Kerala विधानसभा में पहली बार तीन सीटें जीतकर इतिहास रचने वाली Bharatiya Janata Party (BJP) अब स्पीकर पद के चुनाव में भी अपनी दावेदारी पेश करने जा रही है।
तिरुवनंतपुरम: केरल की राजनीति में एक ऐतिहासिक राजनीतिक घटनाक्रम के तहत भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पहली बार राज्य विधानसभा के स्पीकर पद के चुनाव में अपना उम्मीदवार उतारने का निर्णय लिया है। हाल ही में विधानसभा चुनाव में तीन सीटें जीतकर राज्य में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने वाली भाजपा अब संसदीय प्रक्रिया में भी सक्रिय भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
पार्टी ने कोल्लम जिले की चथन्नूर विधानसभा सीट से विधायक B B Gopakumar को स्पीकर पद का उम्मीदवार घोषित किया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष Rajeev Chandrasekhar ने गुरुवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की।
भाजपा का ऐतिहासिक कदम
केरल विधानसभा में पहली बार भाजपा का स्पीकर पद के लिए उम्मीदवार खड़ा करना राज्य की राजनीतिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। पार्टी नेताओं के अनुसार, यह कदम विधानसभा में भाजपा की बढ़ती भूमिका और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है। राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि यह पहली बार है जब केरल के विधानसभा इतिहास में भाजपा स्पीकर चुनाव में सीधे तौर पर हिस्सा ले रही है। उन्होंने इसे पार्टी के लिए एक “नया अध्याय” बताया।
कौन हैं बीबी गोपाकुमार?
B B Gopakumar को भाजपा ने स्पीकर पद के लिए उम्मीदवार बनाकर एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत दिया है। वे कोल्लम जिले की चथन्नूर विधानसभा सीट से पहली बार विधायक चुने गए हैं। पार्टी संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका और स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है। प्रस्ताव के अनुसार, उनके नामांकन का समर्थन भाजपा विधायक V Muraleedharan और प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर करेंगे।

विधानसभा स्पीकर चुनाव की तैयारी तेज
केरल विधानसभा में स्पीकर पद के लिए चुनाव शुक्रवार को आयोजित किया जाएगा। इस चुनाव को लेकर राज्य की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और सभी दल अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे रहे हैं। कांग्रेस नेतृत्व वाला यूडीएफ (UDF) पहले ही वरिष्ठ नेता Thiruvanchoor Radhakrishnan को अपना उम्मीदवार घोषित कर चुका है। वहीं, सत्तारूढ़ एलडीएफ (LDF) ने अभी तक अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की है, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने केरल में तीन सीटें जीतकर राज्य की राजनीति में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। इन विधायकों में बीबी गोपाकुमार के अलावा अन्य दो विधायक भी शामिल हैं, जिन्होंने पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया है। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि यह उपलब्धि राज्य में पार्टी के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पार्टी अब विधानसभा के भीतर अपनी भूमिका को केवल उपस्थिति तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि निर्णय प्रक्रिया में भी प्रभावी भागीदारी चाहती है।
राजीव चंद्रशेखर का बयान
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि पार्टी के विधायक अब केरल विधानसभा में “सक्रिय और प्रभावी विपक्ष” की भूमिका निभाएंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य की राजनीति लंबे समय से यूडीएफ और एलडीएफ के बीच “एडजस्टमेंट पॉलिटिक्स” के कारण प्रभावित रही है। चंद्रशेखर ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य राज्य में एक मजबूत वैकल्पिक राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरना है, जो जनता के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाए।











