न्यूजीलैंड के पूर्व सलामी बल्लेबाज और भारतीय मूल के क्रिकेटर जीत रावल ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। भारत में जन्मे 38 वर्षीय जीत रावल ने 2016 से 2020 के बीच न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय टीम के लिए 24 टेस्ट मैच खेले।
Jeet Raval Retirement: न्यूजीलैंड के पूर्व टेस्ट सलामी बल्लेबाज जीत रावल ने 38 साल की उम्र में पेशेवर क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। भारतीय मूल के इस क्रिकेटर ने 2026-27 के घरेलू क्रिकेट सीजन की शुरुआत से पहले अपने करियर को विराम देने का फैसला किया। न्यूजीलैंड की ओर से टेस्ट क्रिकेट खेल चुके रावल अब अपने पेशेवर जीवन की नई पारी शुरू करेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, क्रिकेट से संन्यास के बाद वह एक ऑडिटिंग फर्म में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) के तौर पर पूर्णकालिक काम करेंगे।
रावल ने अपने क्रिकेट करियर में न्यूजीलैंड के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योगदान देने के साथ घरेलू क्रिकेट में भी शानदार प्रदर्शन किया। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 10 हजार से अधिक रन और 23 शतक उनके लंबे करियर की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं।
भारत में जन्मे, न्यूजीलैंड के लिए खेला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट
जीत रावल का जन्म गुजरात में हुआ था। बचपन में क्रिकेट के प्रति उनका लगाव बढ़ा और बाद में उनका परिवार न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में बस गया। वहां उन्होंने अपने खेल को आगे बढ़ाया और न्यूजीलैंड की अंडर-19 टीम का हिस्सा बने। साल 2008 में उन्होंने ऑकलैंड की ओर से अपना पहला फर्स्ट क्लास मुकाबला खेला।
लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद रावल को न्यूजीलैंड की टेस्ट टीम में जगह मिली। उन्होंने साल 2016 में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया। 2016 से 2020 के बीच उन्होंने न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय टीम के लिए 24 टेस्ट मैच खेले। बतौर ओपनर उनकी भूमिका नई गेंद का सामना करने और टीम को स्थिर शुरुआत देने की थी।
पार्थिव पटेल के साथ स्कूल में करते थे ओपनिंग

जीत रावल के शुरुआती क्रिकेट सफर का एक दिलचस्प पहलू भारतीय क्रिकेट से उनका जुड़ाव भी है। उन्होंने गुजरात के अहमदाबाद स्थित विद्यानगर स्कूल में पूर्व भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज पार्थिव पटेल के साथ पढ़ाई की थी। स्कूल के दिनों में दोनों खिलाड़ी साथ ओपनिंग बल्लेबाजी किया करते थे। हालांकि, आगे चलकर दोनों का क्रिकेट करियर अलग-अलग दिशाओं में बढ़ा।
पार्थिव पटेल ने भारतीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई, जबकि रावल ने न्यूजीलैंड में रहकर घरेलू क्रिकेट और टेस्ट टीम तक का सफर तय किया। उनका करियर इस बात का उदाहरण है कि लगातार मेहनत और प्रदर्शन के दम पर खिलाड़ी अलग-अलग क्रिकेट व्यवस्थाओं में अपनी जगह बना सकते हैं।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 10,127 रन और 23 शतक
जीत रावल का घरेलू क्रिकेट रिकॉर्ड उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट की 292 पारियों में 10,127 रन बनाए। इनमें 23 शतक शामिल रहे। उनके आंकड़े बताते हैं कि वह लंबे प्रारूप में लगातार रन बनाने और पारी को संभालने की क्षमता रखते थे।
न्यूजीलैंड के घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट प्लंकेट शील्ड में भी रावल ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में उनके नाम 8,662 रन दर्ज बताए गए हैं। घरेलू स्तर पर लंबे समय तक लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की वजह से वह न्यूजीलैंड के भरोसेमंद सलामी बल्लेबाजों में शामिल रहे।
टेस्ट करियर में बनाए 1,143 रन
न्यूजीलैंड की ओर से 24 टेस्ट मैच खेलने वाले रावल ने 39 पारियों में 30.07 की औसत से 1,143 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने एक शतक और सात अर्धशतक लगाए। हालांकि उनका अंतरराष्ट्रीय करियर घरेलू क्रिकेट की तुलना में सीमित रहा, लेकिन उन्होंने टेस्ट टीम में सलामी बल्लेबाज के रूप में अपनी भूमिका निभाई।
रावल न्यूजीलैंड की उस टीम का भी हिस्सा रहे, जिसने 2021 में भारत को हराकर पहली बार विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब जीता था। यह उपलब्धि न्यूजीलैंड क्रिकेट के इतिहास के यादगार पलों में शामिल है।









