Jhunjhunu Election Result 2026: कांग्रेस बहुमत से एक सीट दूर, 60 में से 30 वार्डों में जीत

झुंझुनूं नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस ने 30 सीटें जीतीं। भाजपा और निर्दलीयों को 15-15 सीटें मिलीं। वीरेंद्र डारा के समर्थन से कांग्रेस का बोर्ड बनना संभव।

झुंझुनूं नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस 30 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी। भाजपा और निर्दलीयों ने 15-15 सीटें जीतीं। बहुमत के लिए 31 सीटें जरूरी हैं। पूर्व उपसभापति वीरेंद्र डारा के समर्थन से कांग्रेस बोर्ड बना सकती है।

झुंझुनूं: राजस्थान के झुंझुनूं नगर परिषद चुनाव के नतीजों में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। नगर परिषद के सभी 60 वार्डों के परिणाम घोषित हो चुके हैं। कांग्रेस ने 30 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि बहुमत के लिए जरूरी 31 सीटों के आंकड़े से वह सिर्फ एक कदम दूर रह गई। भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशियों ने 15-15 सीटों पर जीत हासिल की।

60 वार्डों में कांग्रेस सबसे आगे

झुंझुनूं नगर परिषद में कुल 60 वार्ड हैं। चुनाव परिणाम के मुताबिक कांग्रेस को 30 सीटें मिली हैं। भाजपा 15 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी 15 वार्डों में जीत दर्ज की।

बहुमत के लिए 31 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। ऐसे में कांग्रेस बहुमत से केवल एक सीट दूर है। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद अब बोर्ड गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

वीरेंद्र डारा के समर्थन से कांग्रेस का बोर्ड संभव

निर्दलीय खेमे में पूर्व उपसभापति वीरेंद्र डारा की जीत को कांग्रेस के लिए अहम माना जा रहा है। डारा पहले ही कांग्रेस के साथ होने की बात कह चुके हैं। ऐसे में कांग्रेस के 30 पार्षदों के साथ उनका समर्थन जुड़ने पर संख्या 31 तक पहुंच जाती है। इस गणित के आधार पर कांग्रेस के लिए नगर परिषद में बोर्ड बनाने का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है। हालांकि, अंतिम राजनीतिक तस्वीर बोर्ड गठन की प्रक्रिया में सामने आएगी।

भाजपा को पिछली बार के मुकाबले फायदा

झुंझुनूं नगर परिषद चुनाव में भाजपा ने पिछले चुनाव की तुलना में अपनी सीटों की संख्या बढ़ाई है। वर्ष 2019 में भाजपा के खाते में 10 सीटें थीं। इस बार पार्टी ने 15 वार्डों में जीत हासिल की है।

इस तरह भाजपा को पिछली बार के मुकाबले पांच सीटों का फायदा हुआ है। हालांकि, कांग्रेस के मुकाबले पार्टी अभी भी 15 सीट पीछे है। भाजपा की बढ़ी हुई सीटों को नगर परिषद की राजनीति में उसके प्रदर्शन में सुधार के तौर पर देखा जा सकता है।

कई पुराने राजनीतिक चेहरों ने भी जीत दर्ज की

चुनाव परिणाम में कांग्रेस और निर्दलीय खेमे के कई पुराने राजनीतिक चेहरों ने भी अपनी जगह बनाए रखी। कांग्रेस के टिकट पर तैयब अली ने जीत दर्ज की। वह निवर्तमान सभापति के ससुर हैं।

कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष अजमत अली भी चुनाव जीतने में सफल रहे। वहीं पूर्व सभापति खालिद हुसैन ने इस बार निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।

पूर्व उपसभापति वीरेंद्र डारा भी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे और जीत हासिल की। डारा का कांग्रेस को समर्थन देने का रुख बोर्ड गठन के लिहाज से खास महत्व रखता है।

वार्डवार परिणामों में दिखा मुकाबले का अलग रंग

झुंझुनूं नगर परिषद के वार्डवार परिणामों में कांग्रेस, भाजपा और निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में मुकाबला देखने को मिला। कई वार्डों में प्रमुख दलों के उम्मीदवारों को निर्दलीय प्रत्याशियों ने चुनौती दी और जीत हासिल की।

वार्ड 1 में कांग्रेस की विमला देवी विजयी रहीं, जबकि वार्ड 2 में निर्दलीय कृष्ण कुमार महला ने जीत दर्ज की। वार्ड 3 में अफसाना बानो और वार्ड 4 में आशा नायक कांग्रेस के टिकट पर विजयी हुईं।

वार्ड 5 में मनफूल बिजार्णिया, वार्ड 6 में शारदा झाझड़िया, वार्ड 7 में सुमन और वार्ड 8 में संगीता कुमारी ने कांग्रेस के लिए जीत दर्ज की। वार्ड 9 में वीरेंद्र सिंह डारा निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विजयी रहे।

वार्ड 11 में भाजपा के राजेश बाबल और वार्ड 13 में प्रमोद कुमार ने जीत हासिल की। वार्ड 14 से निर्मला और वार्ड 15 से लीलाधर जाखड़ भी भाजपा के टिकट पर विजयी हुए।

