रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की सहायक कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने आज अपना रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल कर दिया है। कंपनी का आईपीओ 21 अक्टूबर को लॉन्च होने वाला है।
बिजनेस न्यूज़: रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के प्रस्तावित आईपीओ को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। कंपनी ने अपना रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल कर दिया है, जिसके साथ सार्वजनिक निर्गम की प्रक्रिया एक अहम चरण में पहुंच गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ के लिए 21 अक्टूबर से आम निवेशक बोली लगा सकेंगे। इस इश्यू के तहत कंपनी 27 करोड़ इक्विटी शेयर जारी करने की योजना बना रही है।
जियो प्लेटफॉर्म्स का यह प्रस्तावित आईपीओ भारतीय शेयर बाजार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रिलायंस समूह की डिजिटल और दूरसंचार सेवाओं से जुड़ी इस कंपनी के सार्वजनिक निर्गम पर निवेशकों, बाजार विश्लेषकों और वित्तीय जगत की नजरें टिकी हैं। हालांकि, निवेश से पहले इश्यू की कीमत, लॉट साइज और अन्य अंतिम शर्तों की आधिकारिक जानकारी देखना जरूरी होगा।
जियो प्लेटफॉर्म्स ने दाखिल किया रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की सहायक कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने अहमदाबाद स्थित रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास अपना रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया है। RHP वह दस्तावेज होता है जिसमें किसी कंपनी के आईपीओ से जुड़ी प्रमुख जानकारियां, कारोबारी गतिविधियां, संभावित जोखिम और निर्गम की शर्तें दी जाती हैं।
इससे पहले कंपनी ने जून 2026 में ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया था। इसके बाद अगस्त 2026 में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से ऑब्जर्वेशन लेटर मिलने की जानकारी दी गई थी। अब RHP दाखिल होने के बाद आईपीओ की प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
27 करोड़ इक्विटी शेयर जारी करने की योजना

प्रस्तावित आईपीओ में जियो प्लेटफॉर्म्स कुल 27 करोड़ इक्विटी शेयर जारी करेगी। प्रत्येक शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये बताई गई है। फेस वैल्यू और आईपीओ का इश्यू प्राइस अलग-अलग होते हैं। इसलिए केवल 10 रुपये की फेस वैल्यू के आधार पर शेयर का अंतिम निर्गम मूल्य या निवेश की कुल लागत तय नहीं की जा सकती।
कंपनी के निर्गम में कुछ श्रेणियों के निवेशकों के लिए आरक्षण का भी प्रावधान बताया गया है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, पात्र कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित किए जाएंगे। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज के मौजूदा सार्वजनिक शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयरों का आरक्षण रखा गया है। इन श्रेणियों के लिए पात्रता और आवंटन की शर्तें आधिकारिक आईपीओ दस्तावेजों के अनुसार लागू होंगी।
19 अक्टूबर को एंकर निवेशकों के लिए बोली
बताई गई समय-सारणी के मुताबिक, एंकर निवेशकों के लिए बोली प्रक्रिया 19 अक्टूबर से शुरू होगी। इसके बाद आम निवेशकों के लिए आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा। एंकर निवेशक आम तौर पर बड़े संस्थागत निवेशक होते हैं, जिन्हें सार्वजनिक निर्गम खुलने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत शेयर आवंटित किए जा सकते हैं। उनकी भागीदारी से बाजार को इश्यू में संस्थागत निवेशकों की रुचि का संकेत मिल सकता है, हालांकि इससे शेयर के प्रदर्शन की गारंटी नहीं मिलती।
जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों को बीएसई और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है। अंतिम लिस्टिंग और आवंटन से जुड़ी जानकारी कंपनी तथा संबंधित एक्सचेंजों की आधिकारिक घोषणाओं से स्पष्ट होगी।
जियो आईपीओ पर क्यों टिकी हैं निवेशकों की नजरें?
जियो प्लेटफॉर्म्स भारत के डिजिटल और दूरसंचार क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में शामिल है। कंपनी का आईपीओ रिलायंस समूह की डिजिटल कारोबार संबंधी गतिविधियों को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ा सकता है। प्रस्तावित निर्गम का आकार और कंपनी की बाजार में संभावित स्थिति इसे शेयर बाजार की प्रमुख घटनाओं में शामिल कर रहे हैं।
बाजार में इस इश्यू को लेकर काफी उत्सुकता है और इसे बड़े आईपीओ में से एक माना जा रहा है। हालांकि, निवेशकों के लिए कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार से जुड़े जोखिम, निर्गम का मूल्यांकन और आईपीओ से प्राप्त रकम के इस्तेमाल जैसी बातों का अध्ययन करना महत्वपूर्ण होगा।









