जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने माइनिंग और मिनरल ट्रांसपोर्टेशन के नियमों को सख्त करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब जम्मू-कश्मीर UT में मिनरल ट्रांसपोर्ट करने वाली सभी गाड़ियों में GPS डिवाइस लगाना और उनकी रियल-टाइम मॉनिटरिंग करना अनिवार्य कर दिया गया है।
Jammu & Kashmir: माइनिंग माफिया द्वारा मिनरल रिसोर्स की गैर-कानूनी माइनिंग और ट्रांसपोर्टेशन रोकने के लिए जम्मू और कश्मीर सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब J&K UT में मिनरल ट्रांसपोर्ट करने वाली सभी गाड़ियों में GPS डिवाइस लगाना और उनकी मॉनिटरिंग करना अनिवार्य होगा। हालांकि, ऑर्डर के साथ GPS डिवाइस लगाने की कोई फॉर्मल टाइमलाइन नहीं दी गई है।
जम्मू और कश्मीर डायरेक्टरेट ऑफ जियोलॉजी एंड माइनिंग ने निर्देश जारी करते हुए पूरे केंद्र शासित प्रदेश में मिनरल ट्रांसपोर्टेशन और निकालने में लगी सभी गाड़ियों में GPS डिवाइस लगाना जरूरी कर दिया है। यह निर्देश मिनिस्ट्री ऑफ एनवायरनमेंट, फॉरेस्ट एंड क्लाइमेट चेंज द्वारा रेत और माइनर मिनरल मूवमेंट की सख्त, टेक्नोलॉजी-बेस्ड मॉनिटरिंग के लिए जारी गाइडलाइंस के अनुरूप है।
GPS से रियल-टाइम मॉनिटरिंग
जम्मू-कश्मीर के डायरेक्टरेट ऑफ जियोलॉजी एंड माइनिंग ने पूरे UT में मिनरल ट्रांसपोर्ट करने वाली गाड़ियों पर GPS डिवाइस लगाने का आदेश दिया है। यह कदम मिनिस्ट्री ऑफ एनवायरनमेंट, फॉरेस्ट एंड क्लाइमेट चेंज द्वारा जारी गाइडलाइंस के अनुरूप है, जिसमें रेत और माइनर मिनरल मूवमेंट की टेक्नोलॉजी-बेस्ड मॉनिटरिंग को अनिवार्य किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, मिनरल ट्रांसपोर्ट करने वाली गाड़ियों में व्हीकल ट्रैकिंग डिवाइस लगाने से उनकी मूवमेंट पर ऑनलाइन और रियल-टाइम में नजर रखी जा सकेगी। इसके लिए वेब-बेस्ड व्हीकल ट्रैकिंग एप्लीकेशन का निर्माण और डिप्लॉय करने का प्रस्ताव है। यह सिस्टम प्रशासन को गैर-कानूनी गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई करने में मदद करेगा।

GPS डिवाइस कहां से मिलेगा?
डायरेक्टरेट ने कहा कि मिनरल ट्रांसपोर्ट के लिए इस्तेमाल होने वाले ट्रकों में व्हीकल ट्रैकिंग डिवाइस लगाना अनिवार्य होगा। वाहन मालिकों को यह डिवाइस विभाग द्वारा सूचीबद्ध पैनल वेंडर से खरीदना होगा। सभी मिनरल कंसेशनेयरों को यह सुनिश्चित करना होगा कि बिना GPS-इनेबल्ड गाड़ियों के किसी भी मटीरियल का ट्रांसपोर्ट न हो।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रत्येक वाहन पर वैध RFID नंबर और विभाग के ऑनलाइन पोर्टल से जेनरेट किया हुआ QR-कोडेड चालान या वॉटरमार्क होना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही गैंट्री पर ANPR कैमरे और इंटीग्रेटेड ई-चेक गेट लगाकर बिना रुकावट मॉनिटरिंग की जाएगी। जम्मू-कश्मीर सरकार ने कहा कि यह कदम एंड-यूज अकाउंटेबिलिटी सुनिश्चित करने, गैर-कानूनी माइनिंग पर रोक लगाने और मिनरल के बिना अनुमति ट्रांसपोर्ट को रोकने के लिए उठाया गया है। इसमें नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पहले के निर्देशों का भी पालन किया जाएगा।











