इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) दुनिया का सबसे लोकप्रिय क्रिकेट टूर्नामेंट है, जो हर साल मार्च से मई के बीच अपने रोमांचक मैचों के साथ दर्शकों का दिल जीतता है। IPL 2026 में कुल 10 टीमें हिस्सा ले रही हैं और लीग की बढ़ती लोकप्रियता और कमाई ने भविष्य में नई टीमों की संभावना को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है।
स्पोर्ट्स न्यूज़: Indian Premier League दुनिया में सबसे ज्यादा देखे जाने वाले स्पोर्ट्स टूर्नामेंट्स में से एक है। मार्च से मई के बीच का आईपीएल सीजन क्रिकेट के रोमांच को एक अलग ही स्तर पर ले जाता है, जहां 10 टीमें एक ट्रॉफी जीतने के इरादे से मैदान पर उतरती हैं। साल 2021 तक आईपीएल में टीमों की संख्या 8 थी, लेकिन अब यह बढ़कर 10 हो गई है। भविष्य में टीमों की संख्या बढ़ाने की संभावना को लेकर आईपीएल चेयरमैन Arun Singh Dhumal ने अपना पक्ष रखा है।
IPL की मौजूदा स्थिति और कमाई के आंकड़े
पिछले साल IPL के सभी 10 टीमों ने मिलकर 1000 करोड़ से ज्यादा का रेवेन्यू जनरेट किया। वहीं, राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू जैसी टीमें हाल ही में 15,000 करोड़ से भी अधिक कीमत में बिक चुकी हैं। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि IPL केवल खेल ही नहीं बल्कि एक विशाल बिज़नेस प्लेटफॉर्म भी बन चुका है।
इस तरह की बढ़ती कमाई और लोकप्रियता के चलते सवाल उठता है कि क्या IPL भविष्य में और टीमों को शामिल करके अपने दर्शकों को और ज्यादा रोमांच दे सकता है।
क्या बढ़ सकती है IPL में टीमों की संख्या?

अरुण सिंह धूमल ने साफ किया कि टीमों की संख्या बढ़ाने के लिए टूर्नामेंट की अवधि बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि फिलहाल IPL का समय मार्च से मध्य मई तक ही उपलब्ध है। उन्होंने कहा,
'जून शुरू होते ही दक्षिण भारत में मॉनसून का सत्र शुरू हो जाता है। इसलिए IPL की अवधि को बढ़ाना फिलहाल संभव नहीं है। अगर मैचों की संख्या 74 से 94 करनी हो तो डबल हेडर ज्यादा करने पड़ेंगे, जो ब्रॉडकास्टर्स के लिए उपयुक्त नहीं है।'
इससे यह स्पष्ट होता है कि टीमों की संख्या बढ़ाने का फैसला केवल वित्तीय क्षमता या दर्शकों की मांग पर नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट शेड्यूल और मौसम की स्थिति पर भी निर्भर करता है।
क्या बढ़ सकते हैं IPL के मैचों की संख्या?
IPL 2026 में कुल 74 मैच खेले जा रहे हैं। टीमों की संख्या बढ़ने पर मैचों की संख्या 94 तक बढ़ सकती है। लेकिन चेयरमैन ने कहा कि इससे ब्रॉडकास्टिंग और खिलाड़ियों पर दबाव बढ़ जाएगा। उन्हें लगता है कि टूर्नामेंट की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए फिलहाल मौजूदा प्रारूप सबसे उपयुक्त है। अरुण सिंह धूमल ने ICC के अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल का हवाला देते हुए बताया कि IPL के लिए मार्च-मई का समय ही उपलब्ध है। इसलिए फिलहाल नई टीमों की एंट्री तभी संभव होगी जब टूर्नामेंट की अवधि बढ़ाई जाए।
उन्होंने कहा, IPL ने सबको बहुत सारा पैसा कमाकर दिया है। लेकिन टीमों की संख्या तभी बढ़ाई जा सकती है जब टूर्नामेंट की अवधि बढ़े और ICC के अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल के साथ टकराव न हो। इस बयान से साफ है कि नई टीमों की संभावना भविष्य में जरूर है, लेकिन इसके लिए समय और शेड्यूल पर विचार करना होगा।









