IPO Market 2025: 18 साल पुराना रिकॉर्ड टूटने को तैयार, इस साल 1.6 लाख करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद

IPO मार्केट 2025 में निवेशकों के लिए रिकॉर्ड साल बनने वाला है। इस साल भारतीय कंपनियां 1.6 लाख करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में हैं। जानें कौन-कौन सी कंपनियां

भारतीय शेयर बाजार में इस साल आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) का जोरदार साल रहा है। कई प्रमुख कंपनियों के IPO बाजार में आने से निवेशकों के लिए निवेश का अच्छा मौका मिला है।

India IPO Market 2025: भारतीय शेयर बाजार के लिए यह साल आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिहाज से ऐतिहासिक साबित होने जा रहा है। 18 वर्षों का रिकॉर्ड टूटने की कगार पर है। साल के अंत तक न केवल आईपीओ की संख्या नए शिखर पर पहुंचने की उम्मीद है, बल्कि इनके जरिए जुटाई जाने वाली कुल पूंजी भी 1.6 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। यह आंकड़ा भारतीय प्राथमिक बाजार के इतिहास में एक नया कीर्तिमान होगा।

मीशो, एक्वस और विद्या वायर्स जैसी बड़ी कंपनियों के आईपीओ के आने के बाद यह साल 2007 के बाद सबसे अधिक आईपीओ वाला वर्ष बनने वाला है। इससे निवेशकों को शेयर बाजार में दांव लगाने के भरपूर अवसर मिले हैं।

18 साल बाद टूटेगा सबसे बड़ा रिकॉर्ड

वर्ष 2007 में भारत में आईपीओ की संख्या अपने चरम पर थी। अब 2025 में वही रिकॉर्ड टूटने जा रहा है। अब तक 93 कंपनियां अपने आईपीओ के साथ शेयर बाजार में उतर चुकी हैं, जबकि आने वाले दिनों में मीशो, एक्वस और विद्या वायर्स के आईपीओ लॉन्च होने के बाद यह संख्या 96 तक पहुंचने की उम्मीद है।

यह आंकड़ा 18 साल में किसी भी एक साल का सबसे बड़ा आईपीओ बैच होगा। साथ ही, इन सभी आईपीओ के जरिए जुटाई जाने वाली कुल पूंजी 1.6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होने का अनुमान है, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर होगा।

पिछले साल की तुलना में कितना आगे है यह साल?

अगर पिछले वर्ष की बात करें तो:

  • 2024 में कुल 94 आईपीओ आए थे
  • इनके जरिए करीब 1.59 लाख करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई गई थी

वर्ष 2025 में अब तक 93 आईपीओ आ चुके हैं और अभी कुछ बड़े निर्गम बाकी हैं। यानी आंकड़ों के लिहाज से यह साल पिछले वर्ष को न केवल बराबरी पर ला चुका है, बल्कि पूंजी संग्रह के मामले में उसे पीछे छोड़ने वाला है।

साल की शुरुआत में कमजोर रहा प्राथमिक बाजार

हालांकि यह साल हमेशा से इतना मजबूत नहीं रहा। बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, साल के शुरुआती महीनों में सेकेंडरी बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिसका सीधा असर प्राइमरी बाजार पर पड़ा।

  • मार्च में एक भी आईपीओ नहीं आया
  • अप्रैल में सिर्फ 1 आईपीओ लॉन्च हुआ
  • मई से बाजार में सुधार शुरू हुआ
  • जुलाई के बाद हर महीने 10 से अधिक आईपीओ आने लगे

सबसे खास बात यह रही कि सितंबर महीने में दो दर्जन से अधिक कंपनियां लिस्ट हुईं, जो जनवरी 1997 के बाद किसी एक महीने में सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसके बाद अक्टूबर और नवंबर में भी आईपीओ की रफ्तार बनी रही।

मीशो का IPO बनेगा साल का बड़ा आकर्षण

देश की प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनी मीशो (Meesho) का आईपीओ इस साल का सबसे चर्चित निर्गम माना जा रहा है।

  • IPO ओपन डेट: 3 दिसंबर
  • क्लोजिंग डेट: 5 दिसंबर
  • एंकर निवेशकों के लिए: 2 दिसंबर
  • फंड जुटाने का लक्ष्य: 5,421 करोड़ रुपये
  • प्राइस बैंड: 105 से 111 रुपये प्रति शेयर
  • फ्रेश इश्यू: 4,250 करोड़ रुपये
  • ऑफर फॉर सेल (OFS): 1,171 करोड़ रुपये

मीशो के आईपीओ से ई-कॉमर्स सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी और अधिक बढ़ने की उम्मीद है।

किन सेक्टर्स से आए सबसे ज्यादा IPO?

इस साल आईपीओ बाजार में कई क्षेत्रों की मजबूत भागीदारी देखने को मिली, जिनमें शामिल हैं:

  • टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप
  • ई-कॉमर्स
  • मैन्युफैक्चरिंग
  • फाइनेंशियल सर्विसेस
  • रिन्यूएबल एनर्जी

विविध क्षेत्रों से आए इन निर्गमों ने निवेशकों को बेहतर डाइवर्सिफिकेशन का मौका दिया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अगर वैश्विक स्तर पर कोई बड़ा आर्थिक झटका नहीं आता तो 2026 की शुरुआत तक भी आईपीओ की रफ्तार बनी रह सकती है। कई यूनिकॉर्न और बड़ी निजी कंपनियां शेयर बाजार में उतरने की तैयारी में हैं।

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