ITC के शेयर टूटे 345 रुपये तक, खरीदारी का मौका या सतर्क रहें? आइए जानें

ITC के शेयर टूटे 345 रुपये तक, खरीदारी का मौका या सतर्क रहें? आइए जानें

ITC के शेयरों में नए साल के दो दिनों में 14% की गिरावट आई। टैक्स बढ़ोतरी और एक्साइज ड्यूटी की वजह से निवेशक सतर्क हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक धीरे-धीरे छोटे निवेश कर रिकवरी का इंतजार करना बेहतर होगा।

ITC Share: आईटीसी (ITC) के शेयरों ने नए साल की शुरुआत निवेशकों के लिए झटके के साथ की है। सिर्फ दो कारोबारी सत्रों में शेयर करीब 14 फीसदी टूट चुके हैं। 402 रुपये के स्तर से गिरकर यह शेयर 345 रुपये तक आ गया है। इस तेज गिरावट ने मौजूदा शेयरधारकों की चिंता बढ़ा दी है, वहीं नए निवेशक भी असमंजस में हैं कि क्या यह गिरावट खरीदारी का मौका है या अभी और सतर्क रहने की जरूरत है।

2 जनवरी को भी आईटीसी के शेयरों पर दबाव बना रहा। शुरुआती कारोबार में यह शेयर करीब 4 फीसदी तक फिसल गया। ऐसे में बाजार में यही सवाल गूंज रहा है कि देश की दूसरी सबसे बड़ी FMCG कंपनी के शेयरों में अब क्या करना चाहिए।

क्या है गिरावट की असली वजह

आईटीसी के शेयरों में 1 जनवरी को आई करीब 10 फीसदी की गिरावट की सबसे बड़ी वजह सरकार का फैसला माना जा रहा है। सरकार ने सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर 1 फरवरी से नई Additional Excise Duty और नया उपकर लगाने का ऐलान किया है।

इस फैसले का सीधा असर आईटीसी पर पड़ता है क्योंकि कंपनी का सबसे बड़ा कारोबार सिगरेट से जुड़ा है। आईटीसी की कुल कमाई का बड़ा हिस्सा इसी से आता है। जैसे ही टैक्स बढ़ोतरी की खबर आई, निवेशकों ने शेयरों में बिकवाली शुरू कर दी और गिरावट गहराती चली गई।

टैक्स बढ़ोतरी से बिजनेस पर क्या असर पड़ेगा

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर टैक्स पहले से ही काफी ज्यादा है। अगर इसमें और बढ़ोतरी होती है तो इसका असर सिर्फ कंपनियों पर ही नहीं, बल्कि सरकार के रेवेन्यू पर भी पड़ सकता है।

इंडिपेंडेंट मार्केट एक्सपर्ट अंबरीश बलिगा के मुताबिक, ज्यादा टैक्स की वजह से तंबाकू उत्पादों की कीमतों में करीब 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे दो बड़े खतरे पैदा होते हैं। पहला, तस्करी यानी Smuggling बढ़ सकती है। दूसरा, वॉल्यूम में गिरावट आ सकती है।

इन दोनों ही स्थितियों में सरकार को मिलने वाला रेवेन्यू घट सकता है और कंपनियों के मुनाफे पर भी दबाव पड़ सकता है। यही वजह है कि बाजार ने इस फैसले को नेगेटिव तरीके से लिया।

क्या अब ITC के शेयर खरीदने चाहिए

तेज गिरावट के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह Buying Opportunity है। अंबरीश बलिगा का मानना है कि दो दिन में आई इतनी बड़ी गिरावट के बाद आईटीसी का शेयर अब एक अच्छे स्तर पर पहुंच चुका है।

उनके मुताबिक, ऐसा लगता है कि शेयर ने फिलहाल Bottom बना लिया है। अगर बाजार का सेंटिमेंट सुधरता है और टैक्स से जुड़ी चिंताओं में थोड़ी राहत मिलती है, तो आईटीसी के शेयरों में रिकवरी देखने को मिल सकती है।

बलिगा का कहना है कि रिकवरी के दौरान यह शेयर दोबारा 400 रुपये के स्तर की ओर जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि निवेशकों को जल्दबाजी में बड़ा दांव लगाने से बचना चाहिए।

टेक्निकल नजरिए से ITC के अहम लेवल

टेक्निकल एनालिसिस के लिहाज से भी आईटीसी के शेयर इस समय बेहद अहम मोड़ पर खड़े हैं। आनंद राठी इन्वेस्टमेंट सर्विसेज के सीनियर रिसर्च मैनेजर जिगर एस पटेल के मुताबिक, 350 रुपये का स्तर इस शेयर के लिए सबसे मजबूत Support माना जा रहा है।

अगर शेयर इस स्तर को बनाए रखने में सफल रहता है, तो इसमें धीरे-धीरे रिकवरी की उम्मीद की जा सकती है। वहीं ऊपर की तरफ 375 रुपये का स्तर बड़ा Resistance है।

पटेल का कहना है कि जब तक शेयर 375 रुपये के ऊपर मजबूती से नहीं निकलता, तब तक तेज रिकवरी की उम्मीद करना जल्दबाजी होगी।

मौजूदा निवेशकों के लिए क्या रणनीति हो

जो निवेशक पहले से आईटीसी के शेयर होल्ड कर रहे हैं, उनके लिए यह समय धैर्य रखने का है। घबराहट में बेचने से नुकसान पक्का हो सकता है।

अगर किसी निवेशक का नजरिया Long Term का है, तो आईटीसी जैसी मजबूत FMCG कंपनी में बने रहना एक विकल्प हो सकता है। कंपनी का बिजनेस सिर्फ सिगरेट तक सीमित नहीं है। होटल, पैकेज्ड फूड, एग्री बिजनेस और अन्य FMCG सेगमेंट में भी आईटीसी की मौजूदगी है।

नए निवेशकों को क्या करना चाहिए

नए निवेशकों के लिए एक्सपर्ट्स की राय है कि एक साथ बड़ी रकम लगाने के बजाय Step by Step निवेश करना बेहतर रहेगा। यानी अगर आप खरीदारी करना चाहते हैं, तो Small Quantity में एंट्री लें और आगे के स्तरों पर स्थिति साफ होने का इंतजार करें।

टैक्स से जुड़े फैसलों और बाजार की चाल पर नजर रखना बेहद जरूरी है। किसी भी शेयर में निवेश से पहले Risk और Reward दोनों को समझना जरूरी होता है।

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