द हंड्रेड में टीमों की संख्या बढ़ने पर कोलकाता नाइट राइडर्स के मालिक नाइट राइडर्स ग्रुप की नई फ्रेंचाइजी में निवेश करने की संभावना है। KRG ने पहले ट्रेंट रॉकेट्स में हिस्सेदारी खरीदने में रुचि दिखाई थी, लेकिन कीमत को लेकर पीछे हट गया था।
स्पोर्ट्स न्यूज़: इंग्लैंड की लोकप्रिय क्रिकेट लीग द हंड्रेड के भविष्य को लेकर बड़ा कारोबारी संकेत सामने आया है। इंडियन प्रीमियर लीग की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स के मालिकों का समूह प्रतियोगिता के विस्तार की स्थिति में नई फ्रेंचाइजी में हिस्सेदारी खरीदने पर विचार कर सकता है। अगर द हंड्रेड में मौजूदा आठ टीमों से बढ़ाकर 10 टीमें की जाती हैं, तो नाइट राइडर्स ग्रुप एक बार फिर निवेश की दौड़ में शामिल हो सकता है।
आठ से 10 टीमों तक विस्तार पर नजर
द हंड्रेड फिलहाल आठ फ्रेंचाइजी के साथ खेला जाता है। हालांकि, इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड भविष्य में इस प्रतियोगिता का विस्तार करने की संभावनाओं पर विचार कर रहा है। संभावित विस्तार में दो नई टीमों को शामिल किया जा सकता है। ऐसे में दुनिया की बड़ी क्रिकेट फ्रेंचाइजी और निवेश समूहों के लिए इंग्लैंड की इस लीग में प्रवेश का एक नया रास्ता खुल सकता है।
नाइट राइडर्स ग्रुप यानी KRG भी इसी अवसर पर नजर बनाए हुए है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर द हंड्रेड में 10 टीमें होती हैं तो KRG नई फ्रेंचाइजी में हिस्सेदारी खरीदने के लिए दोबारा बातचीत की मेज पर आ सकता है। यह कदम द हंड्रेड के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि KRG का क्रिकेट में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत कारोबारी नेटवर्क है। समूह पहले से भारत के अलावा कई विदेशी टी20 लीग में टीमों से जुड़ा हुआ है।
ट्रेंट रॉकेट्स की बोली में शामिल था KRG
नाइट राइडर्स ग्रुप की द हंड्रेड में दिलचस्पी नई नहीं है। पिछले साल इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने प्रतियोगिता की आठ मौजूदा फ्रेंचाइजी में हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरू की थी। उस समय KRG ने ट्रेंट रॉकेट्स में हिस्सेदारी खरीदने में रुचि दिखाई थी।
ट्रेंट रॉकेट्स की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी आखिरकार केन इंटरनेशनल ने खरीद ली। इस सौदे की कीमत करीब 40 मिलियन पाउंड बताई गई थी। केन इंटरनेशनल की स्थापना चेल्सी के सह-मालिक टॉड बोहली और ब्रिटिश कारोबारी जोनाथन गोल्डस्टीन से जुड़ी है।
KRG ने भी इस सौदे में रुचि दिखाई थी, लेकिन अंततः वह बोली को आगे नहीं बढ़ा सका। समूह से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों का मानना था कि ट्रेंट रॉकेट्स की कीमत उसकी नजर में कुछ ज्यादा आंकी गई थी। इसलिए KRG ने उस समय निवेश से पीछे हटने का फैसला किया। अब संभावित विस्तार के साथ स्थिति बदल सकती है।
नई टीमों के लिए नए शहरों के नाम चर्चा में
द हंड्रेड में दो नई फ्रेंचाइजी जोड़ने की संभावनाओं को लेकर इंग्लैंड में पहले से चर्चा होती रही है। संभावित नए ठिकानों में डरहम का नाम शामिल है। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम इंग्लैंड में भी एक नई टीम बनाई जा सकती है।
ब्रिस्टल और टॉन्टन को संभावित शहरों के तौर पर देखा जा रहा है। अगर विस्तार की योजना आगे बढ़ती है, तो इन क्षेत्रों को द हंड्रेड के नए क्रिकेट केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।
