जापान के शिबुया में लिटरिंग पर ऑन-द-स्पॉट फाइन लागू: टूरिज्म बूम के बीच सख्त कदम

Shibuya में अब कूड़ा फैलाने वालों पर 2,000 येन का ऑन-स्पॉट जुर्माना लगाया जाएगा। जापान में बढ़ते पर्यटन और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नियम लागू किया है,

Shibuya में अब कूड़ा फैलाने वालों पर 2,000 येन का ऑन-स्पॉट जुर्माना लगाया जाएगा। जापान में बढ़ते पर्यटन और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने यह नियम लागू किया है, ताकि साफ-सफाई और सार्वजनिक व्यवस्था बनी रहे।

टोक्यो:  जापान के प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र शिबुया में अब सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फैलाने वालों पर तुरंत जुर्माना लगाया जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत लिटरिंग करने पर 2,000 जापानी येन (लगभग 13 डॉलर) का ऑन-द-स्पॉट फाइन देना होगा। यह नियम सोमवार से लागू किया गया है और इसका उद्देश्य बढ़ते पर्यटन के कारण बिगड़ती साफ-सफाई व्यवस्था को नियंत्रित करना है।

शिबुया क्रॉसिंग जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके बने फोकस

शिबुया वार्ड टोक्यो का प्रमुख व्यावसायिक और मनोरंजन क्षेत्र है, जहां दुनिया का सबसे व्यस्त पैदल क्रॉसिंग—शिबुया क्रॉसिंग—स्थित है। हाल के वर्षों में यहां विदेशी पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिससे सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने और अनुशासनहीनता की घटनाएं भी बढ़ी हैं।

“अगर कूड़ा फेंका, तो पैसे गंवाओ” अभियान शुरू

स्थानीय प्रशासन ने इस पहल को एक जागरूकता अभियान के साथ जोड़ा है, जिसका संदेश है “If you throw trash, you lose cash।” इस अभियान के तहत अधिकारियों को इलाके में तैनात किया गया है जो नियम तोड़ने वालों से तुरंत जुर्माना वसूल सकते हैं। भुगतान नकद, कार्ड या क्यूआर कोड के जरिए किया जा सकता है।

दुकानदारों पर भी लागू होंगे नए नियम

यह सख्ती सिर्फ पर्यटकों तक सीमित नहीं है। शिबुया प्रशासन ने खाद्य और पेय पदार्थ बेचने वाले दुकानदारों को भी निर्देश दिया है कि वे अपने परिसर के आसपास पर्याप्त कूड़ेदान उपलब्ध कराएं। नियमों का पालन न करने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

जापान के शिबुया में लिटरिंग पर ऑन-द-स्पॉट फाइन लागू: टूरिज्म बूम के बीच सख्त कदम

जापान में कूड़ेदानों की कमी और सुरक्षा कारण

जापान में सार्वजनिक कूड़ेदानों की संख्या पहले से ही कम है। इसका मुख्य कारण सुरक्षा चिंताएं हैं, खासकर अतीत में हुए आतंकी घटनाओं के बाद। हालांकि, पर्यटक अक्सर इसे बड़ी असुविधा के रूप में देखते हैं और इसे देश में यात्रा के दौरान सबसे बड़ी समस्या बताते हैं।

रिकॉर्ड पर्यटन से बढ़ी स्थानीय चुनौतियां

2025 में जापान ने लगभग 4.27 करोड़ विदेशी पर्यटकों का स्वागत किया, जो एक रिकॉर्ड संख्या है। कोविड के बाद कमजोर येन और सोशल मीडिया पर बढ़ती लोकप्रियता के कारण पर्यटन में तेज उछाल आया है। लेकिन इस वृद्धि ने शहरी ढांचे पर दबाव भी बढ़ा दिया है।

स्थानीय समुदायों पर असर और बढ़ती शिकायतें

शिबुया और आसपास के क्षेत्रों में भीड़, शोर और कचरे की समस्या लगातार बढ़ रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पर्यटकों की अधिकता से उनके दैनिक जीवन पर असर पड़ रहा है और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना मुश्किल होता जा रहा है।

फुजियॉशिडा जैसे शहरों में भी समस्या गंभीर

माउंट फूजी के पास स्थित फुजियॉशिडा शहर में भी ओवरटूरिज्म की समस्या गंभीर हो गई है। यहां ट्रैफिक जाम, कूड़ा और भीड़ के कारण स्थानीय प्रशासन को कई कठिन फैसले लेने पड़े, यहां तक कि चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल तक रद्द करना पड़ा।

ओवरटूरिज्म से निपटने के लिए सरकार की रणनीति

जापान सरकार अब पर्यटकों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठा रही है। इसमें अतिरिक्त टूरिज्म टैक्स, भीड़ प्रबंधन ऐप्स और रियल-टाइम जानकारी देने वाली डिजिटल सुविधाएं शामिल हैं, ताकि पर्यटन और स्थानीय जीवन के बीच संतुलन बना रहे।

शिबुया प्रशासन का सख्त संदेश

शिबुया वार्ड प्रशासन ने साफ कहा है कि “कूड़ेदान न होने का बहाना” अब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका लक्ष्य एक ऐसा शहर बनाना है जो साफ-सुथरा, सुरक्षित और सभी के लिए आरामदायक हो, चाहे वह स्थानीय निवासी हों या विदेशी पर्यटक।

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