विकेटकीपर-बल्लेबाज यास्तिका भाटिया के शानदार शतक के दम पर भारतीय महिला टीम ने मजबूत बढ़त हासिल की। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने रविवार को लंदन के Lord's Cricket Ground में पहले महिला टेस्ट के तीसरे दिन परिस्थितियों का भरपूर फायदा उठाते हुए इंग्लैंड के बल्लेबाजी क्रम को दबाव में रखा।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड को हार के कगार पर पहुंचा दिया है। विकेटकीपर-बल्लेबाज यास्तिका भाटिया के यादगार शतक और गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन की बदौलत भारत ने मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण बना लिया है। तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी में छह विकेट के नुकसान पर 130 रन बनाए हैं और उसे जीत के लिए अभी भी 327 रन की जरूरत है, जबकि भारत को ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के लिए केवल चार विकेट चाहिए।
यदि भारतीय टीम चौथे दिन शेष चार विकेट जल्दी हासिल कर लेती है, तो यह लॉर्ड्स जैसे प्रतिष्ठित मैदान पर महिला टेस्ट क्रिकेट में उसकी सबसे यादगार जीतों में से एक होगी।
यास्तिका भाटिया ने रचा इतिहास

भारत की दूसरी पारी की सबसे बड़ी स्टार यास्तिका भाटिया रहीं। उन्होंने 158 गेंदों में 14 चौकों की मदद से 158 रन की शानदार पारी खेली। इस शतक के साथ वह लॉर्ड्स में महिला टेस्ट क्रिकेट में शतक लगाने वाली पहली बल्लेबाज बन गईं। उनकी पारी ने भारत को मजबूत बढ़त दिलाने के साथ इंग्लैंड के सामने 457 रनों का विशाल लक्ष्य खड़ा कर दिया।
यास्तिका ने शुरुआत से ही आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की। उन्होंने तेज गेंदबाजों के खिलाफ आकर्षक स्ट्रेट ड्राइव लगाए, जबकि स्पिनरों के विरुद्ध शानदार फुटवर्क का प्रदर्शन किया। तीसरे दिन लंच के बाद उन्होंने अपने शतक को यादगार अंदाज में पूरा किया और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
भारत ने घोषित की दूसरी पारी
भारत ने दूसरी पारी सात विकेट पर 341 रन बनाकर घोषित की। यास्तिका के अलावा ऋचा घोष ने भी तेजतर्रार बल्लेबाजी करते हुए 52 गेंदों में आठ चौकों की मदद से नाबाद 50 रन बनाए। यह उनके टेस्ट करियर का तीसरा अर्धशतक था। इससे पहले स्मृति मंधाना ने 70 रनों की उपयोगी पारी खेली, जबकि हरमनप्रीत कौर 16 रन और जेमिमा रोड्रिग्स केवल तीन रन बनाकर आउट हो गईं। दीप्ति शर्मा भी बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहीं।
इंग्लैंड की ओर से अनुभवी स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन सबसे सफल गेंदबाज रहीं। उन्होंने 33.3 ओवर में 118 रन देकर पांच विकेट अपने नाम किए और भारतीय बल्लेबाजी पर कुछ हद तक अंकुश लगाया।
भारतीय गेंदबाजों ने बढ़ाया दबाव
457 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ और सयाली सतघरे ने नई गेंद से शानदार गेंदबाजी करते हुए शुरुआती झटके दिए। क्रांति गौड़ ने अपनी पहली ही गेंद पर टैमी ब्यूमोंट को आउट कर भारत को बड़ी सफलता दिलाई। उनकी सीम मूवमेंट और अतिरिक्त उछाल ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया। दूसरी ओर, सयाली सतघरे ने भी सटीक लाइन और लेंथ से गेंदबाजी करते हुए माइया बूचियर को पगबाधा आउट किया।
पिच से मिल रही सीम और असमान उछाल का भारतीय गेंदबाजों ने भरपूर फायदा उठाया। बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान नहीं रहा और इंग्लैंड नियमित अंतराल पर विकेट गंवाता रहा। क्रांति गौड़, सयाली सतघरे और अनुभवी स्पिनर स्नेह राणा ने दो-दो विकेट लेकर इंग्लैंड की बल्लेबाजी को पूरी तरह दबाव में रखा।
एमी जोन्स ने संभाली पारी
लगातार विकेट गिरने के बीच विकेटकीपर बल्लेबाज एमी जोन्स ने इंग्लैंड के लिए संघर्ष जारी रखा। उन्होंने नाबाद 52 रन बनाकर टीम को पूरी तरह बिखरने से बचाया। मैडी विलियर्स ने 26 रनों का योगदान देते हुए उनके साथ छठे विकेट के लिए 67 रनों की साझेदारी की, जिससे मैच चौथे दिन तक पहुंच सका। हालांकि, भारत ने यह साझेदारी भी तोड़ दी जब ऋचा घोष ने सिली प्वाइंट पर शानदार कैच लेकर विलियर्स को पवेलियन भेजा।
तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक इंग्लैंड का स्कोर छह विकेट पर 130 रन था। मेजबान टीम को जीत के लिए अभी भी 327 रन बनाने हैं, जबकि उसके केवल चार विकेट शेष हैं। दूसरी ओर, भारत को ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के लिए केवल चार विकेट की जरूरत है। पहली पारी में भारत ने 285 रन बनाए थे, जिसके जवाब में इंग्लैंड की टीम 170 रन पर सिमट गई थी। पहली पारी की बढ़त के आधार पर भारत ने दूसरी पारी में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए विशाल लक्ष्य निर्धारित किया और अब उसकी गेंदबाजी इकाई जीत से सिर्फ कुछ कदम दूर है।










