भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को नया फील्डिंग कोच मिल गया है। 57 वर्षीय Subhadeep Ghosh को इस पद के लिए नियुक्त किया गया है। वह पूर्व फील्डिंग कोच T. Dilip की जगह लेंगे, जिनका जिम्बाब्वे दौरे के बाद अनुबंध समाप्त हो गया था और उसे आगे नहीं बढ़ाया गया।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज से पहले अपने सपोर्ट स्टाफ में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अनुभवी कोच और पूर्व घरेलू क्रिकेटर Shubdeep Ghosh को राष्ट्रीय टीम का नया फील्डिंग कोच नियुक्त किया है। वह टी. दिलीप की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल हाल ही में समाप्त हुआ था।
शुभदीप घोष की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारतीय टीम नए विश्व टेस्ट चक्र की तैयारियों में जुटी हुई है। श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज उनके कार्यकाल की पहली बड़ी जिम्मेदारी होगी। यह सीरीज 15 अगस्त से शुरू होने वाली है, जिसका पहला मुकाबला गॉल में खेला जाएगा।
भारतीय टीम के कोचिंग स्टाफ में नया चेहरा
गौतम गंभीर के नेतृत्व वाले भारतीय टीम के कोचिंग समूह में शुभदीप घोष सबसे नए सदस्य के रूप में शामिल हुए हैं। वर्तमान कोचिंग सेटअप में बल्लेबाजी कोच Sitanshu Kotak और गेंदबाजी कोच Morne Morkel पहले से मौजूद हैं। टी. दिलीप और रयान टेन डोएशेट के कार्यकाल समाप्त होने के बाद भारतीय क्रिकेट प्रबंधन ने फील्डिंग विभाग को नई दिशा देने के लिए घोष पर भरोसा जताया है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक क्रिकेट में फील्डिंग का महत्व लगातार बढ़ रहा है और ऐसे में अनुभवी फील्डिंग विशेषज्ञ की भूमिका बेहद अहम हो जाती है।
घरेलू क्रिकेट से राष्ट्रीय टीम तक का सफर

57 वर्षीय शुभदीप घोष का क्रिकेट सफर घरेलू स्तर से शुरू होकर राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा है। उन्होंने 1994 से 2004 के बीच असम और रेलवे की ओर से घरेलू क्रिकेट खेला। अपने करियर में उन्होंने 17 प्रथम श्रेणी (First-Class) और 17 लिस्ट-ए मुकाबलों में हिस्सा लिया। घोष ने 1994-95 सत्र में असम के लिए पदार्पण किया था और एक दशक तक प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलते रहे। हालांकि उनका खेल करियर बहुत लंबा नहीं रहा, लेकिन कोचिंग के क्षेत्र में उन्होंने लगातार अपनी पहचान मजबूत की।
क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उन्होंने खिलाड़ियों के विकास और फील्डिंग कौशल को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया, जिसका परिणाम उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित पदों में से एक तक ले आया।
राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में निभाई अहम भूमिका
शुभदीप घोष पिछले कई वर्षों से भारतीय क्रिकेट संरचना का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) में विभिन्न स्तरों पर काम किया है और युवा खिलाड़ियों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। राहुल द्रविड़ के एनसीए प्रमुख रहने के दौरान घोष ने कई प्रशिक्षण कार्यक्रमों और खिलाड़ी विकास परियोजनाओं में सक्रिय भूमिका निभाई। उनके काम को खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रशासकों दोनों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।
इसके अलावा उन्होंने इंडिया-ए टीम, भारतीय महिला क्रिकेट टीम और विभिन्न आयु वर्ग की राष्ट्रीय टीमों के साथ भी काम किया है। इस अनुभव ने उन्हें भारतीय क्रिकेट प्रणाली की गहरी समझ प्रदान की है।
आईपीएल और घरेलू कोचिंग का अनुभव
राष्ट्रीय स्तर के अलावा शुभदीप घोष को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी काम करने का अनुभव है। वह विभिन्न समय पर दिल्ली कैपिटल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स जैसी फ्रेंचाइजी टीमों के साथ जुड़े रहे हैं। उन्होंने असम क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली और राज्य के कई युवा खिलाड़ियों के विकास में योगदान दिया। उनके कोचिंग करियर की सबसे बड़ी विशेषता खिलाड़ियों की तकनीकी क्षमता के साथ-साथ मानसिक तैयारी पर जोर देना माना जाता है।
शुभदीप घोष की नियुक्ति पर असम क्रिकेट एसोसिएशन (ACA) ने खुशी व्यक्त की है। एसोसिएशन का कहना है कि घोष ने वर्षों की मेहनत, समर्पण और पेशेवर दृष्टिकोण के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है। संस्था के अनुसार, उनका भारतीय टीम के फील्डिंग कोच के रूप में चयन न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि असम और पूर्वोत्तर भारत के क्रिकेट समुदाय के लिए भी गर्व का विषय है। इससे क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों और उभरते कोचों को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।











