बर्मिंघम के एजबेस्टन स्टेडियम में खेले गए तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 6 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। यूके दौरे पर लगातार छह मैचों में हार के बाद टीम इंडिया की यह पहली जीत रही।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारत के स्टार ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन में खेले गए पहले वनडे मुकाबले में गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। बाएं हाथ के इस स्पिन ऑलराउंडर ने पहले गेंदबाजी में चार महत्वपूर्ण विकेट झटके और फिर दबाव की स्थिति में नाबाद अर्धशतकीय पारी खेलकर भारत को छह विकेट से यादगार जीत दिलाई।
इस शानदार प्रदर्शन के साथ अक्षर पटेल एक वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच में 50 से अधिक रन बनाने और चार या उससे अधिक विकेट लेने वाले भारत के चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए। इससे पहले यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट के कुछ महान ऑलराउंडरों और दिग्गज खिलाड़ियों के नाम दर्ज थी।
भारत की जीत के सबसे बड़े नायक बने अक्षर पटेल
इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे श्रृंखला के पहले मुकाबले में भारतीय टीम ने लंबे समय बाद विदेशी दौरे पर जीत दर्ज की। इस मुकाबले में अक्षर पटेल ने अपने हरफनमौला प्रदर्शन से मैच का रुख बदल दिया। गेंदबाजी में उन्होंने चार विकेट लेकर इंग्लैंड की बल्लेबाजी को बड़ा स्कोर बनाने से रोका। इसके बाद जब भारत ने 160 रन पर अपना चौथा विकेट गंवा दिया, तब अक्षर पटेल बल्लेबाजी के लिए उतरे और परिस्थितियों के अनुसार जिम्मेदारी संभाली।
उन्होंने केवल 52 गेंदों में नाबाद 57 रन बनाए, जिसमें पांच चौके और एक छक्का शामिल था। उनकी संयमित लेकिन प्रभावी पारी ने भारतीय पारी को स्थिरता दी और टीम को लक्ष्य तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
सुंदर के साथ शतकीय साझेदारी
अक्षर पटेल ने वाशिंगटन सुंदर के साथ मिलकर छठे विकेट के लिए 102 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। यह साझेदारी उस समय आई जब भारत को जीत के लिए अनुभवी बल्लेबाजी की जरूरत थी। दोनों खिलाड़ियों ने बिना किसी घबराहट के इंग्लैंड के गेंदबाजों का सामना किया और मैच को भारत के पक्ष में मोड़ दिया। उनकी साझेदारी ने यह भी दिखाया कि भारतीय टीम के निचले क्रम में अब पहले की तुलना में अधिक बल्लेबाजी गहराई मौजूद है।
सचिन और गांगुली के विशेष क्लब में शामिल

अक्षर पटेल अब वनडे क्रिकेट में एक ही मैच में 50 या उससे अधिक रन बनाने और चार या उससे अधिक विकेट लेने वाले भारत के छठे खिलाड़ी बन गए हैं।इस प्रतिष्ठित सूची में भारतीय क्रिकेट के कई दिग्गज शामिल हैं। पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और युवराज सिंह ने यह उपलब्धि दो-दो बार हासिल की थी, जबकि सचिन तेंदुलकर, कृष्णमाचारी श्रीकांत और हार्दिक पांड्या भी एक-एक बार ऐसा कर चुके हैं।
- कृष्णमचारी श्रीकांत - 70 रन और 27 रन देकर 5 विकेट (बनाम न्यूजीलैंड, साल 1988, विशाखापट्टनम)
- सचिन तेंदुलकर - 141 रन और 38 रन देकर 4 विकेट (बनाम ऑस्ट्रेलिया, साल 1998, ढाका)
- सौरव गांगुली - 130 रन और 21 रन देकर 4 विकेट (बनाम श्रीलंका, साल 1999, नागपुर)
- सौरव गांगुली - 71 रन और 34 रन देकर 5 विकेट (बनाम जिम्बाब्वे, साल 2000, कानपुर)
- युवराज सिंह - 118 रन और 28 रन देकर 4 विकेट (बनाम इंग्लैंड, साल 2008, इंदौर)
- युवराज सिंह - 50 रन और 31 रन देकर 3 विकेट (बनाम आयरलैंड, साल 2011, बेंगलुरु)
- हार्दिक पांड्या - 71 रन और 24 रन देकर 4 विकेट (बनाम इंग्लैंड, साल 2022, मैनचेस्टर)
- अक्षर पटेल - 57 रन और 62 रन देकर 4 विकेट (बनाम इंग्लैंड, साल 2026, एजबेस्टन)
इस सूची में शामिल होना किसी भी ऑलराउंडर के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है, क्योंकि यह बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में असाधारण प्रदर्शन का प्रमाण है।
प्लेयर ऑफ द मैच पुरस्कार भी किया अपने नाम
पिछले कुछ वर्षों में अक्षर पटेल ने अपनी बल्लेबाजी में उल्लेखनीय सुधार किया है। शुरुआती दौर में उन्हें मुख्य रूप से स्पिन गेंदबाज के रूप में जाना जाता था, लेकिन अब वे निचले क्रम में भरोसेमंद बल्लेबाज के रूप में भी अपनी पहचान बना चुके हैं। टेस्ट, टी20 और वनडे—तीनों प्रारूपों में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पारियां खेली हैं। एजबेस्टन में खेली गई नाबाद अर्धशतकीय पारी ने एक बार फिर साबित किया कि वह दबाव की परिस्थितियों में भी टीम के लिए मैच जिताने की क्षमता रखते हैं।
अक्षर पटेल के शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। इस सम्मान के साथ उन्होंने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम कर ली। अब वह इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट, वनडे और टी20—तीनों अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों में प्लेयर ऑफ द मैच पुरस्कार जीतने वाले भारत के चौथे खिलाड़ी बन गए हैं।









