जुलाई 2025 में रिलायंस जियो ने 4.82 लाख नए मोबाइल ग्राहक जोड़कर एयरटेल को पछाड़ दिया। वहीं, वोडाफोन आइडिया और बीएसएनएल को भारी नुकसान उठाना पड़ा। इस बीच कंपनी ने घोषणा की है कि 2026 की पहली छमाही में जियो का आईपीओ आ सकता है, जिसका साइज करीब 52 हजार करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
JIO NEWS: भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई 2025 में रिलायंस जियो ने 4,82,954 नए ग्राहक जोड़कर मोबाइल कनेक्शन बढ़ाने के मामले में एयरटेल को पीछे छोड़ दिया। एयरटेल ने इसी अवधि में 4,64,437 ग्राहक जोड़े, जबकि वोडाफोन आइडिया और बीएसएनएल को क्रमशः 3.59 लाख और 1 लाख ग्राहकों का नुकसान हुआ। जियो के वायरलेस ग्राहकों की कुल संख्या 477.50 मिलियन पर पहुंच गई है। इसी बीच कंपनी ने ऐलान किया है कि उसका आईपीओ 2026 की पहली छमाही में आएगा, जो 52 हजार करोड़ रुपये तक का हो सकता है और देश के इतिहास का सबसे बड़ा इश्यू साबित हो सकता है।
जियो बना जुलाई का नंबर वन
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण यानी ट्राई ने जुलाई 2025 के मोबाइल ग्राहकों के आंकड़े जारी किए हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक, रिलायंस जियो ने जुलाई में सबसे ज्यादा 4,82,954 ग्राहक अपने नेटवर्क से जोड़े हैं। वहीं, एयरटेल ने इस दौरान 4,64,437 नए ग्राहक जोड़े। हालांकि एयरटेल ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन ग्राहक जोड़ने के मामले में वह जियो से पीछे रह गया।
इसके उलट, वोडाफोन आइडिया को इस दौरान 3,59,199 ग्राहकों का नुकसान हुआ है। वहीं, सरकारी कंपनी बीएसएनएल ने भी 1,00,707 ग्राहक गंवाए हैं। दिल्ली और मुंबई में सेवाएं देने वाली एमटीएनएल को भी नुकसान उठाना पड़ा और इसके 2,472 ग्राहक कम हुए।
कुल कितने ग्राहक हैं जियो के पास
जुलाई 2025 के अंत तक जियो के वायरलेस ग्राहकों की संख्या बढ़कर 477.50 मिलियन हो गई है। यह आंकड़ा उसे देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी के रूप में बनाए हुए है। दूसरी ओर एयरटेल के ग्राहकों की संख्या 391.47 मिलियन रही।
वोडाफोन आइडिया की बात करें तो उसके पास जुलाई के अंत में 203.85 मिलियन ग्राहक बचे हैं। वहीं बीएसएनएल के पास सिर्फ 90.36 मिलियन ग्राहक ही रह गए हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि जहां जियो और एयरटेल लगातार मजबूती की तरफ बढ़ रहे हैं, वहीं वोडाफोन आइडिया और बीएसएनएल की हालत और बिगड़ती जा रही है।
ब्रॉडबैंड सेवाओं में भी टक्कर
सिर्फ मोबाइल कनेक्शन ही नहीं बल्कि ब्रॉडबैंड सेवाओं में भी जियो और एयरटेल के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली है। जुलाई महीने में एयरटेल ने ब्रॉडबैंड सेवाओं में सबसे ज्यादा 2.75 मिलियन ग्राहक जोड़े। जियो भी पीछे नहीं रहा और उसने 1.41 मिलियन नए ब्रॉडबैंड ग्राहक बनाए।
दिलचस्प बात यह है कि वोडाफोन आइडिया ने इस सेक्टर में मामूली 0.18 मिलियन ग्राहक जोड़े। वहीं बीएसएनएल को ब्रॉडबैंड में 0.59 मिलियन ग्राहकों की बढ़त हासिल हुई।
जुलाई के अंत तक जियो के ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या 498.47 मिलियन हो गई, जबकि एयरटेल के पास 307.07 मिलियन ग्राहक हैं। वोडाफोन आइडिया के ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या 127.58 मिलियन रही और बीएसएनएल के पास सिर्फ 34.27 मिलियन ग्राहक हैं।
2026 में आएगा जियो का आईपीओ
रिलायंस इंडस्ट्रीज की वार्षिक आम बैठक यानी एजीएम में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि साल 2026 की पहली छमाही में जियो का आईपीओ लॉन्च किया जाएगा। इस खबर के बाद निवेशकों के बीच उत्साह और भी बढ़ गया है।
जानकारों का मानना है कि जियो का आईपीओ अब तक का देश का सबसे बड़ा इश्यू साबित हो सकता है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इसका आकार करीब 52 हजार करोड़ रुपए का होगा। अगर ऐसा होता है तो यह हाल ही में आए हुंडई आईपीओ से दोगुना बड़ा होगा।
कंपनी की संभावित वैल्यूएशन
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आईपीओ के बाद जियो की वैल्यूएशन करीब 10 से 11 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकती है। इसका मतलब है कि जियो देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी तो बनेगी ही, बल्कि मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में भी देश की टॉप कंपनियों में शामिल हो जाएगी।