कोलकाता हाईकोर्ट का अहम फैसला: बकरीद पर पशु वध नियमों पर सख्ती, गाय की कुर्बानी अनिवार्य नहीं

कलकत्ता हाईकोर्ट ने बकरीद से पहले पश्चिम बंगाल की पशु वध गाइडलाइन पर रोक से इनकार किया। गाय कुर्बानी जरूरी नहीं, सार्वजनिक वध पर पूरी तरह रोक जारी रहेगी।

Calcutta High Court ने बकरीद से पहले West Bengal सरकार की पशु वध गाइडलाइन पर रोक से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि गाय की कुर्बानी अनिवार्य नहीं है और सार्वजनिक स्थानों पर पशु वध पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

कोलकाता:  हाईकोर्ट ने बकरीद से पहले पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा जारी पशु वध संबंधी दिशा-निर्देशों पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश सुजय पॉल और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी की पीठ ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार का पशु वध कानून और नियमों के दायरे में ही किया जा सकता है।

कोर्ट ने कहा कि बिना वैध फिटनेस सर्टिफिकेट के गाय, भैंस, बैल या बछड़े का वध नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर पशु वध पर पूरी तरह प्रतिबंध जारी रहेगा।

गाय की कुर्बानी इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं: कोर्ट की टिप्पणी

सुनवाई के दौरान अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि ईद-उल-जुहा (बकरीद) के अवसर पर गाय की कुर्बानी इस्लाम धर्म का अनिवार्य (mandatory) हिस्सा नहीं है।

इस टिप्पणी के बाद यह मामला धार्मिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान किया जाएगा, लेकिन यह सार्वजनिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था के अधीन होगा।

सार्वजनिक स्थानों पर पशु वध पूरी तरह प्रतिबंधित

हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि खुले और सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी पशु का वध पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। केवल निर्धारित और अधिकृत स्लॉटरहाउस में ही पशु वध की अनुमति दी जाएगी।

यह निर्णय 2018 के कलकत्ता हाईकोर्ट के पुराने आदेश और गोहत्या कानून 1950 के प्रावधानों के आधार पर लिया गया है।

फिटनेस सर्टिफिकेट सिस्टम क्या है?

पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार, किसी भी मवेशी के वध से पहले ‘फिटनेस सर्टिफिकेट’ अनिवार्य होगा।

यह प्रमाणपत्र तब ही जारी किया जाएगा जब संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि:

  • पशु 14 वर्ष से अधिक आयु का है
  • पशु प्रजनन के लिए अनुपयुक्त है
  • पशु गंभीर रूप से बीमार या अपंग है
  • पशु असाध्य रोग से पीड़ित है

यह सर्टिफिकेट नगरपालिका प्रमुख, पंचायत समिति प्रमुख और सरकारी पशु चिकित्सक की संयुक्त सहमति से जारी किया जाएगा।

नियम उल्लंघन पर सख्त सजा का प्रावधान

सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत:

  • 6 महीने तक की जेल
  • ₹1000 तक का जुर्माना
  • या दोनों सजा एक साथ

इसके अलावा, यदि किसी को फिटनेस सर्टिफिकेट देने से इनकार किया जाता है, तो वह 15 दिनों के भीतर राज्य सरकार में अपील कर सकता है।

सार्वजनिक बूचड़खानों पर रोक

नई गाइडलाइन के अनुसार, अब पशु वध केवल अधिकृत नगरपालिका स्लॉटरहाउस या राज्य द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही किया जा सकेगा। अनधिकृत बूचड़खानों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

सरकार का दावा है कि यह कदम पशु क्रूरता रोकने और स्वच्छता मानकों को बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

इस फैसले के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। पूर्व तृणमूल कांग्रेस नेता और विधायक हुमायूं कबीर ने गाइडलाइन का विरोध करते हुए कहा है कि बकरीद पर कुर्बानी की परंपरा जारी रहेगी।

वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कहा है कि किसी भी कीमत पर अवैध स्लॉटरहाउस को अनुमति नहीं दी जाएगी और कानून का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

1. मीडिया को जानकारी साझा करने पर नई रोक

राज्य सरकार ने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि सरकारी कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति मीडिया से कोई भी जानकारी सीधे या परोक्ष रूप से साझा नहीं कर सकेंगे। इसे प्रशासनिक गोपनीयता मजबूत करने की दिशा में कदम बताया जा रहा है।

2. रथ हत्याकांड में एक और गिरफ्तारी

पश्चिम बंगाल में चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्या मामले में सीबीआई ने उत्तर प्रदेश के बलिया से नवीन कुमार सिंह (35) नाम के एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच अब और तेज कर दी गई है।

3. मदरसों में ‘वंदे मातरम’ अनिवार्य

राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए कहा है कि सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त मदरसों में ‘वंदे मातरम’ का गायन अनिवार्य होगा। यह नियम तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

4. फालता उपचुनाव में रिकॉर्ड मतदान

फालता विधानसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान (re-polling) के दौरान 88.13% मतदान दर्ज किया गया। यह आंकड़ा पिछले मतदान से अधिक है, जहां 86.71% वोटिंग हुई थी। चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण बताया।

5. आरजी कर मामले में SIT जांच के आदेश

कलकत्ता हाईकोर्ट ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप-मर्डर केस की जांच में गंभीरता को देखते हुए CBI को नए सिरे से SIT (Special Investigation Team) गठित करने का निर्देश दिया है। इस टीम की निगरानी CBI के पूर्वी क्षेत्र के जॉइंट डायरेक्टर करेंगे और रिपोर्ट 25 जून तक अदालत में पेश करनी होगी।

Leave a comment