Success Story: IIT-NIT के बिना वैभव मिश्रा ने 1.3 करोड़ का पैकेज पाया, 6 महीने में मिले 8 जॉब ऑफर

वैभव मिश्रा ने IIT-NIT के बिना टेक करियर में ₹1.3 करोड़ CTC हासिल किया। रिजेक्शन के बाद स्किल्स सुधारीं और 6 महीने में 8 जॉब ऑफर पाए।

उत्तर प्रदेश के वैभव मिश्रा ने IIT-NIT से पढ़ाई किए बिना टेक्नोलॉजी क्षेत्र में 1.3 करोड़ रुपये का CTC हासिल किया। शुरुआती रिजेक्शन के बाद स्किल्स और इंटरव्यू तैयारी पर फोकस किया और 6 महीनों में 8 कंपनियों से ऑफर मिले।

Success Story: उत्तर प्रदेश के कानपुर से आने वाले वैभव मिश्रा की सफलता की कहानी दिखाती है कि करियर में आगे बढ़ने के लिए सिर्फ प्रतिष्ठित कॉलेज की डिग्री ही पर्याप्त नहीं होती। शुरुआती दौर में छोटी कंपनियों और स्टार्टअप्स से रिजेक्शन मिलने के बाद उन्होंने अपनी कमियों पर काम किया। टेक्निकल स्किल्स, सिस्टम डिजाइन और इंटरव्यू तैयारी मजबूत करने के बाद उन्हें 6 महीने में 8 कंपनियों से ऑफर मिले।

साधारण परिवार से निकलकर टेक करियर में बनाई पहचान

कानपुर के एक साधारण परिवार से आने वाले वैभव मिश्रा पढ़ाई में शुरू से अच्छे रहे। उन्होंने 2015 में ICSE बोर्ड की 10वीं परीक्षा 85.4 प्रतिशत अंकों के साथ पास की। इसके बाद 2017 में ISC बोर्ड से 12वीं की परीक्षा 88.8 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की।

परिवार ने उनकी पढ़ाई और करियर को आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग किया। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान, ग्वालियर से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया।

IIT-NIT के बजाय ABV-IIITM ग्वालियर से की पढ़ाई

इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अक्सर IIT और NIT जैसे संस्थानों को बेहतर करियर के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि, वैभव की कहानी इससे अलग है। उन्होंने ABV-IIITM ग्वालियर से पढ़ाई पूरी करने के बाद टेक इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाई।

कॉलेज के दौरान ही उन्होंने फ्रंट-एंड डेवलपमेंट और कॉम्पिटेटिव प्रोग्रामिंग पर काम शुरू कर दिया था। प्रॉब्लम सॉल्विंग और कोडिंग की मजबूत तैयारी ने आगे चलकर उन्हें तकनीकी इंटरव्यू के लिए तैयार किया।

रिजेक्शन को बनाया तैयारी का जरिया

वैभव के करियर की शुरुआत में परिस्थितियां आसान नहीं थीं। उन्हें छोटी कंपनियों और स्टार्टअप्स के इंटरव्यू में भी रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। लगातार असफलताओं के बावजूद उन्होंने इसे अपनी क्षमता का अंतिम पैमाना नहीं माना।

उन्होंने अपनी कमियों को पहचाना और सिस्टम डिजाइन, तकनीकी तैयारी तथा इंटरव्यू स्ट्रैटेजी पर दोबारा काम किया। साथ ही उन्होंने फ्रंट-एंड इंजीनियरिंग में विशेषज्ञता विकसित करने पर ध्यान दिया।

उनकी तकनीकी स्किल्स में C++, C, Java और JavaScript जैसी प्रोग्रामिंग भाषाओं के साथ Node.js, Express.js, React, Redux, HTML और CSS शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने MySQL और NoSQL जैसे डेटाबेस पर भी काम किया।

6 महीने में 8 कंपनियों से मिले ऑफर

तैयारी और लगातार इंटरव्यू देने का असर कुछ समय बाद दिखाई दिया। वैभव को 6 महीनों के दौरान 8 कंपनियों से जॉब ऑफर मिले। इनमें Coinswitch से 40-45 लाख रुपये CTC, ShopFlo से 40-45 लाख रुपये CTC और Atlassian से 55-60 लाख रुपये CTC का ऑफर शामिल था।

उन्हें Blinkit से 31 लाख रुपये बेस, Upstocks से 45-50 लाख रुपये CTC और Zeta से 55-60 लाख रुपये CTC का ऑफर मिला। इसके अलावा InTuit से 70-80 लाख रुपये और ByteDance से 1.3 करोड़ रुपये CTC का ऑफर मिला।

Groww का अनुभव बना करियर में अहम पड़ाव

वैभव ने Groww में करीब तीन साल तक काम किया। इस दौरान उन्होंने बड़े स्तर पर वेब परफॉर्मेंस, Next.js और यूजर एक्सपीरियंस ऑप्टिमाइजेशन जैसे क्षेत्रों में काम किया।

रियल-वर्ल्ड प्रोजेक्ट्स से मिले इस अनुभव ने उनकी तकनीकी समझ को और मजबूत किया। इसके बाद उन्होंने सीनियर इंजीनियरिंग भूमिकाओं के लिए खुद को तैयार किया।

वर्तमान में वैभव ने ByteDance का 1.3 करोड़ रुपये CTC वाला ऑफर स्वीकार किया है और दुबई में सीनियर फ्रंट-एंड इंजीनियरिंग के रूप में काम कर रहे हैं। उनकी कहानी बताती है कि शुरुआती रिजेक्शन के बाद लगातार स्किल डेवलपमेंट और सही दिशा में तैयारी करियर की तस्वीर बदल सकती है।

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