टोंक के उनियारा क्षेत्र में जन्मदिन के दिन नाबालिग सचिन मीणा और उसके दोस्त नरेश मीणा की सड़क हादसे में मौत हो गई। नाश्ता लेकर लौटते समय तेज रफ्तार कार ने बाइक को टक्कर मार दी। पुलिस जांच में जुटी है।
Rajasthan: चतरपुरा गांव के रहने वाले सचिन मीणा का रविवार को 16वां जन्मदिन था। घर में दोस्त और परिवार के लोग उसके जन्मदिन को खास बनाने की तैयारी कर रहे थे। दोस्तों ने मिलकर केक काटने और साथ बैठकर नाश्ता करने का प्लान बनाया था। इसी के लिए सचिन अपने दोस्त नरेश मीणा के साथ बाइक लेकर गांव से करीब एक किलोमीटर दूर नेशनल हाईवे-148D पर स्थित एक होटल गया। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह छोटी-सी खुशी की तैयारी जिंदगी की आखिरी यात्रा बन जाएगी।
होटल से लौटते समय हुआ हादसा
नाश्ता लेने के बाद सचिन और नरेश बाइक से वापस गांव की ओर लौट रहे थे। होटल से कुछ ही दूरी पर गुजरात नंबर की एक तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों दोस्त सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
मौके पर ही तोड़ा दम
स्थानीय लोगों ने तुरंत दोनों घायलों को उनियारा अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर जैसे ही गांव पहुंची, खुशियों से भरा माहौल पल भर में मातम में बदल गया। जिस घर में केक काटने की तैयारी थी, वहां रोने-बिलखने की आवाजें गूंजने लगीं।
कार सवार हिरासत में
हादसे के बाद होटल पर मौजूद लोगों ने कार सवार तीनों युवकों को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची उनियारा थाना पुलिस ने तीनों को हिरासत में ले लिया। जानकारी के अनुसार, कार में सवार तीनों युवक अलवर जिले के रहने वाले हैं और बूंदी जिले के हिंडोली में किसी परिचित से मिलने जा रहे थे। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।
तीन बहनों का इकलौता भाई था सचिन
हादसे में जान गंवाने वाला सचिन मीणा अपने परिवार का सबसे छोटा सदस्य और तीन बहनों का इकलौता भाई था। वह कक्षा 9वीं में पढ़ाई कर रहा था। सचिन के पिता बुद्धिप्रकाश मीणा किसान हैं और खेती-किसानी से परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बेटे की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
नरेश के सपने भी अधूरे रह गए
दूसरे मृतक नरेश मीणा की उम्र 21 वर्ष थी। वह कोटा में रहकर रेलवे की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। नरेश के पिता जोड़ मीणा भी किसान हैं। नरेश पांच दिन पहले ही अपने परिवार से मिलने गांव आया था। रविवार रात वह सचिन को जन्मदिन की बधाई देने उसके घर गया था और वहीं से दोनों नाश्ता लेने के लिए निकले थे। किसी को नहीं पता था कि यह मुलाकात उनकी आखिरी होगी।










