उत्तराखंड के काशीपुर में ट्रेन की चपेट में आने से एक गेटमैन की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद रेलवे कर्मचारियों और आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान रेलवे में गेटमैन के रूप में काम करने वाले कर्मचारी के तौर पर हुई है। वह पांच साल की बेटी के पिता थे। घटना की सूचना मिलने के बाद रेलवे सुरक्षा बल यानी RPF और स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, गेटमैन रेलवे क्रॉसिंग के आसपास अपनी ड्यूटी से जुड़ा काम कर रहे थे। इसी दौरान वह ट्रेन की चपेट में आ गए। ट्रेन की टक्कर इतनी तेज थी कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों को भी घटना की जानकारी दी गई।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद RPF और पुलिस की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू की। साथ ही घटना की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गेटमैन किस परिस्थिति में रेलवे ट्रैक पर पहुंचे और ट्रेन की चपेट में कैसे आए।
घटना को लेकर रेलवे कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा सकती है। मृतक की ड्यूटी किस समय और किस स्थान पर थी, उस दौरान रेलवे क्रॉसिंग की स्थिति क्या थी और हादसे से ठीक पहले वह क्या कर रहे थे, इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। पुलिस और RPF यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय वहां कोई प्रत्यक्षदर्शी मौजूद था या नहीं।
हादसे के बाद रेलवे की ओर से भी मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। रेलवे कर्मचारी के रूप में गेटमैन की जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण होती है। रेलवे क्रॉसिंग पर तैनात गेटमैन को ट्रेनों की आवाजाही के दौरान विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। ऐसे में पुलिस और रेलवे अधिकारी यह भी देखेंगे कि घटना के समय निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया का पालन हो रहा था या नहीं।
मृतक के परिवार को घटना की सूचना मिलने के बाद घर में मातम पसर गया। पांच साल की बेटी के पिता की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लिए सबसे मुश्किल स्थिति यह है कि जिस व्यक्ति पर घर की जिम्मेदारियां थीं, उसकी अचानक मौत हो गई। स्थानीय लोगों और रेलवे कर्मचारियों ने भी परिवार के प्रति संवेदना जताई है।
पुलिस हादसे की जांच के दौरान घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटा रही है। रेलवे ट्रैक के आसपास की स्थिति, ट्रेन की दिशा, हादसे का संभावित स्थान और प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी को जांच में शामिल किया जाएगा। यदि घटनास्थल के आसपास CCTV कैमरे उपलब्ध हैं तो उनकी फुटेज भी देखी जा सकती है। इससे हादसे से पहले और बाद की स्थिति को समझने में मदद मिल सकती है।
यह भी जांच का विषय है कि ट्रेन किस दिशा से आ रही थी और गेटमैन उस समय ट्रैक पर क्यों मौजूद थे। क्या वह ड्यूटी के दौरान किसी काम के लिए ट्रैक के पास गए थे या किसी अन्य परिस्थिति में वहां पहुंचे, पुलिस इन सवालों के जवाब तलाश रही है। अभी तक घटना को लेकर किसी एक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
RPF और स्थानीय पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे ट्रैक पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होती है। ट्रेनों की आवाजाही लगातार बनी रहने के कारण ट्रैक के आसपास किसी भी तरह की लापरवाही जानलेवा हो सकती है। रेलवे कर्मचारियों को निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत ही ट्रैक पर काम करने और ट्रेन की आवाजाही को लेकर लगातार सतर्क रहने के निर्देश दिए जाते हैं।
काशीपुर की इस घटना ने रेलवे क्रॉसिंग और ट्रैक पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। गेटमैन जैसे कर्मचारी रेलवे संचालन की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं और उनकी ड्यूटी के दौरान छोटी सी चूक भी गंभीर परिणाम दे सकती है। हालांकि इस मामले में हादसा किस वजह से हुआ, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल RPF और पुलिस की टीमें मामले की जांच में जुटी हुई हैं। मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वहीं रेलवे अधिकारी भी घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटा रहे हैं। पांच साल की बेटी और परिवार को पीछे छोड़ गए गेटमैन की अचानक मौत से परिजनों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ट्रेन की चपेट में आने की यह घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे कोई लापरवाही या अन्य कारण था या नहीं।