समिति के अध्यक्ष धर्मपाल मलिक को इस मामले में कार्रवाई करने और कारण बताओ नोटिस जारी करने का सुझाव दिया गया है। इस निर्णय के पीछे यह उद्देश्य है कि पार्टी के भीतर अनुशासन कायम रहे और भविष्य में किसी भी तरह की क्रॉस-वोटिंग पर रोक लग सके।
कांग्रेस नेताओं का विरोध और मांग
इस घटना के बाद पार्टी के दो विधायकों गोकुल सेतिया और मंजू चौधरी ने पार्टी कार्यालय के बाहर धरना दिया। उन्होंने मांग की कि क्रॉस-वोटिंग करने वाले सभी विधायकों के नाम सार्वजनिक किए जाएं। यह प्रदर्शन यह दर्शाता है कि पार्टी के भीतर अनुशासन को लेकर विरोध और दबाव भी मौजूद है।
राज्यसभा चुनाव का परिणाम
हरियाणा में राज्यसभा के लिए दो सीटों पर मतदान हुआ। इसमें भाजपा के संजय भाटिया ने एक सीट आसानी से जीत ली। दूसरी सीट पर कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध ने निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के खिलाफ करीबी मुकाबले में जीत हासिल की। बौद्ध की जीत मामूली अंतर से हुई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि चुनाव में मुकाबला काफी कड़ा था।
कांग्रेस ने सत्तारूढ़ भाजपा पर वोट चोरी और लोकतंत्र की भावना के उल्लंघन का आरोप लगाया। पार्टी ने कहा कि क्रॉस-वोटिंग और अनुशासनहीनता के कारण चुनाव प्रक्रिया पर प्रभाव पड़ा है।










