दिल्ली कोर्ट से जैकलीन फर्नांडिस को राहत, वर्क वीजा रिन्यू कराने के लिए मिली NOC

Jacqueline Fernandez को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से वर्क वीजा रिन्यू कराने के लिए NOC मिल गई है। अदालत ने उनके प्रोफेशनल कमिटमेंट्स और जारी ट्रायल में

दिल्ली की एक अदालत ने अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को उनका वर्क वीजा रिन्यू कराने के लिए नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी किया है। इससे पहले जून में अदालत ने 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जैकलीन फर्नांडिस और 15 अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे।

Jacqueline Fernandez Visa Case: बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को दिल्ली की एक अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें भारत में अपने रोजगार वीजा को रिन्यू कराने के लिए संबंधित अधिकारियों के समक्ष आवेदन करने की अनुमति दे दी है। इसके लिए कोर्ट ने अभिनेत्री के पक्ष में नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी किया है। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि वीजा रिन्यू करने का अंतिम फैसला संबंधित सरकारी अधिकारी मौजूदा कानून और नियमों के तहत स्वतंत्र रूप से करेंगे।

यह मामला उस मनी-लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ा है, जिसमें कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर पर करीब 200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित आरोप हैं। इस मामले में जैकलीन फर्नांडिस समेत कई अन्य लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्यवाही चल रही है। अभिनेत्री ने अदालत से वर्क वीजा रिन्यू कराने के लिए जरूरी अनुमति देने का अनुरोध किया था।

कोर्ट ने क्यों दी जैकलीन को NOC?

अदालत के 6 अक्टूबर के आदेश के मुताबिक, एडिशनल सेशन जज गगनदीप सिंह ने जैकलीन की याचिका पर सुनवाई की। अदालत ने रिकॉर्ड में दर्ज किया कि जैकलीन श्रीलंका की नागरिक हैं और वर्ष 2009 से भारत में रोजगार वीजा के आधार पर रहकर मनोरंजन उद्योग में काम कर रही हैं। कोर्ट ने यह भी माना कि अभिनेत्री के वीजा की अवधि समाप्त हो चुकी थी और वह भारत में कई पेशेवर जिम्मेदारियों से जुड़ी हुई हैं। 

इसके अलावा, जिस मामले में सुनवाई चल रही है, उसमें उनकी उपस्थिति भी आवश्यक है। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने उन्हें वीजा रिन्यू कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुमति दी।

जैकलीन ने पहले भी वीजा के लिए की थी कोशिश

अदालत के आदेश में अभिनेत्री की ओर से वीजा संबंधी की गई पिछली कोशिशों का भी उल्लेख किया गया। कोर्ट के अनुसार, जैकलीन ने 20 फरवरी 2025 को श्रीलंकाई वाणिज्य दूतावास के माध्यम से अपना पासपोर्ट दोबारा जारी कराने की प्रक्रिया के लिए उसे रिलीज कराया था। अदालत को यह भी बताया गया कि फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) की ओर से कोर्ट की NOC के बिना उनके वर्क वीजा के नवीनीकरण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा रही थी। इसी वजह से अभिनेत्री ने अदालत का रुख किया और वीजा आवेदन के लिए आवश्यक अनुमति मांगी।

कोर्ट ने क्या कहा?

याचिका पर फैसला सुनाते हुए अदालत ने जैकलीन फर्नांडिस को संबंधित अधिकारियों के पास कानून के अनुसार वीजा रिन्यू कराने के लिए आवेदन करने की अनुमति दी। हालांकि, NOC को वीजा मंजूरी के रूप में नहीं देखा जाएगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि संबंधित अधिकारी वीजा आवेदन पर लागू कानून, नियमों, सरकारी सर्कुलर और अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के मुताबिक स्वतंत्र रूप से निर्णय लेंगे। 

यानी कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद जैकलीन अब आवेदन कर सकती हैं, लेकिन वीजा का अंतिम नवीनीकरण संबंधित प्रशासनिक प्राधिकरण के निर्णय पर निर्भर करेगा।

200 करोड़ रुपये के मनी-लॉन्ड्रिंग मामले से कनेक्शन

जैकलीन फर्नांडिस का नाम सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े कथित 200 करोड़ रुपये के मनी-लॉन्ड्रिंग मामले में सामने आया था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले की जांच की है और अभिनेत्री से भी पूछताछ की जा चुकी है। जून में दिल्ली की अदालत ने इस मामले में जैकलीन फर्नांडिस, सुकेश चंद्रशेखर और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे। आरोप तय होना किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने के समान नहीं है। मामले में कानूनी कार्यवाही और सुनवाई आगे जारी है।

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