कर्नाटक में सीएम पद को लेकर कांग्रेस में गुटबाजी, खरगे बोले- 'राहुल और सोनिया गांधी से मिलकर जल्द हल करेंगे विवाद'

कर्नाटक में सीएम पद को लेकर कांग्रेस में गुटबाजी, खरगे बोले- 'राहुल और सोनिया गांधी से मिलकर जल्द हल करेंगे विवाद'

कर्नाटक कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही खींचतान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। इस विवाद को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि सिद्धारमैया मुख्यमंत्री बने रहेंगे या कोई बदलाव होगा। 

नई दिल्ली: सिद्धारमैया कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने रहेंगे या इस पद पर बदलाव होगा, इसे लेकर जारी चर्चा थमने का नाम नहीं ले रही है। कर्नाटक कांग्रेस में सत्ता को लेकर चल रहा संघर्ष चरम पर पहुंच गया है। इसी बीच कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि वे जल्द ही इस समस्या का समाधान करेंगे।दरअसल, कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। 

मुख्यमंत्री पद को लेकर विवाद जारी रहने के कारण कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। वहीं, कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने भी अब इस सत्ता संघर्ष की बात स्वीकार कर ली है।

मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी विवाद

कर्नाटक कांग्रेस में सत्ता संघर्ष की खबरें पिछले कुछ हफ्तों से सामने आ रही हैं। पार्टी के भीतर दो प्रमुख गुट हैं: एक गुट सिद्धारमैया का समर्थन कर रहा है, जबकि दूसरा गुट मानता है कि डीके शिवकुमार को उनकी मेहनत के इनाम स्वरूप मुख्यमंत्री का कार्यभार मिलना चाहिए। यह विवाद 2023 में कांग्रेस की आश्चर्यजनक जीत के बाद और तेज हुआ, जब डीके शिवकुमार ने संकेत दिए थे कि वे सिद्धारमैया के साथ मुख्यमंत्री पद साझा करेंगे।

हालांकि, अब उस साझा कार्यकाल की समय सीमा समाप्त हो चुकी है और इस वजह से कांग्रेस के भीतर कुर्सी को लेकर सख्त बहस और गुटबाजी देखी जा रही है।

खरगे ने दिया आश्वासन

कांग्रेस पार्टी के सूत्रों के अनुसार, मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मैं इसे सुलझा लेंगे। हम 1 दिसंबर तक इसका समाधान निकाल लेंगे। मीडिया ने बताया कि अगले 48 घंटों में खरगे और राहुल गांधी की बैठक होगी, और इसके बाद सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार को दिल्ली बुलाया जा सकता है, जहां इस विवाद का अंतिम हल निकाला जाएगा।

कर्नाटक उन तीन राज्यों में शामिल है, जहां कांग्रेस का पूर्ण शासन है और आगामी दो साल में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसलिए राज्य में मुख्यमंत्री पद को लेकर गुटबाजी और भी अधिक संवेदनशील मानी जा रही है। सिद्धारमैया गुट का कहना है कि वे वर्तमान नेतृत्व और जनप्रियता के कारण मुख्यमंत्री पद पर बने रहना चाहते हैं। वहीं, डीके शिवकुमार गुट का तर्क है कि उनकी कड़ी मेहनत और पार्टी की जीत में योगदान को ध्यान में रखते हुए उन्हें मुख्यमंत्री का कार्यभार संभालना चाहिए।

Leave a comment