Janaki Jayanti 2026: जानकी जयंती का पावन पर्व, माता सीता की पूजा और शुभ मुहूर्त

जानकी जयंती 2026 9 फरवरी को है। जानिए माता सीता पूजा, शुभ मुहूर्त और विधि। इस दिन व्रत रखने और भक्ति भाव से जीवन में सुख-समृद्धि पाएँ।

जानकी जयंती 2026 9 फरवरी को मनाई जाएगी। इस दिन माता सीता की पूजा और भगवान राम की स्तुति का विधान है। शुभ मुहूर्त में पूजा करने से जीवन में सुख, वैवाहिक कल्याण और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

जानकी जयंती कब और क्यों मनाई जाती है

जानकी जयंती हर साल फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष अष्टमी को मनाई जाती है। इसे सीताष्टमी भी कहा जाता है। यह पर्व माता सीता के जन्म और प्रकट होने के दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भक्त माता सीता की पूजा कर उनके जीवन से जुड़ी शिक्षाओं को अपनाते हैं। 

पूजा से व्यक्ति को जीवन में सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। साल 2026 में जानकी जयंती 9 फरवरी को सुबह से प्रारंभ होकर 10 फरवरी को सुबह तक रहेगी। इस दिन पूजा और व्रत का विशेष महत्व होता है।

शुभ मुहूर्त और पूजा का समय

जानकी जयंती के दिन पूजा के लिए अलग-अलग शुभ मुहूर्त तय किए गए हैं। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:29 से 06:20 तक रहेगा, जबकि प्रातः संध्या का समय सुबह 05:54 से 07:10 तक है। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:30 से 01:16 बजे तक रहेगा।

इस समय पर पूजा करने से धार्मिक फल अधिक शुभ और प्रभावशाली माने जाते हैं। श्रद्धालु माता सीता की पूजा और भगवान राम की स्तुति इसी दौरान करते हैं। भक्त इस दिन अपने घर में पूजा के लिए साफ-सफाई कर मंदिर या पूजा स्थल सजाते हैं। इसके बाद हल्दी, चंदन और कुमकुम से माता को श्रृंगार किया जाता है।

जानकी जयंती पूजा विधि

सुबह स्नान और ध्यान के बाद पूजा शुरू करनी चाहिए। पूजा में माता सीता को घी का दीपक दिखाएं और फल, पीली मिठाई आदि अर्पित करें। इसके बाद मंत्र 'श्री जानकी रामाभ्यां नमः' का जप करें। पूजा के दौरान भगवान राम की स्तुति और आरती का पाठ भी करना चाहिए। 

इससे जीवन में मानसिक शांति और सुख-समृद्धि आती है। साथ ही, सुहागिन महिलाएं सीता अष्टमी का व्रत रख सकती हैं। ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में खुशहाली और प्रेम बढ़ता है। पूजा में भक्ति भाव और श्रद्धा का होना सबसे महत्वपूर्ण है।

जानकी जयंती का आध्यात्मिक महत्व

जानकी जयंती केवल एक पर्व नहीं बल्कि जीवन में धार्मिक और नैतिक शिक्षा का प्रतीक है। माता सीता की भक्ति, सरलता और धर्मपरायणता सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इस दिन किए गए धार्मिक कर्म, व्रत और दान पुण्य व्यक्ति के जीवन को कल्याणकारी बनाते हैं। 

माता सीता की पूजा से परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का प्रवेश होता है। भक्त इस दिन घर या मंदिर में माता सीता के साथ भगवान राम की भी पूजा कर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।

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