उत्तर प्रदेश के अमरोहा के अभिषेक कुमार ने पिता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी संभाली। कंस्ट्रक्शन साइट पर दिहाड़ी मजदूरी और ऑनलाइन पढ़ाई के साथ SSC CGL की तैयारी की और 2022 में एक्साइज इंस्पेक्टर बने।
SSC CGL Success Story: अमरोहा के किसान परिवार से आने वाले अभिषेक कुमार की सफलता की कहानी संघर्ष और मेहनत से जुड़ी है। 2018 में पिता को खोने के बाद उन्होंने परिवार की जिम्मेदारी संभाली और कंस्ट्रक्शन साइट पर मजदूरी करते हुए पढ़ाई जारी रखी। बिजली की सुविधा नहीं होने के बावजूद उन्होंने चार्जिंग लैंप और ऑनलाइन क्लास की मदद से SSC की तैयारी की और आखिरकार एक्साइज इंस्पेक्टर के पद पर चयन हासिल किया।
पिता को खोने के बाद परिवार की जिम्मेदारी संभाली
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के रहने वाले अभिषेक कुमार एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता खेती-किसानी करते थे और इसी से परिवार के चार सदस्यों का गुजारा चलता था। साल 2018 में जब अभिषेक 12वीं कक्षा में पढ़ रहे थे, तब बीमारी के कारण उनके पिता का निधन हो गया।

पिता के जाने के बाद परिवार में मां, एक छोटी बहन, एक भाई और अभिषेक रह गए। परिवार के कमाने वाले मुख्य सदस्य के निधन के बाद घर की जिम्मेदारी कम उम्र में ही अभिषेक के कंधों पर आ गई। आर्थिक स्थिति पहले से ही सीमित थी, ऐसे में पढ़ाई जारी रखना उनके लिए आसान नहीं था।
इसके बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई छोड़ने का फैसला नहीं किया। परिवार की जरूरतें पूरी करने के लिए उन्होंने काम करना शुरू किया और साथ ही अपने सरकारी नौकरी के सपने को भी जिंदा रखा।
कंस्ट्रक्शन साइट पर मजदूरी के साथ जारी रखी पढ़ाई
अभिषेक ने परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए कंस्ट्रक्शन साइट पर दिहाड़ी मजदूर के तौर पर काम किया। दिनभर काम करने के बाद उनके पास पढ़ाई के लिए बहुत कम समय बचता था। इसके बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई को प्राथमिकता दी।
12वीं के बाद उन्होंने किसी तरह कॉलेज की पढ़ाई का इंतजाम किया। इसी दौरान सरकारी नौकरी हासिल करने का लक्ष्य लेकर कर्मचारी चयन आयोग यानी SSC की परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी।
उनकी परिस्थितियां सामान्य विद्यार्थियों से काफी अलग थीं। उन्हें एक तरफ परिवार की जरूरतों के लिए मेहनत करनी थी और दूसरी तरफ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी भी करनी थी। उन्होंने दिन में काम और रात में पढ़ाई का रास्ता अपनाया।
घर में बिजली की सुविधा नहीं होने के कारण पढ़ाई के लिए भी उन्हें अलग व्यवस्था करनी पड़ती थी। अभिषेक ने चार्जिंग लैंप का सहारा लिया। लैंप को पड़ोसियों के घर से चार्ज कराने के बाद वह रात में उसी की रोशनी में पढ़ाई करते थे।
महंगी कोचिंग के बजाय ऑनलाइन क्लास से तैयारी
आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि अभिषेक किसी महंगी कोचिंग संस्थान की फीस भर सकें। इसलिए उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन माध्यम को चुना।
वह अपने मोबाइल फोन पर YouTube के जरिए लाइव और रिकॉर्डेड क्लास देखते थे। दिनभर कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करने के बाद रात का समय पढ़ाई के लिए इस्तेमाल करते थे।
ऑनलाइन उपलब्ध अध्ययन सामग्री ने उन्हें बिना महंगी कोचिंग के तैयारी करने का अवसर दिया। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और SSC परीक्षा को लक्ष्य बनाकर मेहनत करते रहे।
उनके सामने आर्थिक परेशानी, परिवार की जिम्मेदारी और पढ़ाई के लिए सीमित संसाधन जैसी कई चुनौतियां थीं। लेकिन इन परिस्थितियों के बीच उन्होंने अपनी तैयारी को लगातार जारी रखा।
SSC CGL 2022 में हासिल की सफलता
कई मुश्किलों के बाद अभिषेक की मेहनत का परिणाम SSC CGL 2022 के फाइनल रिजल्ट में सामने आया। फाइनल सेलेक्शन लिस्ट में उनका नाम शामिल था।
अभिषेक कुमार का चयन कस्टम्स एंड सेंट्रल एक्साइज इंस्पेक्टर के पद पर हुआ। जिस समय वह परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए कंस्ट्रक्शन साइट पर दिहाड़ी मजदूरी कर रहे थे, उसी संघर्ष के बाद उन्होंने सरकारी सेवा में जगह बनाई।
उनकी सफलता ने परिवार के लिए भी एक महत्वपूर्ण बदलाव लाया। कम उम्र में जिन कंधों पर परिवार की जिम्मेदारी आ गई थी, उन्हीं कंधों पर अब सरकारी सेवा की वर्दी के तीन स्टार सजे हैं।
सफलता हासिल करने के बाद अभिषेक राकेश यादव सर से मिलने भी पहुंचे। इस दौरान उनके चेहरे और आंखों में लंबे संघर्ष के बाद मिली कामयाबी की खुशी दिखाई दी।
संघर्ष से मिली सफलता की कहानी
अभिषेक कुमार की यात्रा में आर्थिक परेशानियों के साथ पढ़ाई और परिवार की जिम्मेदारी का संतुलन भी शामिल रहा। उन्होंने कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करते हुए अपनी पढ़ाई जारी रखी और सीमित संसाधनों में ऑनलाइन माध्यम से SSC की तैयारी की।
उनकी कहानी यह दिखाती है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान संसाधनों की कमी एक चुनौती हो सकती है, लेकिन उन्होंने उपलब्ध साधनों के जरिए अपनी तैयारी जारी रखी। पिता की मृत्यु के बाद परिवार संभालने से लेकर सरकारी नौकरी हासिल करने तक का उनका सफर लंबा और संघर्षपूर्ण रहा।
SSC CGL 2022 की फाइनल चयन सूची में नाम आने के साथ उनके लंबे प्रयास को मंजिल मिली। एक्साइज इंस्पेक्टर के पद पर चयन उनके लिए न केवल रोजगार की उपलब्धि रहा, बल्कि परिवार की जिम्मेदारी निभाते हुए हासिल की गई एक बड़ी सफलता भी बनी।













