International Women Judges Day 2025: महिला न्यायाधीशों के संघर्ष और सफलता को सलाम

International Women Judges Day 2025 पर जानें महिला न्यायाधीशों के अद्वितीय योगदान, उनके संघर्ष और न्याय प्रणाली में उनकी सफलता की प्रेरक कहानियां

हर साल 10 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला न्यायाधीश दिवस मनाया जाता है, जो उन महिला न्यायाधीशों को सम्मानित करने का अवसर है जिन्होंने न्याय और समानता के लिए अपनी आवाज बुलंद की है। यह दिन न्यायिक प्रणाली में लैंगिक समानता, निष्पक्षता और महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने का प्रतीक है।

महिला न्यायाधीशों का योगदान और संघर्ष

आज भी न्यायपालिका में महिलाओं को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्हें यौन उत्पीड़न, बदमाशी, भेदभाव और कई बाधाओं से गुजरना पड़ता है। लेकिन इसके बावजूद, महिला न्यायाधीशों ने साहस और संकल्प के साथ अपनी पहचान बनाई है। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 28 अप्रैल, 2021 को एक प्रस्ताव पारित कर 10 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला न्यायाधीश दिवस घोषित किया।

पहली बार कब मनाया गया यह दिवस?

पहली बार यह दिवस 10 मार्च, 2022 को मनाया गया था। इसका उद्देश्य न्यायिक प्रणाली में महिलाओं की समान भागीदारी को सुनिश्चित करना और उनकी उपलब्धियों का जश्न मनाना था। "न्याय में महिलाएं, न्याय के लिए महिलाएं" थीम के साथ अभियान इस वर्ष यह दिवस "न्याय में महिलाएं, न्याय के लिए महिलाएं" थीम के तहत मनाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य न्यायपालिका के सभी स्तरों पर महिलाओं की पूर्ण और समान भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।

महिला न्यायाधीशों की उपलब्धियाँ

भारत की पहली महिला न्यायाधीश: मीरा साहिब फातिमा बीवी सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त होने वाली पहली महिला जज थीं। संयुक्त राष्ट्र और न्याय: महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिए यूएनओडीसी (UN Office on Drugs and Crime) ने 2020 में दोहा, कतर में एक सम्मेलन आयोजित किया था, जिसमें महिला न्यायाधीशों की स्थिति पर चर्चा हुई थी। दुनिया भर में महिला न्यायाधीशों की संख्या: आज भी न्यायपालिका में महिलाओं का प्रतिशत पुरुषों की तुलना में काफी कम है।

महिला न्यायाधीशों को सम्मान देने का दिन

अंतर्राष्ट्रीय महिला न्यायाधीश दिवस केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उन महिलाओं के संघर्ष को सलाम करने का दिन है जिन्होंने कठिनाइयों के बावजूद न्याय की गद्दी संभाली और समाज में समानता और निष्पक्षता की नींव रखी। इस दिन हम उन सभी महिला न्यायाधीशों को सम्मान देते हैं, जिन्होंने अपने साहस और संकल्प से न्याय की परिभाषा बदली और महिलाओं के लिए नए रास्ते खोले।

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