महाराष्ट्र के विरार में 8 महीने की बेटी को मायके ले जाने को लेकर हुए पारिवारिक विवाद के दौरान 28 वर्षीय महिला की कथित तौर पर गिरने से मौत हो गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर ससुर को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पालघर: महाराष्ट्र के पालघर जिले के विरार पश्चिम स्थित नारिंगी गांव में एक पारिवारिक विवाद ने दुखद रूप ले लिया। 8 महीने की बेटी को मायके साथ ले जाने को लेकर हुए विवाद के दौरान 28 वर्षीय महिला की कथित तौर पर गिरने से मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद मृतका के परिजनों की शिकायत पर महिला के ससुर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है।
घटना कैसे हुई?
पुलिस के मुताबिक, घटना गुरुवार सुबह करीब 8:45 बजे की है। मृतका प्राची कल्पेश पाटील अपने मायके जाने की तैयारी कर रही थीं। उनके भाई विशाल अनंत पाटील उन्हें लेने ससुराल पहुंचे थे। परिवार के अनुसार, प्राची अपनी 8 महीने की बेटी को भी अपने साथ मायके ले जाना चाहती थीं। उस समय बच्ची कथित तौर पर उसके दादा गणपत सखाराम पाटील के कंधे पर थी। आरोप है कि जब प्राची ने बेटी को अपने साथ ले जाने के लिए गोद में लेने की कोशिश की, तो इस बात को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। विवाद बढ़ने पर कथित रूप से धक्का लगने से प्राची फर्श पर गिर गईं और उनके सिर में गंभीर चोट आई।
अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत
परिजनों ने घायल महिला को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनका उपचार शुरू किया। हालांकि, सिर में गंभीर अंदरूनी चोट होने के कारण इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है और इलाके में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
मृतका के भाई ने लगाए गंभीर आरोप
मृतका के भाई विशाल अनंत पाटील ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि उनकी बहन और ससुर के बीच पहले से भी पारिवारिक मतभेद थे। उनका कहना है कि आरोपी ससुर अक्सर प्राची के साथ दुर्व्यवहार और अपमानजनक व्यवहार करते थे। शिकायत के अनुसार, घटना वाले दिन भी बच्ची को साथ ले जाने की बात पर विवाद हुआ, जिसके दौरान कथित रूप से धक्का दिया गया और उसी के कारण प्राची गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं।

पुलिस ने दर्ज किया मामला
शिकायत के आधार पर बोलींज पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) तथा धारा 351(2) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी गणपत सखाराम पाटील को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा और आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। जांच अधिकारी घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं।
घटनास्थल और परिस्थितियों की जांच
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट किया जाएगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि घटना पूरी तरह अचानक हुए विवाद का परिणाम थी या इसके पीछे पहले से चला आ रहा पारिवारिक तनाव भी एक महत्वपूर्ण कारण था।
घरेलू विवाद और कानूनी पहलू
विशेषज्ञों का मानना है कि पारिवारिक विवाद कई बार अचानक हिंसक रूप ले लेते हैं, जिससे गंभीर और अपूरणीय परिणाम सामने आते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस केवल शिकायतों के आधार पर नहीं, बल्कि उपलब्ध साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर निष्कर्ष तक पहुंचती है। भारतीय न्याय संहिता के तहत गैर इरादतन हत्या से जुड़े मामलों में अदालत यह देखती है कि घटना के समय आरोपी की मंशा क्या थी और उपलब्ध साक्ष्य क्या संकेत देते हैं। अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आता है।
इलाके में शोक और जांच जारी
घटना के बाद नारिंगी गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है। स्थानीय लोग इस घटना को बेहद दुखद बता रहे हैं। पुलिस ने कहा है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और सभी तथ्यों की गहन जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और अदालत के निर्देशों के अनुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मामले से जुड़ी अपुष्ट या भ्रामक जानकारी साझा करने से बचें और जांच पूरी होने तक आधिकारिक तथ्यों का इंतजार करें।













