राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव, जगदीश आफले बन सकते हैं श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नए सचिव

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में बड़े बदलाव की चर्चा है। जगदीश आफले को श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का नया सचिव बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। इस

अयोध्या स्थित Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra Trust के नए सचिव के नाम पर सहमति बन गई है। जानकारी के अनुसार, जगदीश आफले को ट्रस्ट का नया सचिव बनाया जाएगा। उनके नाम की औपचारिक घोषणा ट्रस्ट की 2 सितंबर को होने वाली बैठक में की जाएगी।

अयोध्या: श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। राम मंदिर निर्माण और प्रबंधन से जुड़े कार्यों में लंबे समय से सक्रिय भूमिका निभा रहे इंजीनियर जगदीश आफले को ट्रस्ट का नया सचिव नियुक्त किए जाने की तैयारी है। सूत्रों के अनुसार, उनके नाम को अंतिम रूप दे दिया गया है और इसकी औपचारिक घोषणा ट्रस्ट की आगामी बैठक में की जा सकती है।

यह नियुक्ति ऐसे समय में हो रही है जब ट्रस्ट हाल के विवादों और प्रशासनिक पुनर्गठन की प्रक्रिया से गुजर रहा है। राम मंदिर से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और प्रशासनिक मजबूती सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ट्रस्ट कई महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है।

दो सितंबर की बैठक में हो सकती है आधिकारिक घोषणा

जानकारी के अनुसार, श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अगली महत्वपूर्ण बैठक 2 सितंबर को आयोजित होने वाली है। इसी बैठक में जगदीश आफले के नाम की औपचारिक घोषणा किए जाने की संभावना है। ट्रस्ट ने जुलाई में हुई एक बैठक के दौरान सचिव और प्रवक्ता के पदों को औपचारिक रूप से स्थापित करने का निर्णय लिया था। 

इसके बाद से इन पदों के लिए उपयुक्त नामों पर विचार किया जा रहा था। ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने भी संकेत दिया है कि सचिव पद के लिए जगदीश आफले का नाम प्रस्तावित किया गया है। हालांकि, प्रवक्ता पद के लिए चयन प्रक्रिया अभी जारी है और इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है।

राम मंदिर परियोजना में निभा रहे हैं अहम भूमिका

जगदीश आफले पिछले कई वर्षों से राम मंदिर निर्माण परियोजना से जुड़े हुए हैं। वर्ष 2021 से वह मंदिर निर्माण कार्य में प्रोजेक्ट इंजीनियर और परियोजना प्रबंधक के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। मंदिर निर्माण से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के वित्तीय और निर्माण संबंधी कई कार्यों में उनकी भूमिका पहले से ही प्रभावशाली रही है। 

मंदिर निर्माण परियोजना के विभिन्न चरणों में उन्होंने तकनीकी निगरानी और परियोजना प्रबंधन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विशेष बात यह है कि वह लंबे समय से इस परियोजना में मानद सेवा दे रहे हैं और इसके लिए कोई वेतन नहीं ले रहे हैं।

इंजीनियरिंग और प्रबंधन का व्यापक अनुभव

जगदीश आफले का पेशेवर करियर भी काफी प्रभावशाली रहा है। वह मूल रूप से महाराष्ट्र के पुणे शहर के निवासी हैं और पेशे से इंजीनियर हैं। उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक शिक्षा प्राप्त की और बाद में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई (IIT Bombay) से एमटेक की डिग्री हासिल की। तकनीकी शिक्षा के बाद उन्होंने भारत के अलावा यूरोप के कई देशों और अमेरिका की एक कंपनी में भी कार्य किया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने का अनुभव उन्हें बड़े और जटिल प्रोजेक्ट्स को संभालने की क्षमता प्रदान करता है। यही अनुभव राम मंदिर जैसी विशाल और ऐतिहासिक परियोजना में भी उनके लिए उपयोगी साबित हुआ है।

आरएसएस से जुड़े रहे हैं जगदीश आफले

सूत्रों के अनुसार, जगदीश आफले का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से लंबे समय से जुड़ाव रहा है। सेवानिवृत्ति के बाद जब अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का कार्य गति पकड़ने लगा, तब उन्हें परियोजना प्रबंधन में सहयोग के लिए अयोध्या भेजा गया। तब से वह अपनी पत्नी के साथ अयोध्या में रहकर मंदिर निर्माण परियोजना से जुड़े कार्यों में योगदान दे रहे हैं। उनकी कार्यशैली, तकनीकी विशेषज्ञता और संगठनात्मक अनुभव के कारण उन्हें ट्रस्ट के भीतर एक भरोसेमंद और प्रभावशाली व्यक्ति माना जाता है।

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