Bihar सरकार सरकारी स्कूलों में ही इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी शुरू करने जा रही है। नई योजना के तहत हर ब्लॉक में मॉडल स्कूल खोले जाएंगे, जहां छात्रों को 9वीं कक्षा से ही प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुसार पढ़ाई और विशेष शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
Bihar Model School Scheme: Bihar में सरकारी स्कूलों के छात्रों को अब Joint Entrance Examination और National Eligibility cum Entrance Test जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी स्कूल स्तर पर ही कराई जाएगी। राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि सभी 543 ब्लॉकों में मॉडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे, जहां 9वीं कक्षा से ही छात्रों को प्रतियोगी परीक्षा के अनुसार पढ़ाया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को महंगे कोचिंग संस्थानों पर निर्भर हुए बिना गुणवत्तापूर्ण तैयारी का अवसर देना है। इन स्कूलों में विशेष पाठ्यक्रम, टेस्ट सीरीज और अनुभवी शिक्षकों की मदद से छात्रों को व्यवस्थित मार्गदर्शन मिलेगा।
9वीं कक्षा से ही शुरू होगी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
नई योजना के तहत छात्रों को 9वीं कक्षा से ही जेईई और नीट जैसी परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाएगा। आमतौर पर छात्र 11वीं या 12वीं कक्षा में जाकर इन परीक्षाओं की तैयारी शुरू करते हैं, जिससे सिलेबस और समय का दबाव बढ़ जाता है। सरकार का मानना है कि अगर शुरुआती कक्षाओं से ही सही दिशा में पढ़ाई शुरू हो जाए, तो छात्रों की नींव मजबूत हो सकती है।
मॉडल स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए विशेष पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा। अनुभवी शिक्षक और विषय विशेषज्ञ पढ़ाई कराएंगे। इसके अलावा नियमित टेस्ट सीरीज, डाउट क्लीयरिंग सेशन और करियर काउंसलिंग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि छात्र परीक्षा के पैटर्न को बेहतर तरीके से समझ सकें और आत्मविश्वास के साथ तैयारी कर सकें।

हर ब्लॉक में खुलेगा एक मॉडल स्कूल
राज्य सरकार की योजना है कि प्रदेश के सभी 543 ब्लॉकों में मॉडल स्कूल शुरू किए जाएं। इसका उद्देश्य यह है कि गांव और छोटे शहरों के छात्रों को भी बड़े शहरों जैसी शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें। इससे शिक्षा के स्तर में समानता लाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
इन स्कूलों में आधुनिक लाइब्रेरी, बेहतर स्टडी मैटेरियल और प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप पढ़ाई की व्यवस्था होगी। यदि योजना प्रभावी तरीके से लागू होती है, तो आने वाले वर्षों में राज्य से जेईई और नीट जैसी परीक्षाओं में सफल होने वाले छात्रों की संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रवेश के लिए देनी होगी चयन परीक्षा
मॉडल स्कूलों में एडमिशन सीधे नहीं दिया जाएगा। इसके लिए छात्रों को एक प्रवेश परीक्षा पास करनी होगी, जिसका आयोजन State Council of Educational Research and Training के तहत किया जाएगा। परीक्षा में सफल छात्रों को मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्कूलों में पढ़ाई का माहौल प्रतिस्पर्धी और गुणवत्तापूर्ण बना रहे। चयनित छात्रों की पढ़ाई और प्रगति पर लगातार नजर रखी जाएगी, ताकि उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सही मार्गदर्शन मिल सके।











