झारखंड में सामाजिक सुरक्षा पेंशन का इंतजार कर रहे बुजुर्गों, विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों की परेशानी बढ़ती जा रही है। एक ओर मुख्यमंत्री मंइयां सम्मान योजना की लाभार्थी महिलाओं के खातों में किस्त जारी किए जाने की खबर है, वहीं दूसरी ओर वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन पाने वाले कई लाभार्थी कथित तौर पर छह महीने से भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। नियमित आर्थिक सहायता पर निर्भर रहने वाले परिवारों के लिए यह देरी रोजमर्रा के खर्चों को संभालना मुश्किल बना सकती है।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन का उद्देश्य ऐसे लोगों को आर्थिक सहारा देना है, जिनके पास नियमित कमाई का साधन सीमित है या जो उम्र, वैवाहिक परिस्थितियों अथवा दिव्यांगता के कारण आजीविका के लिए दूसरों पर निर्भर हो सकते हैं। कई बुजुर्ग अपनी दवाइयों, भोजन और घरेलू जरूरतों के लिए पेंशन की राशि पर भरोसा करते हैं। विधवा महिलाओं के लिए भी यह रकम घर चलाने और बच्चों की जरूरतें पूरी करने में सहायक होती है। ऐसे में भुगतान में लंबे समय तक देरी होने पर लाभार्थियों को परिवार, परिचितों या उधार के सहारे खर्च चलाना पड़ सकता है।
धनबाद जिले में पेंशन भुगतान से जुड़ी समस्या का असर बड़ी संख्या में लाभार्थियों पर पड़ने की खबर है। एक अन्य हालिया रिपोर्ट के अनुसार, जिले में 66,475 बुजुर्ग इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना की राशि के लिए पांच महीने से इंतजार कर रहे थे। रिपोर्ट में भुगतान प्रभावित होने की वजह रांची स्तर पर संबंधित सॉफ्टवेयर के रखरखाव को बताया गया था। इससे संकेत मिलता है कि भुगतान में देरी के कारणों को समझने के लिए केवल राशि आवंटन ही नहीं, बल्कि तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की भी समीक्षा जरूरी है
इस बीच मुख्यमंत्री मंइयां सम्मान योजना के तहत धनबाद में भुगतान की अलग तस्वीर सामने आई है। जुलाई 2026 में जिला प्रशासन ने अप्रैल से जून तक की तीन महीने की राशि 3,46,091 स्वीकृत लाभार्थियों के खातों में भेजने की जानकारी दी थी। इसी दौरान मुख्यमंत्री सर्वजन पेंशन योजना के तहत 1,97,205 लाभार्थियों को अप्रैल से जून की पहली तिमाही की राशि का भुगतान किए जाने की भी सूचना दी गई थी। ऐसे में अलग-अलग समय पर भुगतान की स्थिति बदल सकती है और लंबित पेंशन की मौजूदा स्थिति जानने के लिए नए विभागीय आंकड़ों की जरूरत है।
पेंशन में देरी की समस्या का सबसे अधिक असर उन लोगों पर पड़ता है, जिनके पास कमाई का दूसरा कोई नियमित साधन नहीं होता। वृद्धावस्था में दवाइयों, जांच और इलाज पर होने वाला खर्च लगातार बना रहता है। विधवा महिलाओं के लिए घर के राशन, बच्चों की पढ़ाई और बिजली-पानी जैसे जरूरी खर्च उठाना कठिन हो सकता है। दिव्यांग लाभार्थियों को भी दैनिक जरूरतों और इलाज के लिए अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे में कई महीनों तक राशि खाते में नहीं आने से उनकी आर्थिक योजना बिगड़ सकती है।
लाभार्थियों के लिए बैंक और प्रखंड कार्यालय के चक्कर लगाना भी एक चुनौती है। उम्र अधिक होने या चलने-फिरने में परेशानी के कारण कुछ लोगों को कार्यालय तक पहुंचने में परिवार के सदस्यों की मदद लेनी पड़ती है। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लाभार्थियों के लिए परिवहन पर खर्च करना भी मुश्किल हो सकता है। यदि भुगतान किसी दस्तावेज, बैंक खाते, आधार सत्यापन या तकनीकी त्रुटि के कारण रुका हो, तो संबंधित व्यक्ति को स्पष्ट जानकारी मिलना जरूरी है, ताकि वह समय रहते समस्या दूर करा सके।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन का भुगतान नियमित रखने के लिए जिला प्रशासन, सामाजिक सुरक्षा कोषांग और राज्य स्तर के संबंधित विभागों के बीच समन्वय आवश्यक है। लंबित लाभार्थियों की सूची तैयार करना, भुगतान रुकने के कारणों की पहचान करना और पात्र लोगों के खातों में राशि पहुंचाने की समयबद्ध व्यवस्था करना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकते हैं। साथ ही, जिन लाभार्थियों के दस्तावेज या बैंक संबंधी विवरण में गड़बड़ी है, उन्हें सुधार की प्रक्रिया और जरूरी कागजात के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए।
मंइयां सम्मान योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन के उद्देश्य अलग-अलग लाभार्थी समूहों को आर्थिक सहायता देना है। इसलिए एक योजना में किस्त जारी होने की खबर दूसरी योजना के सभी लाभार्थियों को भुगतान होने की पुष्टि नहीं करती। वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन के लाभार्थियों को उनकी स्वीकृत पेंशन समय पर मिलना जरूरी है, ताकि वे बुनियादी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर होने से बच सकें।
फिलहाल खबर का मुख्य मुद्दा यही है कि झारखंड में मंइयां सम्मान योजना के लाभार्थियों को किस्त मिलने के बीच सामाजिक सुरक्षा पेंशन के कई लाभार्थियों को लंबे इंतजार का सामना करना पड़ रहा है। छह महीने से भुगतान नहीं मिलने का दावा संबंधित रिपोर्ट में उठाया गया है, जबकि धनबाद के उपलब्ध आंकड़े पहले पांच महीने की देरी और अलग-अलग योजनाओं में भुगतान की स्थिति दिखाते हैं। राज्य स्तर पर सभी लंबित मामलों की अद्यतन संख्या और भुगतान शुरू होने की निश्चित तारीख की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।









