गॉल टेस्ट के दूसरे दिन भारत ने श्रीलंका के खिलाफ 9 विकेट पर 460 रन बनाए। देवदत्त पडिक्कल ने 167 रन की शानदार पारी खेली। केएल राहुल ने 82 और ध्रुव जुरेल ने 51 रन बनाकर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
IND vs SL Test: भारत और श्रीलंका के बीच गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट के दूसरे दिन भारतीय टीम ने मजबूत बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 9 विकेट पर 460 रन बना लिए। देवदत्त पडिक्कल ने 167 रन की शानदार पारी खेलकर टेस्ट करियर का पहला शतक जड़ने के बाद उसे बड़े स्कोर में बदला। दिन का खेल समाप्त होने पर कुलदीप यादव 12 और प्रसिद्ध कृष्णा 1 रन बनाकर नाबाद रहे।
बारिश के कारण देरी से शुरू हुआ दूसरे दिन का खेल
पहले टेस्ट के दूसरे दिन बारिश ने खेल का कार्यक्रम प्रभावित किया। सुबह बारिश के कारण मुकाबला लगभग साढ़े चार घंटे की देरी से शुरू हो सका। इसके बावजूद भारतीय बल्लेबाजों ने दोबारा मैदान पर उतरते ही श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। भारत ने पहले दिन का खेल 2 विकेट पर 288 रन के मजबूत स्कोर के साथ समाप्त किया था।
कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। टीम इंडिया का लक्ष्य पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ा करके श्रीलंका पर दबाव बनाने का है। दूसरे दिन भारतीय पारी में सात विकेट गिरे, लेकिन टीम 460 रन तक पहुंचने में सफल रही।
देवदत्त पडिक्कल ने रचा करियर का बड़ा रिकॉर्ड
भारत की पारी के सबसे बड़े नायक देवदत्त पडिक्कल रहे। नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने उतरे पडिक्कल ने धैर्य और आक्रामकता का शानदार संतुलन दिखाते हुए 167 रन बनाए। उन्होंने 230 गेंदों की अपनी पारी में 15 चौके और एक छक्का लगाया।
पडिक्कल के लिए यह पारी इसलिए भी खास रही क्योंकि उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में अपना पहला शतक पूरा किया। पहले दिन शतक लगाने के बाद उन्होंने दूसरे दिन अपनी पारी को आगे बढ़ाते हुए 150 रन का आंकड़ा पार किया। हालांकि 91वें ओवर में प्रभात जयसूर्या ने उन्हें स्टंप आउट कराकर उनकी शानदार पारी का अंत किया।
पडिक्कल के प्रदर्शन ने भारतीय टीम को पहली पारी में बड़े स्कोर की मजबूत नींव दी। चोटिल साई सुदर्शन की जगह टीम में शामिल किए गए पडिक्कल ने मिले अवसर का पूरा फायदा उठाया।
केएल राहुल ने भी खेली उपयोगी पारी
सलामी बल्लेबाज केएल राहुल ने भी भारत की पारी को मजबूती दी। उन्होंने 175 गेंदों का सामना करते हुए 82 रन बनाए। उनकी पारी में 10 चौके और एक छक्का शामिल रहा।
राहुल ने पडिक्कल के साथ मिलकर महत्वपूर्ण साझेदारी की और भारतीय पारी को शुरुआती झटकों से उबारने में अहम भूमिका निभाई। पहले दिन वह मांसपेशियों में खिंचाव के कारण 77 रन के निजी स्कोर पर रिटायर्ड हर्ट हुए थे, लेकिन दूसरे दिन फिट होकर दोबारा बल्लेबाजी करने उतरे।
हालांकि 84वें ओवर में केशरा नुवांथा की गेंद पर राहुल शॉर्ट लेग पर कैच दे बैठे। उन्होंने आउट होने से पहले टीम के स्कोर को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया था।
ऋषभ पंत और रवींद्र जडेजा नहीं बना सके बड़ी पारी
दूसरे दिन भारत को ऋषभ पंत के रूप में महत्वपूर्ण झटका लगा। पंत ने 62 गेंदों पर 39 रन बनाए। उन्होंने चार चौके और एक छक्का लगाया। केशरा नुवांथा की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में वह मिड-ऑफ पर कैच आउट हो गए।
