तेलंगाना की प्रवीणा ने साधारण कॉलेज से इंजीनियरिंग करने के बावजूद अपनी मेहनत, कोडिंग स्किल्स और अनुशासित तैयारी के दम पर Qualcomm में 50 लाख रुपये का सालाना पैकेज हासिल किया। आज उन्होंने अपने माता-पिता के लिए सपनों का घर भी खरीदा है।
Success Story: IIT या NIT से पढ़ाई किए बिना भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। Success Story की इस प्रेरणादायक कहानी में तेलंगाना की इंजीनियर प्रवीणा ने साबित किया कि लगातार मेहनत, सही रणनीति और परिवार का साथ किसी भी सपने को हकीकत में बदल सकता है। आज वह लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
साधारण कॉलेज से शुरू हुआ सफलता का सफर
तेलंगाना के संगारेड्डी जिले के एक साधारण परिवार में जन्मी प्रवीणा बचपन से ही पढ़ाई में अच्छी थीं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा सेंट एंथनी स्कूल और नारायण बचुपल्ली से पूरी की। इंजीनियर बनने का सपना लेकर उन्होंने जवाहरलाल नेहरू टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (JNTU), सुल्तानपुर से बीटेक में दाखिला लिया। उन्होंने किसी IIT या NIT से पढ़ाई नहीं की, लेकिन शुरुआत से ही खुद को बेहतर बनाने पर पूरा ध्यान दिया।
कॉलेज के साथ शुरू की GATE और Coding की तैयारी
प्रवीणा ने बीटेक के दूसरे वर्ष से ही GATE परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। कॉलेज की पढ़ाई के साथ उन्होंने C++, Data Structures और Problem Solving पर लगातार काम किया। HackerRank, LeetCode और Codewars जैसे प्लेटफॉर्म पर रोजाना अभ्यास करके उन्होंने अपनी कोडिंग स्किल्स को मजबूत बनाया। इसी तैयारी का फायदा उन्हें GATE परीक्षा में भी मिला और अच्छे स्कोर के आधार पर उन्हें IIIT Hyderabad में M.Tech में प्रवेश मिला।
अनुशासन बना सफलता की सबसे बड़ी ताकत
प्रवीणा की सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और अनुशासित दिनचर्या का बड़ा योगदान रहा। वह रोज सुबह 4 बजे उठकर पढ़ाई करती थीं और कॉलेज जाने से पहले एक घंटा पढ़ने का नियम कभी नहीं छोड़ती थीं। कॉलेज से लौटने के बाद भी कई घंटे पढ़ाई और कोडिंग प्रैक्टिस करती थीं। उनका लक्ष्य हर दिन कम से कम आठ घंटे पढ़ाई करना था। अपनी प्रगति पर नजर रखने के लिए उन्होंने कमरे में विजुअल ट्रैकिंग सिस्टम भी लगाया था, जिससे उन्हें रोजाना अपनी पढ़ाई का रिकॉर्ड देखने में मदद मिलती थी।
बड़े पैकेज के लिए ठुकराए कई ऑफर
एमटेक की पढ़ाई के दौरान प्रवीणा को कई स्टार्टअप कंपनियों से नौकरी के ऑफर मिले। पहले उन्हें 18 लाख रुपये का पैकेज ऑफर किया गया, लेकिन उन्होंने GATE और आगे की तैयारी को प्राथमिकता देते हुए इसे स्वीकार नहीं किया। इसके बाद 24 लाख रुपये का एक और ऑफर भी मिला, लेकिन उन्होंने अपने करियर लक्ष्य से समझौता नहीं किया। बाद में उन्हें Qualcomm में करीब 38 लाख रुपये के शुरुआती पैकेज पर नौकरी मिली। लगातार बेहतर प्रदर्शन और अनुभव के बाद आज उनका सालाना पैकेज करीब 50 लाख रुपये तक पहुंच चुका है।
XR टेक्नोलॉजी पर कर रही हैं काम
वर्तमान में प्रवीणा Qualcomm में Senior Engineer के पद पर कार्यरत हैं। वह Extended Reality (XR) प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हैं, जिसमें Augmented Reality (AR) और Virtual Reality (VR) तकनीकों का उपयोग होता है। उनका काम ऐसे स्मार्ट XR ग्लास विकसित करने पर केंद्रित है, जो आकार में छोटे होने के साथ अधिक एडवांस और उपयोगी बन सकें।
माता-पिता का सपना किया पूरा
प्रवीणा अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता और परिवार को देती हैं। उनका कहना है कि परिवार ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और हर कठिन समय में साथ दिया। अपनी मेहनत की कमाई से उन्होंने हैदराबाद में अपने माता-पिता के लिए एक फ्लैट खरीदा और उन्हें एक कार भी उपहार में दी। यह उनके जीवन का सबसे भावुक और गर्व का पल था।
प्रवीणा की कहानी यह संदेश देती है कि सफलता केवल बड़े संस्थानों से नहीं, बल्कि मेहनत, निरंतर सीखने की इच्छा और सही दिशा में किए गए प्रयासों से मिलती है। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो साधारण शुरुआत करने वाला व्यक्ति भी असाधारण उपलब्धियां हासिल कर सकता है।













