Share Market Today: सेंसेक्स और निफ्टी की मजबूत शुरुआत, कच्चे तेल की कीमतों पर निवेशकों की नजर

Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं, जबकि निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों

भारतीय शेयर बाजार ने आज मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 561 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ था, लेकिन आज बाजार ने शुरुआती कारोबार में शानदार वापसी की।

बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार ने आज सकारात्मक शुरुआत की। पिछले कारोबारी सत्र में तेज गिरावट के बाद निवेशकों की खरीदारी लौटने से प्रमुख सूचकांक शुरुआती कारोबार में हरे निशान पर खुले। शुरुआती सत्र में बीएसई सेंसेक्स लगभग 137 अंक की बढ़त के साथ 77,192 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 करीब 33 अंक चढ़कर 24,085 के स्तर के ऊपर खुला।

हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि दिनभर के कारोबार की दिशा कॉर्पोरेट तिमाही नतीजों (Q1 Results), विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की गतिविधियों, वैश्विक बाजारों के रुझान और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी।

शुरुआती बढ़त के पीछे क्या हैं प्रमुख कारण?

भारतीय बाजार को एशियाई शेयर बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों का समर्थन मिला। इसके अलावा, अमेरिका में मुद्रास्फीति के अपेक्षा से नरम आंकड़ों ने वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है, जिससे जोखिम वाले निवेशों में खरीदारी देखने को मिली। हालांकि, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा कीमतों में तेजी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। इसलिए बाजार में दिनभर उतार-चढ़ाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

बुधवार को अधिकांश प्रमुख एशियाई शेयर बाजार सकारात्मक रुख के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। जापान का प्रमुख निक्केई 225 सूचकांक शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ खुला, जबकि टॉपिक्स इंडेक्स में भी मजबूती दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया के कोस्पी और कोस्डैक सूचकांकों में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली, जिससे क्षेत्रीय निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।

इसी तरह, हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स भी शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। एशियाई बाजारों की मजबूती का असर भारतीय शेयर बाजार की शुरुआती चाल पर भी देखने को मिला।

अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों से बढ़ा निवेशकों का भरोसा

वैश्विक बाजारों के लिए सबसे सकारात्मक संकेत अमेरिका से आए मुद्रास्फीति (CPI) के आंकड़े रहे। जून महीने की उपभोक्ता महंगाई दर बाजार की अपेक्षाओं से कम रहने के बाद निवेशकों को उम्मीद है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक (Federal Reserve) निकट भविष्य में ब्याज दरों को लेकर अधिक आक्रामक रुख नहीं अपनाएगा।

कम महंगाई के आंकड़ों से वैश्विक इक्विटी बाजारों में सकारात्मक माहौल बना है और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी है। इसका लाभ उभरते बाजारों, जिनमें भारत भी शामिल है, को मिल सकता है।

अमेरिकी शेयर बाजार में मिश्रित संकेत

अमेरिकी शेयर बाजार में पिछले कारोबारी सत्र के दौरान तकनीकी (Technology) और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांकों को समर्थन मिला। हालांकि, कुछ बड़ी कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट के कारण बाजार की कुल बढ़त सीमित रही। इसके बावजूद अमेरिकी शेयर वायदा (US Stock Futures) में सकारात्मक रुख देखने को मिला, जिसने एशियाई और भारतीय बाजारों की धारणा को मजबूत किया।

कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी

वैश्विक बाजारों के लिए सबसे बड़ी चिंता फिलहाल कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। लगातार तीसरे दिन ब्रेंट क्रूड और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) दोनों में तेजी दर्ज की गई। ऊर्जा बाजार में बढ़ती कीमतों के पीछे पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता को प्रमुख कारण माना जा रहा है।

भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए महंगा कच्चा तेल मुद्रास्फीति, व्यापार घाटे और कॉर्पोरेट लागत पर दबाव बढ़ा सकता है। यही वजह है कि निवेशक ऊर्जा बाजार पर विशेष नजर बनाए हुए हैं।

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