प्रयागराज की स्वीटी उपाध्याय ने निजी संघर्ष, तलाक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करते हुए यूपी पीसीएस परीक्षा के पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की। आज वह प्रशासनिक सेवा में रहते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम कर रही हैं।
PCS Officer Sweety Upadhyay Success Story: कठिन परिस्थितियां किसी व्यक्ति को कमजोर भी बना सकती हैं और मजबूत भी। प्रयागराज की स्वीटी उपाध्याय ने अपने जीवन के संघर्षों को हार नहीं बनने दिया। निजी जीवन की चुनौतियों और एक घटना से मिली प्रेरणा ने उन्हें प्रशासनिक सेवा की राह पर आगे बढ़ाया और पहले ही प्रयास में यूपी पीसीएस परीक्षा में सफलता दिलाई।
संघर्षों के बीच नहीं छोड़ा हौसला
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की रहने वाली स्वीटी उपाध्याय का जीवन संघर्ष और आत्मविश्वास की प्रेरक मिसाल है। उनके माता-पिता इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकालत करते हैं, जिससे बचपन से ही उन्हें शिक्षा का अच्छा माहौल मिला। पढ़ाई में हमेशा उत्कृष्ट रहने वाली स्वीटी ने हैदराबाद स्थित आईसीएफएआई फाउंडेशन फॉर हायर एजुकेशन से एमबीए की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद कैंपस प्लेसमेंट के जरिए उन्हें दिल्ली की एक प्रतिष्ठित कंपनी में अच्छी सैलरी वाली नौकरी भी मिल गई।

करियर अच्छी दिशा में आगे बढ़ रहा था, लेकिन निजी जीवन में आई कठिनाइयों ने उनकी राह बदल दी। कम उम्र में हुई शादी सफल नहीं रही और मामला तलाक तक पहुंच गया। इसी दौरान उन्होंने अपनी नौकरी भी छोड़ दी। मानसिक तनाव और आर्थिक परेशानियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने दम पर नई शुरुआत करने का फैसला किया।
एक घटना ने बदल दी पूरी सोच
अपने कठिन दौर में स्वीटी ने मंत्रालय में कंटेंट क्रिएटर के रूप में काम करना शुरू किया। इसी दौरान एक घरेलू हिंसा की शिकार महिला मदद की उम्मीद लेकर उनके पास पहुंची। महिला के शरीर पर चोट के निशान देखकर स्वीटी उसे लेकर पुलिस थाने गईं, जहां उन्हें उम्मीद के मुताबिक सहयोग नहीं मिला।
उनके अनुसार, कार्रवाई की मांग करने पर एक पुलिसकर्मी ने महिलाओं को लेकर ऐसी टिप्पणी की जिसने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया। उस घटना ने उन्हें यह एहसास कराया कि यदि व्यवस्था के भीतर रहकर काम किया जाए तो जरूरतमंद लोगों की अधिक प्रभावी ढंग से मदद की जा सकती है। उसी दिन उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया।
पहले ही प्रयास में हासिल की सफलता
लक्ष्य तय करने के बाद स्वीटी उपाध्याय ने पूरी लगन के साथ यूपी पीसीएस परीक्षा की तैयारी शुरू की। उन्होंने नियमित अध्ययन, मजबूत रणनीति और आत्मविश्वास के साथ तैयारी की और वर्ष 2019 की उत्तर प्रदेश पीसीएस परीक्षा में पहले ही प्रयास में 55वीं रैंक हासिल कर ली। उनकी यह सफलता इस बात का उदाहरण है कि कठिन परिस्थितियां भी मजबूत इरादों के सामने टिक नहीं पातीं।
वर्तमान में स्वीटी उपाध्याय गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में असिस्टेंट कमिश्नर (इंडस्ट्रीज) के पद पर कार्यरत हैं। प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ वह महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़े अभियानों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। मिशन शक्ति जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, कौशल विकास और स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया है।
यूपी पीसीएस अभ्यर्थियों को क्या सलाह देती हैं?
स्वीटी उपाध्याय का मानना है कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी मजबूत बुनियाद से शुरू होनी चाहिए। उनके अनुसार सबसे पहले एनसीईआरटी पुस्तकों से विषयों की मूलभूत समझ विकसित करनी चाहिए। इसके बाद अपने हाथ से संक्षिप्त और व्यवस्थित नोट्स तैयार करने चाहिए, ताकि अंतिम समय में दोहराना आसान हो सके।
वह यह भी कहती हैं कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता केवल मेहनत से नहीं, बल्कि सही दिशा में की गई मेहनत से मिलती है। उनका संदेश है कि हर अभ्यर्थी को अपनी क्षमता पर विश्वास रखना चाहिए और परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास ईमानदार हों तो सफलता जरूर मिलती है।