हालांकि, तत्काल विस्तार की संभावना कम है। मौजूदा मीडिया राइट्स समझौता 2028 के अंत तक चलने वाला है। इसलिए प्रतियोगिता में आठ से 10 टीमों का विस्तार मौजूदा मीडिया अधिकार चक्र समाप्त होने से पहले होने की संभावना नहीं है।
2029 से बदल सकता है द हंड्रेड का ढांचा
द हंड्रेड के विस्तार के लिए 2029 को महत्वपूर्ण समय माना जा रहा है। दो नई टीमों को जोड़ने से मैचों की संख्या बढ़ेगी और इसके साथ प्रतियोगिता के अगले प्रसारण अधिकार समझौते की कीमत भी बढ़ सकती है।
अधिक टीमें होने का मतलब अधिक मुकाबले, ज्यादा स्थानीय बाजार और अतिरिक्त व्यावसायिक अवसर हो सकते हैं। इससे मीडिया कंपनियों, प्रायोजकों और निवेशकों के लिए टूर्नामेंट की व्यावसायिक अपील भी बढ़ने की संभावना है।
यही वजह है कि KRG जैसे बड़े क्रिकेट निवेशक भविष्य की संभावनाओं पर नजर रख रहे हैं। यदि नई फ्रेंचाइजी का मूल्यांकन उन्हें आकर्षक लगा, तो समूह फिर से बोली प्रक्रिया का हिस्सा बन सकता है।

IPL से जुड़े कई समूह पहले से द हंड्रेड में
द हंड्रेड में पहले ही कई ऐसे मालिक और निवेश समूह मौजूद हैं जिनका संबंध इंडियन प्रीमियर लीग से है। सनराइजर्स लीड्स, मैनचेस्टर सुपर जायंट्स, MI लंदन और सदर्न ब्रेव जैसी फ्रेंचाइजी IPL से जुड़े कारोबारी समूहों के स्वामित्व या हिस्सेदारी से जुड़ी हैं।
इससे द हंड्रेड का भारतीय क्रिकेट बाजार के साथ संबंध लगातार मजबूत हुआ है। IPL फ्रेंचाइजी मालिकों के लिए विदेशी टी20 लीग में निवेश करना वैश्विक क्रिकेट कारोबार का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है।
KRG की संभावित वापसी इस प्रतिस्पर्धा को और दिलचस्प बना सकती है। अगर 2029 के बाद नई फ्रेंचाइजी के लिए बोली प्रक्रिया शुरू होती है, तो IPL से जुड़े समूहों के बीच मुकाबला बढ़ने की उम्मीद होगी।
KKR समूह का वैश्विक क्रिकेट नेटवर्क
नाइट राइडर्स ग्रुप की गतिविधियां केवल IPL तक सीमित नहीं हैं। समूह ने अलग-अलग देशों की टी20 प्रतियोगिताओं में भी निवेश किया है। भारत में कोलकाता नाइट राइडर्स के अलावा समूह कैरेबियन, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका में भी क्रिकेट फ्रेंचाइजी से जुड़ा हुआ है।
इस वैश्विक नेटवर्क के कारण इंग्लैंड की टी20 प्रतियोगिता में निवेश KRG की अंतरराष्ट्रीय रणनीति के अनुरूप माना जा सकता है। द हंड्रेड में निवेश करने से समूह को ब्रिटिश क्रिकेट बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत करने का अवसर मिल सकता है।
हालांकि, किसी भी संभावित निवेश का अंतिम फैसला फ्रेंचाइजी के मूल्यांकन, मीडिया अधिकारों, व्यावसायिक संभावनाओं और प्रतियोगिता के भविष्य के प्रारूप पर निर्भर करेगा।
द हंड्रेड के लिए भी बड़ा मौका
अगर प्रतियोगिता में दो नई टीमों को शामिल किया जाता है, तो यह द हंड्रेड के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव होगा। इससे लीग का भौगोलिक विस्तार होने के साथ-साथ नए दर्शक और नए कारोबारी बाजार भी जुड़ सकते हैं।
KRG जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समूह की दिलचस्पी इस बात का संकेत है कि द हंड्रेड को वैश्विक क्रिकेट कारोबार में बढ़ते अवसर के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि विस्तार और नई फ्रेंचाइजी को लेकर अंतिम फैसला अभी भविष्य में होना है।
फिलहाल KRG ने पिछली बार ट्रेंट रॉकेट्स में निवेश का मौका छोड़ दिया था, लेकिन अगर द हंड्रेड आठ से बढ़कर 10 टीमों की प्रतियोगिता बनता है, तो नाइट राइडर्स समूह फिर से इंग्लैंड की इस लीग में निवेश के लिए मैदान में उतर सकता है।











