केंद्र सरकार ने बजट 2026 की तैयारी शुरू कर दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्री-बजट बैठक में राज्यों से सुझाव लिए। निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा और रोजगार जैसे क्षेत्रों को आगामी बजट में प्राथमिकता दी जाएगी।
Budget 2026: यूनियन बजट 2026 अब कुछ ही महीनों में पेश होने वाला है। आम जनता से लेकर राज्यों तक सभी को आगामी बजट से कई उम्मीदें हैं। इस कड़ी में केंद्र सरकार ने बजट की तैयारी शुरू कर दी है ताकि देश के सभी वर्गों और क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखा जा सके।
प्री-बजट परामर्श बैठक का आयोजन
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 10 जनवरी को नई दिल्ली में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों के साथ प्री-बजट परामर्श बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य बजट 2026 से जुड़ी प्राथमिकताओं और सुझावों पर चर्चा करना था। बैठक में राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव और जरूरतों को साझा किया, ताकि आगामी बजट में विकास और आर्थिक योजनाओं को और मजबूत किया जा सके।
पूंजी निवेश के लिए विशेष योजना पर जोर
बैठक में कई राज्यों ने पूंजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए विशेष सहायता योजना जारी रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विकास कार्यों की गति तेज हो रही है। नई परिसंपत्तियां तैयार हो रही हैं और पूंजीगत निवेश को मजबूत समर्थन मिल रहा है।
आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2020–21 से अब तक केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए 4.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक जारी किए हैं। यह राशि राज्य स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य विकास कार्यों में निवेश के लिए महत्वपूर्ण रही है।
बैठक में किन राज्यों ने भाग लिया

इस बैठक में दिल्ली, गोवा, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, मेघालय और सिक्किम के मुख्यमंत्री उपस्थित रहे। वहीं, अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना के उपमुख्यमंत्रियों के साथ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के वित्त मंत्री और अन्य अधिकारी भी शामिल हुए। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और मणिपुर के राज्यपाल ने भी बैठक में भाग लिया।
केंद्रीय मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल
केंद्र सरकार की तरफ से वित्त मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल हुए। इनमें आर्थिक कार्य विभाग, व्यय विभाग और राजस्व विभाग के सचिवों के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। उन्होंने बजट 2026 से जुड़े तकनीकी और आर्थिक पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया और राज्यों के सुझावों को ध्यान से सुना।
बजट 2026 में प्रमुख प्राथमिकताएं
बैठक में चर्चा के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर जोर दिया गया। राज्यों ने विशेष रूप से पूंजी निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और नए प्रोजेक्ट्स के लिए अतिरिक्त आवंटन की मांग की। इसके अलावा, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे क्षेत्रों में सुधार और निवेश बढ़ाने की जरूरत पर भी चर्चा हुई।
वित्त मंत्रालय ने राज्यों को यह आश्वासन दिया कि उनकी जरूरतों और सुझावों को बजट 2026 में शामिल करने की कोशिश की जाएगी। इस बैठक का उद्देश्य सिर्फ वित्तीय आंकड़े तय करना नहीं था, बल्कि राज्यों के विकास कार्यों और लोगों की वास्तविक जरूरतों को भी प्राथमिकता देना था।
राज्यों और केंद्र के सहयोग से विकास
बैठक से यह स्पष्ट हुआ कि बजट 2026 का फोकस केवल केंद्र सरकार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के सहयोग से विकास को और मजबूत बनाया जाएगा। निवेश और संसाधनों का उचित वितरण सुनिश्चित करने के लिए राज्यों के सुझावों को ध्यान में रखा जाएगा।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि बजट 2026 में निवेश, पूंजीगत विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष जोर रहेगा। साथ ही, राज्यों के विकास कार्यों के लिए वित्तीय सहायता और योजनाओं का विस्तार किया जाएगा। इससे देश की आर्थिक दिशा मजबूत होगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।