इसके बाद रवींद्र जडेजा भी ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सके। जडेजा 13 रन बनाकर पवेलियन लौटे। नुवांथा की गेंद पर LBW आउट होने के बाद उन्होंने रिव्यू लिया, लेकिन फैसला अंपायर्स कॉल के कारण बरकरार रहा।
ध्रुव जुरेल का अर्धशतक
भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने निचले क्रम में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने 68 गेंदों पर 51 रन बनाए। अपनी पारी में जुरेल ने चार चौके और एक छक्का लगाया।
जुरेल और मानव सुथार ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन 109वें ओवर में प्रभात जयसूर्या ने जुरेल को आउट कर दिया। जुरेल का कैच श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने पहली स्लिप में शानदार डाइव लगाकर पकड़ा।

आखिरी ओवरों में श्रीलंका की वापसी
दिन के अंतिम चरण में श्रीलंकाई गेंदबाजों ने लगातार विकेट लेकर भारत को ऑलआउट करने की कोशिश की। मोहम्मद सिराज 11 रन बनाकर आउट हुए, जबकि मानव सुथार ने 24 रन बनाए।
सिराज ने अपनी छोटी पारी में एक छक्का भी लगाया। उनके आउट होने के बाद अगली ही गेंद पर सुथार भी पवेलियन लौट गए। इसके बाद कुलदीप यादव और प्रसिद्ध कृष्णा ने दिन का खेल समाप्त होने तक विकेट बचाए रखा।
श्रीलंका की ओर से प्रभात जयसूर्या सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने चार विकेट हासिल किए। केशरा नुवांथा ने भी महत्वपूर्ण विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजों को परेशान किया।
भारत के पास अब बड़े स्कोर का मौका
दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक भारत 9 विकेट पर 460 रन बना चुका है। कुलदीप यादव 12 और प्रसिद्ध कृष्णा 1 रन बनाकर क्रीज पर हैं। ऐसे में तीसरे दिन भारतीय टीम की कोशिश जल्द से जल्द आखिरी विकेट के लिए कुछ रन जोड़कर श्रीलंका के सामने बड़ा स्कोर रखने की होगी।
गॉल की पिच पर जैसे-जैसे मुकाबला आगे बढ़ेगा, स्पिन गेंदबाजों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। भारत के पास रविचंद्रन अश्विन की गैरमौजूदगी में कुलदीप यादव और मानव सुथार जैसे स्पिन विकल्प हैं, जबकि रवींद्र जडेजा भी गेंदबाजी में योगदान देने की क्षमता रखते हैं।
श्रीलंका के सामने चुनौती
460 रन का स्कोर श्रीलंका के लिए पहली पारी में बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। मेजबान टीम की बल्लेबाजी पर अब काफी दबाव रहेगा। भारतीय गेंदबाजों की कोशिश होगी कि शुरुआती विकेट लेकर श्रीलंका को बड़े स्कोर से दूर रखा जाए।
गॉल में टेस्ट मुकाबलों के दौरान परिस्थितियां अक्सर स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार होती हैं। ऐसे में भारत के मजबूत पहली पारी के स्कोर के बाद मुकाबला गेंद और बल्ले के बीच दिलचस्प हो सकता है।
पहले टेस्ट में भारत की मजबूत स्थिति
दो दिन के खेल के बाद भारतीय टीम ने मुकाबले में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। पडिक्कल का 167 रन का शानदार प्रदर्शन, राहुल की 82 रन की पारी और जुरेल का अर्धशतक भारत की बल्लेबाजी की गहराई को दिखाता है।
अब तीसरे दिन भारतीय गेंदबाजों पर जिम्मेदारी होगी कि वे इस मजबूत स्कोर का फायदा उठाएं। श्रीलंका की पारी के दौरान शुरुआती विकेट मुकाबले की दिशा तय कर सकते हैं। वहीं मेजबान टीम की कोशिश होगी कि वह भारत के 460 रन के स्कोर का मजबूती से जवाब देकर मैच में वापसी करे।










