जामिया मिलिया इस्लामिया स्कूल में 2026-27 सत्र के नर्सरी और कक्षा 1 के एडमिशन शुरू हो गए हैं। रजिस्ट्रेशन 7 से 27 जनवरी तक ऑनलाइन किया जा सकता है। इस स्तर पर प्रवेश परीक्षा नहीं होगी और बच्चों का चयन ‘ड्रॉ ऑफ लॉट’ प्रणाली के माध्यम से होगा। चयनित छात्रों को प्रोविजनल एडमिशन लेटर जारी किया जाएगा।
जामिया मिलिया इस्लामिया एडमिशन: जामिया मिलिया इस्लामिया स्कूल ने नर्सरी और कक्षा 1 में बच्चों के एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। दिल्ली स्थित यह स्कूल 7 जनवरी से 27 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार करेगा। इस प्रक्रिया में कोई प्रवेश परीक्षा नहीं होगी, बल्कि बच्चों का चयन लकी ड्रॉ या ‘ड्रॉ ऑफ लॉट’ सिस्टम से होगा। चयनित छात्रों के लिए प्रोविजनल एडमिशन लेटर जारी किया जाएगा और आवश्यक फीस जमा करने के बाद रिपोर्टिंग करनी होगी। यह पारदर्शी और आसान तरीका पैरेंट्स के लिए सुविधा प्रदान करता है।
एडमिशन प्रोसेस और रजिस्ट्रेशन
जामिया मिलिया इस्लामिया स्कूल में 2026-27 सत्र के लिए नर्सरी और कक्षा 1 में एडमिशन का रजिस्ट्रेशन 7 से 27 जनवरी तक होगा। पैरेंट्स अपने बच्चों के लिए JMI की ऑफिशियल वेबसाइट jmi.ac.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इस स्तर पर कोई एंट्रेंस टेस्ट नहीं होगा और चयन ‘ड्रॉ ऑफ लॉट’ सिस्टम के जरिए होगा, जिसमें लकी ड्रॉ के आधार पर बच्चों का नाम चुना जाता है।
रजिस्ट्रेशन के दौरान पैरेंट्स को 500 रुपये की फीस जमा करनी होगी और बच्चे के बर्थ सर्टिफिकेट, आईडी प्रूफ जैसे जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने होंगे। चयनित बच्चों की लिस्ट JMI की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी और प्रोविजनल एडमिशन लेटर जारी किया जाएगा।

ड्रॉ ऑफ लॉट सिस्टम और चयन प्रक्रिया
जामिया मिलिया इस्लामिया में शुरुआती स्तर के एडमिशन में आवेदन की संख्या अधिक होने पर लॉटरी प्रणाली अपनाई जाती है। इस प्रक्रिया में सभी आवेदन यादृच्छिक (random) तरीके से चुने जाते हैं और नसीब के आधार पर बच्चों का चयन होता है। लकी ड्रॉ में चयनित बच्चों को स्कूलों में एडमिशन लेटर जारी कर दिया जाता है।
चयनित बच्चों को आवश्यक फीस जमा करने के बाद स्कूल में रिपोर्टिंग करनी होती है। एडमिशन मुशीर फातिमा नर्सरी स्कूल, जामिया मिडिल स्कूल, जामिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल, Syed Abid Husain Sr. Secondary School और जामिया गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में मिलता है।
इतिहास और प्रतिष्ठा
जामिया मिलिया इस्लामिया की स्थापना 1920 में अलीगढ़ में हुई थी और इसे 1935 में दिल्ली स्थानांतरित किया गया। 1988 में इसे केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा मिला। जामिया ने अब तक हजारों बच्चों को उच्च शिक्षा दी है और इसकी प्रतिष्ठा के कारण पैरेंट्स अपने बच्चों का एडमिशन यहां दिलाने का सपना देखते हैं।










