कोटा के बोरखेड़ा क्षेत्र में रिटायर्ड प्रिंसिपल रामेश्वर रावत बाइक सहित खुले नाले में गिर गए, जिससे उनकी मौत हो गई। वे रिटायरमेंट पार्टी देकर लौट रहे थे और रातभर लापता रहे, सुबह उनका शव मिला।
कोटा: राजस्थान के कोटा शहर में एक दर्दनाक सड़क हादसे में रिटायर्ड प्रिंसिपल रामेश्वर रावत (60) की मौत हो गई। वे रिटायरमेंट की पार्टी देकर देर रात घर लौट रहे थे, तभी उनकी बाइक अनियंत्रित होकर खुले नाले में गिर गई। गुरुवार सुबह उनका शव बाइक के नीचे दबा हुआ मिला।
यह हादसा बोरखेड़ा थाना क्षेत्र की गोकुल कॉलोनी में हुआ, जिसने पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।
पार्टी के बाद घर लौटते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, रामेश्वर रावत सुभाष नगर द्वितीय क्षेत्र के निवासी थे और हाल ही में झाड़ गांव स्थित सरकारी स्कूल से प्रिंसिपल पद से रिटायर हुए थे। बुधवार को उन्होंने अपने परिचितों और स्टाफ के लिए एक विदाई और रिटायरमेंट पार्टी का आयोजन किया था।
पार्टी खत्म होने के बाद वे रात में घर के लिए निकले, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। परिवार के सदस्य लगातार उन्हें कॉल करते रहे, लेकिन उनका मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा था, जिससे चिंता और बढ़ गई।
रातभर तलाश करते रहे परिजन
परिजनों के अनुसार, रामेश्वर रावत बुधवार दोपहर करीब 3 बजे घर से समाज की बैठक में जाने की बात कहकर निकले थे। इसके बाद वे पार्टी में शामिल हुए और देर रात तक घर नहीं पहुंचे।
रातभर परिवार ने उन्हें खोजने की कोशिश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। सुबह तक मोबाइल बंद रहने के कारण परिजनों की चिंता और गहरी हो गई।
सुबह नाले में मिली बाइक, शव नीचे दबा मिला
गुरुवार सुबह गोकुल कॉलोनी के स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे एक खुले नाले में एक बाइक पड़ी देखी। संदेह होने पर उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंची बोरखेड़ा थाना पुलिस ने नाले से बाइक बाहर निकलवाई, जिसके नीचे एक व्यक्ति का शव दबा हुआ मिला। जांच में पुष्टि हुई कि मृतक रामेश्वर रावत ही थे।
पुलिस ने तत्काल शव को एमबीएस अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हादसे का कारण: बाइक का नियंत्रण खोना
प्रारंभिक जांच में पुलिस का मानना है कि रात के समय सड़क पर दृश्यता कम होने और खुले नाले की वजह से बाइक अनियंत्रित हो गई और सीधे नाले में गिर गई।

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस क्षेत्र में कई जगह खुले नाले और सुरक्षा बैरिकेड्स की कमी है, जिससे पहले भी छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं।
परिवार में शोक, प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
मृतक के भतीजे मनीष रावत ने बताया कि उनके चाचा हाल ही में रिटायर हुए थे और परिवार में खुशियों का माहौल था। लेकिन यह हादसा पूरे परिवार के लिए बड़ा सदमा बन गया है।
परिजनों ने नगर प्रशासन और कोटा विकास प्राधिकरण पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शहर में खुले नाले और खराब सड़क व्यवस्था के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।
पुलिस ने शुरू की जांच
बोरखेड़ा थाने के एएसआई धर्मवीर सिंह ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। शव को कब्जे में लेकर एमबीएस अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ।
दो महीने पहले हुए थे रिटायर
परिवार के अनुसार, रामेश्वर रावत केवल दो महीने पहले ही सरकारी सेवा से रिटायर हुए थे। उन्होंने शिक्षा विभाग में लंबे समय तक अपनी सेवाएं दी थीं और एक सम्मानित शिक्षक के रूप में जाने जाते थे।
उनकी अचानक मौत से शिक्षकों और स्थानीय समुदाय में भी शोक की लहर है।
खुले नालों पर फिर उठे सवाल
इस हादसे के बाद एक बार फिर शहर में खुले नालों और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगहों पर नाले बिना ढके हैं और रात के समय यह जानलेवा साबित हो सकते हैं।
लोगों ने मांग की है कि नगर निगम और संबंधित विभाग जल्द से जल्द ऐसे स्थानों पर सुरक्षा बैरिकेड्स और ढक्कन लगाने की व्यवस्था करें।
सड़क सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
यह घटना शहर में सड़क सुरक्षा और शहरी ढांचे की खामियों को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी क्षेत्रों में खुले नाले, खराब रोशनी और मेंटेनेंस की कमी ऐसे हादसों का बड़ा कारण बनते हैं।
उन्होंने सुझाव दिया है कि प्रशासन को नियमित निरीक्षण और सुधार कार्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए।











