आगरा जिले की बाह विधानसभा उत्तर प्रदेश की उन सीटों में गिनी जाती है, जहां विकास की तस्वीर एक जैसी नहीं दिखती। एक ओर धार्मिक और पर्यटन महत्व रखने वाला बटेश्वर क्षेत्र लगातार विकास योजनाओं का लाभ उठा रहा है, वहीं दूसरी ओर चंबल के बीहड़ों से घिरे कई गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यही वजह है कि बाह विधानसभा का रिपोर्ट कार्ड विकास की दो अलग-अलग तस्वीरें सामने लाता है।
बाह क्षेत्र की पहचान केवल राजनीतिक नहीं बल्कि ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। बटेश्वर धाम में हर साल हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सड़क, घाट, प्रकाश व्यवस्था और अन्य सुविधाओं पर लगातार काम हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में बटेश्वर आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ी है, जिससे छोटे व्यापारियों और स्थानीय दुकानदारों को भी लाभ मिला है।
हालांकि जैसे-जैसे बटेश्वर से बीहड़ की ओर बढ़ते हैं, विकास की गति धीमी पड़ती नजर आती है। चंबल के किनारे बसे कई गांवों में आज भी पक्की सड़कें पूरी तरह नहीं पहुंच सकी हैं। बरसात के दिनों में कई संपर्क मार्ग खराब हो जाते हैं, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि सड़क, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाएं उनकी सबसे बड़ी जरूरत हैं।
विधायक द्वारा क्षेत्र में कई विकास कार्यों की शुरुआत कराई गई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, ग्रामीण संपर्क मार्गों के निर्माण, बिजली आपूर्ति में सुधार और सरकारी योजनाओं के लाभ को गांव-गांव तक पहुंचाने के प्रयास किए गए हैं। कई स्थानों पर सामुदायिक भवन, पंचायत भवन और सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण भी कराया गया है। इसके बावजूद दूर-दराज के बीहड़ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का कहना है कि विकास की रफ्तार अभी भी पर्याप्त नहीं है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी कुछ सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। कई सरकारी विद्यालयों में भवनों की मरम्मत, शौचालय निर्माण, पेयजल व्यवस्था और स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाओं पर काम हुआ है। हालांकि ग्रामीण इलाकों के कई स्कूल अब भी शिक्षकों की कमी और संसाधनों के अभाव से जूझ रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि बेहतर शिक्षा के लिए बच्चों को कस्बों या शहरों की ओर भेजना पड़ता है।
स्वास्थ्य सेवाओं की बात करें तो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाएं बढ़ाने के प्रयास हुए हैं, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी अब भी बड़ी समस्या बनी हुई है। गंभीर मरीजों को अक्सर आगरा शहर या अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने की जरूरत है।
कृषि बाह विधानसभा की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है। क्षेत्र के किसान सिंचाई, उर्वरक, फसल बीमा और मंडियों तक बेहतर पहुंच की मांग लंबे समय से करते रहे हैं। कुछ इलाकों में सिंचाई परियोजनाओं और नहरों के सुधार से राहत मिली है, लेकिन बीहड़ से जुड़े क्षेत्रों में खेती अब भी मौसम और जल उपलब्धता पर काफी हद तक निर्भर है।
पर्यटन के लिहाज से बटेश्वर का महत्व लगातार बढ़ रहा है। धार्मिक आयोजनों और मेलों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि पर्यटन से जुड़े होटल, पार्किंग, परिवहन और रोजगार के अवसरों को और विकसित किया जाए तो पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सकती है।
विपक्ष का आरोप है कि विकास कार्य मुख्य रूप से कस्बाई और धार्मिक क्षेत्रों तक सीमित रहे हैं, जबकि बीहड़ के कई गांव अभी भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। वहीं विधायक और समर्थकों का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद सड़क, बिजली, पेयजल, आवास और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में लगातार विकास कार्य कराए गए हैं और शेष परियोजनाओं पर भी काम जारी है।
स्थानीय नागरिकों की राय भी दो हिस्सों में बंटी हुई है। बटेश्वर और आसपास के क्षेत्रों के लोग पर्यटन और सड़क विकास को बड़ी उपलब्धि मानते हैं, जबकि बीहड़ के गांवों के निवासी चाहते हैं कि स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई और संपर्क मार्गों पर अधिक ध्यान दिया जाए। उनका कहना है कि जब तक दूरस्थ गांवों तक समान रूप से विकास नहीं पहुंचेगा, तब तक बाह विधानसभा का विकास अधूरा रहेगा।
कुल मिलाकर बाह विधानसभा का रिपोर्ट कार्ड यह दर्शाता है कि क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य हुए हैं और विशेष रूप से बटेश्वर में बुनियादी ढांचे में सुधार दिखाई देता है। दूसरी ओर चंबल के बीहड़ से जुड़े गांव आज भी बेहतर सड़क, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और रोजगार के अवसरों का इंतजार कर रहे हैं। आने वाले समय में यदि विकास योजनाओं का लाभ इन दूरस्थ क्षेत्रों तक समान रूप से पहुंचता है, तो बाह विधानसभा वास्तव में संतुलित और समावेशी विकास का उदाहरण बन सकती है।