कांग्रेस ने कई वार्डों में दर्ज की जीत

वार्डवार परिणामों में कांग्रेस की मौजूदगी कई हिस्सों में मजबूत दिखाई दी। वार्ड 16 में अंकिता कुमारी, वार्ड 18 में सन्नी हाल और वार्ड 19 में हिना कौसर कांग्रेस की विजेता रहीं।

वार्ड 21 में उमर कुरैशी, वार्ड 22 में युनुस रहमानी और वार्ड 23 में शबीना बानो ने कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की। वार्ड 24 में साजिदा, वार्ड 25 में मोहम्मद शफीक खान और वार्ड 27 में बसंत कुमार भी कांग्रेस के लिए विजयी रहे।

वार्ड 30 में बबलू कुमार, वार्ड 32 में राजकुमार डिग्रवाल और वार्ड 33 में आफरीन ने जीत दर्ज की। वार्ड 35 से मोहम्मद इरफान, वार्ड 36 से आबिदा खोखर, वार्ड 37 से मुराद अली और वार्ड 38 से तैयब अली कांग्रेस के टिकट पर विजयी हुए।

निर्दलीयों ने भी दिखाई ताकत

झुंझुनूं नगर परिषद चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों ने कुल 15 सीटें जीतकर दोनों प्रमुख दलों के बीच अपनी अहम स्थिति बनाई है। यही कारण है कि बोर्ड गठन की राजनीति में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।

वार्ड 39 में सयम खान, वार्ड 40 में नाजमीन, वार्ड 43 में मनोज कुमार सैनी, वार्ड 44 में मनोज कुमार राजोरिया और वार्ड 50 में हरीश निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर विजयी हुए।

वार्ड 53 में इकबाल, वार्ड 55 में सुरेंद्र बंशीवाल और वार्ड 56 में मनोज सैनी ने भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की। इन परिणामों ने नगर परिषद में निर्दलीय खेमे की ताकत को स्पष्ट किया है।

भाजपा के विजेता उम्मीदवार

भाजपा ने भी कई महत्वपूर्ण वार्डों में जीत हासिल की। वार्ड 11 में राजेश बाबल, वार्ड 13 में प्रमोद कुमार, वार्ड 14 में निर्मला और वार्ड 15 में लीलाधर जाखड़ विजयी रहे।

वार्ड 17 में पूनम, वार्ड 29 में पूजा संघी, वार्ड 34 में प्रमोद जानू, वार्ड 45 में अशोक प्रजापति, वार्ड 46 में विक्रमसिंह और वार्ड 47 में बुधराम सैनी ने भाजपा के लिए जीत दर्ज की।

इसके अलावा वार्ड 49 में मन्नू धनखड़, वार्ड 51 में संजय पारीक, वार्ड 52 में गोपाल शुक्ला, वार्ड 57 में रोहन सैनी और वार्ड 58 में रेणु कुमारी भाजपा के टिकट पर विजयी हुईं।

चिड़ावा में निर्दलीयों का दबदबा

झुंझुनूं जिले के अन्य स्थानीय निकायों के परिणामों में भी अलग-अलग तस्वीर सामने आई। चिड़ावा नगर पालिका के 45 वार्डों के घोषित परिणामों में निर्दलीय प्रत्याशियों का दबदबा रहा।

यहां 45 में से 18 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी हुए। कांग्रेस ने 12 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि भाजपा ने 15 वार्डों में जीत हासिल की।

बगड़ और मंडावा में भी चुनावी तस्वीर

बगड़ नगर पालिका के परिणामों में भी भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच मुकाबला देखने को मिला। वहीं मंडावा नगर पालिका के 25 वार्डों के परिणामों में कांग्रेस ने कई वार्डों में जीत हासिल की, जबकि भाजपा और निर्दलीयों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

झुंझुनूं नगर परिषद के परिणामों की तुलना में इन निकायों के नतीजे स्थानीय स्तर पर अलग-अलग राजनीतिक समीकरणों की ओर संकेत करते हैं।

सुरक्षा के बीच हुई मतगणना

झुंझुनूं नगर परिषद चुनाव की मतगणना सेठ मोतीलाल कॉलेज में हुई। मतगणना स्थल पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। प्रत्याशियों और उनके एजेंटों को जांच के बाद ही मतगणना केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी गई।

नगर परिषद के 60 वार्डों और बगड़ नगरपालिका के वार्डों की मतगणना के लिए अलग-अलग कमरों में व्यवस्था की गई थी। नगर परिषद की मतगणना 8 टेबल पर 14 राउंड में कराई गई, जबकि बगड़ में पांच राउंड में मतगणना पूरी की गई।

अब बोर्ड गठन पर नजर

झुंझुनूं नगर परिषद के चुनाव परिणाम में कांग्रेस 30 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी है। बहुमत के लिए उसे केवल एक और समर्थन की जरूरत है। पूर्व उपसभापति वीरेंद्र डारा के कांग्रेस समर्थन के रुख के चलते पार्टी के पास 31 का आंकड़ा पूरा होने की संभावना बनती है।

दूसरी ओर भाजपा ने 2019 के 10 सीटों के मुकाबले इस बार 15 सीटें जीतकर अपना प्रदर्शन सुधारा है। निर्दलीयों की 15 सीटें भी बोर्ड गठन के लिहाज से महत्वपूर्ण रही हैं। अब सभी की नजरें नगर परिषद में बोर्ड गठन और आगामी स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर रहेंगी।

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