India Bloc Protest: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से रात 8 बजे मिलेंगे विपक्षी सांसद, SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त पर उठाएंगे सवाल

India Bloc के विपक्षी सांसद आज रात 8 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे। इस दौरान SIR प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) से जुड़े मुद्दे उठाए

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक के सांसदों को शुक्रवार रात 8 बजे मुलाकात का समय दिया है। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में विपक्षी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर अपनी चिंताएं राष्ट्रपति के सामने रखेंगे।

नई दिल्ली: दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक के सांसद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करने जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति ने शुक्रवार रात 8 बजे विपक्षी प्रतिनिधिमंडल को मिलने का समय दिया है। इस मुलाकात में विपक्षी नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची में किए जा रहे विशेष पुनरीक्षण को लेकर अपनी चिंताएं सामने रख सकते हैं। हालांकि, प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने वाले सांसदों की अंतिम संख्या और बैठक के विस्तृत एजेंडे को लेकर अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।

यह मुलाकात ऐसे समय में होने जा रही है, जब विपक्षी दल पिछले कई दिनों से दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची की समीक्षा से जुड़े मुद्दों पर चुनाव आयोग को पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए। वहीं, इस मामले में विपक्ष के आरोपों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों के बीच अंतर करना जरूरी है।

SIR को लेकर क्यों आमने-सामने हैं विपक्ष और चुनाव आयोग?

मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) इस राजनीतिक विवाद का प्रमुख मुद्दा है। इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची की विस्तृत जांच और आवश्यक संशोधन किए जाते हैं। चुनावी व्यवस्था में इसका उद्देश्य सूची को अधिक सटीक बनाना होता है। हालांकि, विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं के नाम हटने या सूची में बदलाव होने से पात्र नागरिकों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है। इसी मुद्दे पर इंडिया ब्लॉक के नेता चुनाव आयोग से जवाब मांग रहे हैं।

विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रहा है। हालांकि, विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप अपने आप में चुनावी अनियमितता का प्रमाण नहीं हैं। इन दावों की वास्तविक स्थिति का आकलन संबंधित तथ्यों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही किया जा सकता है।

राष्ट्रपति भवन में बैठक का क्या है उद्देश्य?

विपक्षी सांसद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सामने SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से संबंधित अपनी चिंताएं रखना चाहते हैं। राष्ट्रपति से मुलाकात को विपक्ष अपने पक्ष और मांगों को सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचाने के प्रयास के रूप में देख रहा है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के मुताबिक, राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए विपक्ष की ओर से 2 अक्टूबर को अनुरोध भेजा गया था। बताया गया था कि इंडिया ब्लॉक 15 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल के लिए समय चाहता है। मीडिया रिपोर्टों में पहले 10 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल को समय दिए जाने की चर्चा भी सामने आई थी।

अब सूत्रों के हवाले से शुक्रवार रात 8 बजे का समय मिलने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, बैठक में कौन-कौन से नेता शामिल होंगे और राष्ट्रपति के सामने कौन-सी मांगें औपचारिक रूप से रखी जाएंगी, इस पर स्पष्ट जानकारी का इंतजार है।

तीन दिनों से दिल्ली में जारी है विपक्ष का प्रदर्शन

SIR के विरोध में इंडिया ब्लॉक के सांसदों का प्रदर्शन पिछले कुछ दिनों से लगातार जारी है। 6 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। इस दौरान राहुल गांधी सहित कई विपक्षी सांसदों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसके बाद 7 अक्टूबर को भी विपक्षी नेताओं ने विरोध प्रदर्शन जारी रखा और जंतर-मंतर की ओर जाने का प्रयास किया। 

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। 8 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं ने महात्मा गांधी के स्मारक राजघाट पर धरना देकर अपनी मांगों को दोहराया। इन प्रदर्शनों के जरिए विपक्ष चुनाव आयोग पर दबाव बनाने और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर अपने सवालों के जवाब मांगने की कोशिश कर रहा है।

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर बढ़ा विवाद

इंडिया ब्लॉक के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि SIR से जुड़े मुद्दों पर चुनाव आयोग की जवाबदेही तय होनी चाहिए। दूसरी ओर, इस विवाद के समाधान के लिए चुनावी प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों और संबंधित पक्षों के आधिकारिक रुख को समझना महत्वपूर्ण होगा।

राष्ट्रपति से प्रस्तावित मुलाकात इस राजनीतिक विवाद का अगला अहम घटनाक्रम हो सकती है। बैठक के दौरान विपक्षी सांसद अपनी शिकायतें और मांगें सामने रख सकते हैं, लेकिन इसके बाद क्या कदम उठाए जाएंगे, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

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