IOC: खिलाड़ी आयोग के उपाध्यक्ष पद से Abhinav Bindra का कार्यकाल समाप्त, Humphrey Kayange ने संभाली जिम्मेदारी

IOC Athlete Commission में बड़ा बदलाव। ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट Abhinav Bindra का उपाध्यक्ष पद पर कार्यकाल समाप्त हो गया है, जबकि Humphrey Kayange ने नई

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के खिलाड़ी आयोग (Athletes’ Commission) में उपाध्यक्ष के रूप में भारतीय निशानेबाज अभिनव बिंद्रा का आठ वर्ष का कार्यकाल आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है। इस महत्वपूर्ण पद पर अब केन्या के पूर्व रग्बी खिलाड़ी हम्फ्री कायांगे ने जिम्मेदारी संभाली है।

स्पोर्ट्स न्यूज़: भारत के दिग्गज निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के खिलाड़ी आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में अपने आठ साल के कार्यकाल के समाप्त होने की घोषणा की। उन्होंने इस जिम्मेदारी को अपनी खेल यात्रा के सबसे सार्थक और यादगार अध्यायों में से एक बताया। 43 वर्षीय बिंद्रा ने बीजिंग ओलंपिक 2008 में भारत के पहले व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता बनकर इतिहास रचा था। 

उनके स्थान पर अब केन्या के रग्बी खिलाड़ी हम्फ्री कायांगे को पैनल में शामिल किया गया है। इटली में आयोजित शीतकालीन ओलंपिक के दौरान खिलाड़ी आयोग का पुनर्गठन किया गया, जिसके तहत यह बदलाव लागू हुआ।

ओलंपिक इतिहास में विशेष स्थान

अभिनव बिंद्रा भारत के पहले ऐसे एथलीट हैं जिन्होंने व्यक्तिगत स्पर्धा में ओलंपिक स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने Beijing 2008 Summer Olympics में 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल कर इतिहास रचा था। उनकी यह उपलब्धि भारतीय खेल इतिहास की मील का पत्थर मानी जाती है। खेल से संन्यास के बाद बिंद्रा ने खेल प्रशासन और एथलीट प्रतिनिधित्व के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाई। 

आईओसी खिलाड़ी आयोग में उनका कार्यकाल इस बात का उदाहरण रहा कि पूर्व खिलाड़ी किस तरह वैश्विक खेल नीतियों को आकार देने में योगदान दे सकते हैं।

खिलाड़ी आयोग की भूमिका क्या है?

19 सदस्यों वाला आईओसी खिलाड़ी आयोग अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में एथलीटों की आवाज को प्रतिनिधित्व देने का प्रमुख मंच है। आयोग के सदस्य कई महत्वपूर्ण गतिविधियों में भाग लेते हैं, जिनमें:

  • ओलंपिक खेलों के लिए उम्मीदवार शहरों के मूल्यांकन की प्रक्रिया
  • खेलों के आयोजन की निगरानी
  • डोपिंग विरोधी नीतियों को सुदृढ़ करना
  • महिला खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण और शैक्षिक परियोजनाओं का विकास
  • एथलीट अधिकारों और कल्याण से जुड़े मुद्दों पर नीतिगत सलाह

इटली में आयोजित शीतकालीन ओलंपिक के दौरान आयोग का पुनर्गठन किया गया, जिसके तहत नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई। इसी प्रक्रिया में हम्फ्री कायांगे को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई।

बिंद्रा का संदेश: ‘खिलाड़ी हमेशा केंद्र में रहें’

अपने संदेश में बिंद्रा ने लिखा कि दुनिया भर के खिलाड़ियों की सेवा करना उनके लिए सम्मान और जिम्मेदारी दोनों रहा। उन्होंने कहा कि हर निर्णय के पीछे उनका एक ही सिद्धांत था—“खिलाड़ी हमेशा ओलंपिक आंदोलन के केंद्र में रहने चाहिए। उन्होंने अपने सहयोगियों की सराहना करते हुए कहा कि आयोग के प्रत्येक सदस्य ने खिलाड़ी प्रतिनिधित्व को मजबूत करने और उनकी आवाज को सम्मान दिलाने के लिए समर्पित प्रयास किए।

बिंद्रा ने यह भी विश्वास जताया कि भविष्य में खिलाड़ी आयोग और अधिक सशक्त होगा, क्योंकि इसे ऐसे लोग संचालित कर रहे हैं जो खेल से परे एक बड़े उद्देश्य में विश्वास रखते हैं।

हम्फ्री कायांगे: नई जिम्मेदारी

केन्या के पूर्व रग्बी खिलाड़ी हम्फ्री कायांगे अंतरराष्ट्रीय खेल प्रशासन में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। उनके अनुभव को देखते हुए आईओसी ने उन्हें यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा है। कायांगे की नियुक्ति अफ्रीकी प्रतिनिधित्व को भी मजबूत करती है और वैश्विक स्तर पर विविधता को बढ़ावा देती है।

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