C-DoT के 43वें स्थापना दिवस पर केंद्रीय राज्य मंत्री चंद्र शेखर पेम्मासानी ने कहा कि भारत 6G और क्वांटम टेक्नोलॉजी में रिसर्च के साथ ग्लोबल Standards तय करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
Tech: केंद्रीय संचार राज्य मंत्री चंद्र शेखर पेम्मासानी ने कहा कि भारत के पास 6G, क्वांटम कम्युनिकेशन और क्वांटम सिक्योरिटी के क्षेत्र में ग्लोबल पहचान बनाने का बड़ा अवसर है। C-DoT के 43वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि देश केवल नई तकनीकों पर रिसर्च करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इनके अंतरराष्ट्रीय मानकों को तय करने में भी योगदान देगा।
6G और क्वांटम टेक्नोलॉजी में भारत की बड़ी भूमिका
केंद्रीय संचार राज्य मंत्री चंद्र शेखर पेम्मासानी ने कहा कि भारत अब नई तकनीकों को केवल अपनाने वाले देशों में शामिल नहीं रहना चाहता, बल्कि उनके विकास में भी अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है। उन्होंने 6G, क्वांटम कम्युनिकेशन और क्वांटम सिक्योरिटी को ऐसे क्षेत्र बताया, जहां भारत के पास वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर है।

C-DoT के 43वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पेम्मासानी ने कहा कि भारत केवल 6G टेक्नोलॉजी पर रिसर्च या अध्ययन तक सीमित नहीं रहेगा। देश इसके विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। उनके मुताबिक, सरकार की विभिन्न पहलों के कारण भारत के पास भविष्य की तकनीकों से जुड़े अंतरराष्ट्रीय Standards को निर्धारित करने में भूमिका निभाने का अवसर है।
4G और 5G से आगे बढ़कर पूरा Ecosystem बनाने पर जोर
पेम्मासानी ने कहा कि देश में नई संचार तकनीकों का पूरा Ecosystem तैयार करने के लिए सभी संबंधित पक्षों की समान जिम्मेदारी है। उन्होंने 4G, 5G और क्वांटम टेक्नोलॉजी का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में भारत को आगे ले जाना सामूहिक जिम्मेदारी है।
DoT के तहत काम करने वाला Centre for Development of Telematics यानी C-DoT टेलीकॉम रिसर्च और डेवलपमेंट के क्षेत्र में काम करता है। मंत्री ने कहा कि भारत को ग्लोबल टेक्नोलॉजी Ecosystem में मजबूत स्थान दिलाना C-DoT के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।
C-DoT ने पेश किए 14 क्वांटम प्रोडक्ट
कार्यक्रम के दौरान C-DoT की ओर से करीब 14 क्वांटम प्रोडक्ट भी पेश किए गए। इन प्रोडक्ट्स को अगली पीढ़ी की टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
भारत ने International Telecommunication Union यानी ITU के International Mobile Telecommunications 2030 Framework में भी योगदान दिया है। यह Framework 6G के विकास और भविष्य की मोबाइल कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी से जुड़ा है।
6G में बेहतर कनेक्टिविटी और नेटवर्क कवरेज पर फोकस
6G टेक्नोलॉजी के संभावित फायदों में बेहतर नेटवर्क कवरेज और ज्यादा व्यापक कनेक्टिविटी को प्रमुखता दी जा रही है। इसके अलावा अलग-अलग डिवाइस के बीच बेहतर कनेक्शन और पर्यावरण के अनुकूल तकनीक विकसित करना भी 6G के प्रमुख लक्ष्यों में शामिल है।
पेम्मासानी ने भारत में साइबर फ्रॉड रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि संचार साथी ऐप और Financial Fraud Risk Indicator जैसे उपायों की मदद से देश में करीब 4,000 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड के नुकसान को रोकने में मदद मिली है।
मंत्री के मुताबिक, 6G और क्वांटम जैसी अगली पीढ़ी की तकनीकों में भारत के सामने केवल रिसर्च और डेवलपमेंट का अवसर नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर इनके Standards और दिशा तय करने में योगदान देने की भी संभावना है।











