झुंझुनूं में साधु ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, मौत से पहले वीडियो और सुसाइड नोट छोड़ा

झुंझुनूं में साधु ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, मौत से पहले वीडियो और सुसाइड नोट छोड़ा
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पपुरना आश्रम में रहने वाले साधु फतेहनाथ ने फांसी लगाकर जान दे दी। सुसाइड नोट में पारिवारिक विवाद और आश्रम से जुड़ी प्रताड़ना का जिक्र है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Jhunjhunu: झुंझुनूं जिले के खेतड़ी थाना क्षेत्र के पपुरना गांव स्थित एक आश्रम में सोमवार रात उस समय सनसनी फैल गई, जब एक साधु का शव कमरे में फंदे से लटका मिला। यह घटना रात करीब 8 बजे की है। ग्रामीणों ने आश्रम का दरवाजा खुला देखा तो अंदर जाकर देखा, जहां साधु फांसी पर लटका हुआ था।

सूचना मिलते ही खेतड़ी थानाधिकारी मोहनलाल पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। शव को नीचे उतरवाकर राजकीय उप जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। मृतक की पहचान फतेहनाथ (30) पुत्र गिरधारी लाल, निवासी नागला नाथुसर के रूप में हुई है। वह वर्ष 2021 से पपुरना की पहाड़ी पर स्थित आश्रम में रह रहे थे।

बचपन से संघर्ष और प्रताड़ना का जिक्र

साधु द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट और वीडियो में उनके जीवन से जुड़े कई दर्दनाक पहलुओं का जिक्र है। उन्होंने बताया कि उनका बचपन का नाम फतेहचंद था। जब वे मात्र छह महीने के थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया था। इसके बाद उनकी बड़ी बुआ उन्हें कंचनपुर ले गईं।

सुसाइड नोट में आरोप लगाया गया है कि बुआ का बेटा लक्ष्मण उन्हें बचपन से ही परेशान करता था और पैतृक जमीन व गहनों को लेकर प्रताड़ित करता रहा। साधु ने लिखा कि उन्हें बार-बार धमकियां दी गईं और मानसिक रूप से तोड़ा गया।

आश्रम जीवन में भी नहीं मिला सुकून

फतेहनाथ ने वर्ष 2012 में बगड़ स्थित चंद्रनाथ योग आश्रम में प्रवेश लिया था और 2013 में उन्हें भगवा वस्त्र धारण कराए गए। उन्होंने सुसाइड नोट में लिखा कि आश्रम में रहते हुए विक्रमनाथ नामक साधु द्वारा उन्हें लगातार परेशान किया गया।

जब उन्होंने इस बारे में गुरु से शिकायत की, तो समाधान का भरोसा दिया गया, लेकिन हालात नहीं बदले। बाद में प्रताड़ना से तंग आकर वे आश्रम छोड़कर चले गए। वर्ष 2021 में उन्होंने पपुरना में अलग धूणा लगाकर रहना शुरू किया।

नोट में यह भी उल्लेख है कि वर्ष 2022 में बगड़ आश्रम जाने पर उनके साथ भोजन के दौरान मारपीट की गई थी।

सात लोगों को ठहराया जिम्मेदार

सुसाइड नोट में फतेहनाथ ने अपनी मौत के लिए सात लोगों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के साथ-साथ नाथ संप्रदाय के प्रमुख से न्याय की गुहार लगाई है। साथ ही अपनी जमीन गौशाला और शिवालय निर्माण के लिए उपयोग करने की इच्छा भी जताई है।

फिलहाल पुलिस सुसाइड नोट, वीडियो और आरोपों के आधार पर मामले की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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