बॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्री कृति सेनन आज हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्रियों में शामिल हैं। उनके करियर में सफल फिल्मों के साथ-साथ प्रतिष्ठित नेशनल अवॉर्ड भी जुड़ा है। अभिनय के अलावा वह अब प्रोडक्शन के क्षेत्र में भी कदम रख चुकी हैं।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: बॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्री कृति सेनन आज हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्रियों में शामिल हैं। उनके करियर में सफल फिल्मों के साथ-साथ प्रतिष्ठित नेशनल अवॉर्ड भी जुड़ा है। अभिनय के अलावा वह अब प्रोडक्शन के क्षेत्र में भी कदम रख चुकी हैं। हालांकि, यहां तक पहुंचने का उनका सफर बिल्कुल आसान नहीं रहा। कृति को शुरुआती दौर में रिजेक्शन, असुरक्षा और लंबे समय तक काम न मिलने जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
27 जुलाई 1990 को नई दिल्ली में जन्मी कृति सेनन का बचपन फिल्मी माहौल से दूर बीता। उनके पिता राहुल सेनन चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, जबकि उनकी मां गीता सेनन दिल्ली विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर रह चुकी हैं। कृति की छोटी बहन नूपुर सेनन भी मनोरंजन जगत में सक्रिय हैं।
इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद बदली जिंदगी
कृति ने दिल्ली के आरके पुरम स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल से शुरुआती शिक्षा हासिल की। इसके बाद उन्होंने नोएडा स्थित जेपी इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक किया। कृति ने एक इंटरव्यू में बताया था कि बचपन में उनका फिल्मों में आने का कोई सपना नहीं था। वह पढ़ाई में अच्छी थीं और स्वभाव से काफी शर्मीली थीं। स्टेज पर जाना या एक्टिंग करना भी उन्हें सहज नहीं लगता था। हालांकि, कॉलेज के दौरान एक सुझाव ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी।
किसी ने कृति को मॉडलिंग में हाथ आजमाने की सलाह दी। शुरुआत में उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन बाद में उन्होंने सोचा कि एक बार कोशिश करने में कोई नुकसान नहीं है। यही छोटा-सा फैसला आगे चलकर उनके अभिनय करियर की नींव बन गया।
बहन की खींची तस्वीरों से शुरू हुआ मॉडलिंग सफर
कृति के पास उस समय कोई प्रोफेशनल पोर्टफोलियो नहीं था। उनकी बहन नूपुर ने घर पर ही उनकी कुछ तस्वीरें क्लिक कीं। इन्हीं तस्वीरों को कृति ने एक फ्रेश फेस कॉन्टेस्ट के लिए भेजा। किस्मत ने उनका साथ दिया और वह प्रतियोगिता जीत गईं। इसके बाद उन्हें मशहूर फोटोग्राफर डब्बू रत्नानी के साथ पोर्टफोलियो शूट करने का मौका मिला। यहीं से कृति के लिए मॉडलिंग की दुनिया के दरवाजे खुलने लगे।
हालांकि, शुरुआती अनुभव बिल्कुल आसान नहीं थे। पहला फोटोशूट करते समय कृति काफी घबराई हुई थीं। उन्हें कैमरे के सामने पोज देने और एक्सप्रेशन समझने में परेशानी हो रही थी। शूट के बाद उन्हें लगा कि उन्होंने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया और वह घर जाकर रो पड़ीं।

पहले रैंप शो का अनुभव भी रहा मुश्किल
कृति का पहला रैंप शो भी यादगार लेकिन चुनौतीपूर्ण रहा। नर्वसनेस के कारण उनसे रैंप वॉक के दौरान गलती हो गई। शो के बाद उन्हें सबके सामने फटकार भी सुननी पड़ी। इस घटना से वह काफी आहत हुईं और रोते हुए घर लौटीं। उस समय उनकी मां ने उन्हें समझाया कि मनोरंजन की दुनिया में आगे बढ़ने के लिए आलोचना और असफलताओं का सामना करना सीखना होगा। लोगों की बातों से टूटने के बजाय उनसे सीखना जरूरी है। कृति के लिए यह सलाह आगे के करियर में काफी महत्वपूर्ण साबित हुई।
बॉलीवुड में एंट्री और शुरुआती संघर्ष
मॉडलिंग के बाद कृति ने अभिनय की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की और बाद में बॉलीवुड में पहचान बनाई। उनकी हिंदी फिल्मों में 'हीरोपंती', 'दिलवाले', 'बरेली की बर्फी', 'लुका छुपी' और 'मिमी' जैसी फिल्में शामिल हैं। हालांकि, सफलता मिलने के बाद भी उनका सफर हमेशा आसान नहीं रहा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक सफल फिल्म के बाद उन्हें लंबे समय तक काम का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान उन्हें कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा और कथित तौर पर इंडस्ट्री में मौजूद स्टार-किड्स को लेकर भी उन्होंने अपने अनुभव साझा किए हैं। हालांकि, कृति ने इन मुश्किलों के बावजूद अपने करियर पर ध्यान बनाए रखा।
जिस किरदार पर उठे सवाल, उसी ने दिलाया नेशनल अवॉर्ड
कृति सेनन के करियर का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव फिल्म 'मिमी' रहा। इस फिल्म में उन्होंने एक ऐसी महिला का किरदार निभाया, जो सरोगेसी के जरिए मां बनने का फैसला करती है। फिल्म और कृति के अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों से काफी सराहना मिली। 'मिमी' के लिए कृति सेनन को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला। यह उपलब्धि उनके करियर में एक बड़ा मोड़ साबित हुई और उन्होंने यह साबित किया कि मजबूत अभिनय क्षमता के दम पर वह केवल ग्लैमरस भूमिकाओं तक सीमित नहीं हैं।












